‘PLP से PLI तक बदली सोच’, पीएम मोदी बोले- भारत का भविष्य सुरक्षित तो दुनिया भी स्थिर

PM Modi ने कहा कि PLP से PLI तक भारत की सोच में बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि भारत का भविष्य सुरक्षित और मजबूत होगा तो दुनिया भी अधिक स्थिर रहेगी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उनकी सरकार युवाओं, महिलाओं, किसानों, गरीबों और मध्यम वर्ग के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करती रहेगी। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में सरकार की ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ और तेज रफ्तार से आगे बढ़ेगी और देश को विकसित भारत के लक्ष्य की ओर ले जाने के लिए सुधारों को गति दी जाएगी।

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि भारत आर्थिक और नीतिगत सुधारों के जरिए लगातार आगे बढ़ रहा है और सरकार आने वाले समय में सुधारों की गति को और तेज करेगी। उन्होंने कहा कि देश अब उस दौर से बाहर निकल चुका है, जब उत्पादन बढ़ाने वाली नीतियों के बजाय कंपनियों पर नियंत्रण और प्रतिबंधों का दबाव ज्यादा था। पीएम मोदी ने इसे ‘प्रोडक्शन-लिंक्ड पनिशमेंट’ यानी PLP का दौर बताया और मौजूदा प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) व्यवस्था को इसके बिल्कुल विपरीत बताया।

इकोनॉमिक टाइम्स वर्ल्ड लीडर्स फोरम में प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार का फोकस युवाओं, महिलाओं, किसानों, गरीबों और मध्यम वर्ग की जरूरतों पर बना रहेगा। उन्होंने ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की दिशा में सुधारों को जारी रखने का भरोसा दिलाते हुए कहा कि देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए नीतिगत बदलाव लगातार किए जाएंगे।

‘PLP से PLI तक बदली सोच’

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में पुराने लाइसेंस राज की नीतियों पर निशाना साधते हुए कहा कि उस दौर में उत्पादन बढ़ाने के लिए कंपनियों को प्रोत्साहित करने के बजाय कई बार उन्हें अतिरिक्त उत्पादन के लिए दंडित किया जाता था। उन्होंने इस व्यवस्था को ‘प्रोडक्शन-लिंक्ड पनिशमेंट’ की संज्ञा दी। इसके विपरीत, मौजूदा PLI योजनाओं में ‘I’ का अर्थ Incentive यानी प्रोत्साहन है। प्रधानमंत्री के मुताबिक, इस नीति का उद्देश्य कंपनियों को ज्यादा उत्पादन, निवेश और निर्यात के लिए प्रोत्साहित करना है।

उन्होंने कहा कि नीतियां ऐसी होनी चाहिए जो देश की जरूरतों के अनुरूप हों, न कि देश को नीतियों के हिसाब से ढालने की कोशिश की जाए। प्रधानमंत्री ने दावा किया कि PLI जैसी योजनाओं ने भारत में निवेश आकर्षित करने, रोजगार के अवसर पैदा करने और निर्यात बढ़ाने में योगदान दिया है।

‘भारत दुनिया के लिए ब्राइट स्पॉट’

वैश्विक स्तर पर बढ़ती आर्थिक और भू-राजनीतिक चुनौतियों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को दुनिया एक ‘ब्राइट स्पॉट’ यानी उम्मीद की किरण के रूप में देख रही है। उन्होंने भारत की आर्थिक वृद्धि और गरीबी में कमी को देश की प्रगति के प्रमुख संकेतकों के तौर पर पेश किया। पीएम मोदी ने कहा कि भारत की आर्थिक क्षमता बढ़ने के साथ दुनिया की स्थिरता में भी देश की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। उनके अनुसार, आज दुनिया कई तरह की अनिश्चितताओं, आपूर्ति श्रृंखला की चुनौतियों और संसाधनों को लेकर बढ़ते तनाव का सामना कर रही है।

उन्होंने कहा कि यदि भारत का भविष्य सुरक्षित और मजबूत रहता है, तो इससे वैश्विक स्थिरता को भी मजबूती मिल सकती है। विकसित भारत केवल देश के नागरिकों के लिए समृद्धि का लक्ष्य नहीं है, बल्कि इसका प्रभाव वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है।

आत्मनिर्भर भारत पर विपक्ष को जवाब

प्रधानमंत्री ने ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को लेकर विपक्ष की आलोचनाओं का भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भरता का लक्ष्य भारत को वैश्विक अर्थव्यवस्था से अलग करना नहीं, बल्कि देश की घरेलू उत्पादन क्षमता और प्रतिस्पर्धात्मक ताकत को बढ़ाना है। उनके मुताबिक, मजबूत घरेलू मैन्युफैक्चरिंग से रोजगार बढ़ सकते हैं और आयात पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है। उन्होंने दावा किया कि भारत ने कई क्षेत्रों में उत्पादन और निर्यात क्षमता को मजबूत किया है।

युवाओं और रोजगार पर सरकार का फोकस

पीएम मोदी ने कहा कि सरकार की प्राथमिकताओं में युवा, महिलाएं, किसान, गरीब और मध्यम वर्ग लगातार केंद्र में रहेंगे। आर्थिक सुधारों का उद्देश्य सिर्फ विकास दर बढ़ाना नहीं, बल्कि रोजगार और अवसरों का विस्तार करना भी है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियां केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं हैं। उनके अनुसार, केंद्र का प्रयास ऐसी योजनाएं लागू करने का है जिनका असर लंबे समय तक दिखाई दे और देश की आर्थिक क्षमता में स्थायी सुधार आए।

‘सिर्फ चुनावी घोषणाओं तक सीमित नहीं सुधार’

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार का दृष्टिकोण केवल सुर्खियां हासिल करने या चुनाव से पहले ऐसी घोषणाएं करने तक सीमित नहीं है, जिन पर बाद में अमल न हो। उन्होंने दीर्घकालिक सुधारों को आर्थिक विकास का आधार बताया। PLI योजनाओं का उदाहरण देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि इनसे निवेश को आकर्षित करने, उत्पादन बढ़ाने और रोजगार के अवसर पैदा करने में मदद मिली है। उन्होंने कहा कि सरकार आने वाले समय में भी सुधारों की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगी।

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