पंजाब की राजनीति में मुख्यमंत्री Bhagwant Mann के कथित वीडियो को लेकर विवाद गहरा गया है। इस मुद्दे पर Indian National Congress ने राज्य सरकार और मुख्यमंत्री पर तीखा हमला बोला है।
चंडीगढ़: पंजाब की राजनीति में नया विवाद सामने आने के बाद मुख्यमंत्री Bhagwant Mann विपक्ष के निशाने पर आ गए हैं। कांग्रेस पार्टी ने मुख्यमंत्री के खिलाफ तीखा रुख अपनाते हुए उनके इस्तीफे, मामले की स्वतंत्र जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग की है। यह विवाद एक कथित वायरल वीडियो और उससे जुड़ी फोरेंसिक रिपोर्टों को लेकर पैदा हुआ है, जिसने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है।
राजनीतिक तनाव उस समय और बढ़ गया जब कांग्रेस नेताओं ने मुख्यमंत्री पर धार्मिक भावनाओं को आहत करने और मामले में पारदर्शिता की कमी के आरोप लगाए। वहीं मुख्यमंत्री ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए पूरे विवाद को राजनीतिक साजिश और दुष्प्रचार करार दिया है।
कांग्रेस ने उठाए गंभीर सवाल
पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने प्रेस वार्ताओं और सार्वजनिक बयानों के माध्यम से मुख्यमंत्री पर निशाना साधा है। कांग्रेस का कहना है कि विवादित मामले में कई ऐसे सवाल हैं जिनका स्पष्ट जवाब अभी तक सामने नहीं आया है। पूर्व मुख्यमंत्री Charanjit Singh Channi ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि आरोपों में सच्चाई पाई जाती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सार्वजनिक पद पर बैठे व्यक्ति से उच्च स्तर की जवाबदेही अपेक्षित होती है।
वहीं पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष Amrinder Singh Raja Warring ने मुख्यमंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ने की मांग की। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
अकाल तख्त के आदेश के बाद बढ़ा विवाद
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मामले ने उस समय नया मोड़ ले लिया जब Akal Takht की ओर से मुख्यमंत्री से जुड़े विवाद पर टिप्पणी सामने आई। धार्मिक और सामाजिक संगठनों की प्रतिक्रियाओं ने इस मुद्दे को केवल राजनीतिक बहस तक सीमित नहीं रहने दिया, बल्कि इसे व्यापक सार्वजनिक चर्चा का विषय बना दिया। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि मामले से जुड़े तथ्यों को लेकर कई विरोधाभासी दावे सामने आए हैं। उनका कहना है कि जनता के सामने पूरी सच्चाई लाने के लिए स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
इस विवाद के बीच हरियाणा पुलिस ने एक अलग लेकिन संबंधित मामले में कार्रवाई करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उन्होंने कथित तौर पर वायरल वीडियो से जुड़े मामले में फर्जी फोरेंसिक दस्तावेज तैयार कराने या उपलब्ध कराने का प्रयास किया। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कथित फर्जी दस्तावेज किस उद्देश्य से तैयार किए गए और इसके पीछे कौन लोग शामिल थे। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने आरोपों को बताया दुष्प्रचार
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। उनका कहना है कि वायरल वीडियो और उससे जुड़े दावे उनकी राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से फैलाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री के समर्थकों और आम आदमी पार्टी के नेताओं का कहना है कि विपक्ष राजनीतिक लाभ हासिल करने के लिए इस मुद्दे को बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रहा है। उनका दावा है कि जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।









