व्यापारी बनकर पहुंची पुलिस ने इनामी तस्कर को अनाज मंडी से दबोचा: तीन साल से फरार काट रहा था आरोपी

जोधपुर ANTF ने ऑपरेशन मदमारुत के तहत तीन साल से फरार 25 हजार के इनामी ड्रग तस्कर समीर को ब्यावर से गिरफ्तार किया। पुलिस ने व्यापारी बनकर जाल बिछाया और घेराबंदी

राजस्थान एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने ऑपरेशन मदमारुत के तहत तीन साल से फरार 25 हजार रुपये के इनामी ड्रग तस्कर समीर खान को ब्यावर से गिरफ्तार किया। पुलिस ने व्यापारी बनकर सुराग जुटाया और घेराबंदी कर आरोपी को दबोच लिया।

जोधपुर: राजस्थान पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान 'ऑपरेशन मदमारुत' के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। करीब तीन वर्षों से फरार चल रहे और 25 हजार रुपये के इनामी ड्रग तस्कर समीर खान को राजस्थान के ब्यावर से गिरफ्तार कर लिया गया है।

पुलिस के अनुसार, आरोपी राज्य के वांछित मादक पदार्थ तस्करों की सूची में शामिल था और लंबे समय से गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था। उसे पकड़ने के लिए पुलिस ने कई राज्यों में गुप्त अभियान चलाया और आखिरकार एक सुनियोजित रणनीति के तहत उसे गिरफ्तार करने में सफलता मिली। यह कार्रवाई संगठित ड्रग नेटवर्क के खिलाफ राजस्थान पुलिस की बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

मध्य प्रदेश से राजस्थान तक फैला था तस्करी का नेटवर्क

एएनटीएफ के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी समीर खान मध्य प्रदेश के रतलाम जिले का रहने वाला है। पुलिस का कहना है कि उसने कम उम्र में पढ़ाई छोड़ दी थी और शुरुआत में मजदूरी का काम करता था।

जांच के मुताबिक, बाद में उसने अपने एक रिश्तेदार के संपर्क में आकर मादक पदार्थों की तस्करी के नेटवर्क से जुड़ना शुरू किया। धीरे-धीरे उसने मध्य प्रदेश से राजस्थान तक स्मैक की आपूर्ति करने का नेटवर्क विकसित कर लिया। पुलिस का आरोप है कि उसने विभिन्न जिलों में स्थानीय एजेंट तैयार किए थे, जिनके माध्यम से अवैध मादक पदार्थों की सप्लाई की जाती थी।

एजेंट की गिरफ्तारी से खुला नेटवर्क

पुलिस के अनुसार, वर्ष 2024 में राजस्थान के फलोदी जिले के बाप थाना क्षेत्र में एक संदिग्ध व्यक्ति को स्मैक के साथ गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपी ने कथित तौर पर समीर खान का नाम मुख्य सप्लायर के रूप में बताया। इसके बाद जांच एजेंसियों ने समीर की तलाश शुरू की, लेकिन वह गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार हो गया। पुलिस का कहना है कि फरारी के दौरान उसने अपनी पहचान छिपाकर मजदूरी और वाहन चालक के रूप में काम करना शुरू कर दिया, ताकि कानून प्रवर्तन एजेंसियों की नजर से बच सके।

स्लेट-पेंसिल फैक्ट्री तक पहुंची पुलिस

समीर की तलाश में जुटी एएनटीएफ टीम को सूचना मिली कि वह मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले के मुल्तानपुरा क्षेत्र में स्थित एक स्लेट-पेंसिल फैक्ट्री में काम कर रहा है। प्रत्यक्ष कार्रवाई करने के बजाय पुलिस ने गोपनीय रणनीति अपनाई। जांच टीम ने स्वयं को व्यापारियों के रूप में प्रस्तुत किया और फैक्ट्री क्षेत्र में पहुंचकर बड़ी मात्रा में माल खरीदने तथा उसे राजस्थान के जयपुर भेजने की इच्छा जताई।

इस बहाने पुलिस विभिन्न फैक्ट्रियों में आने-जाने लगी और कर्मचारियों से बातचीत करते हुए समीर के बारे में जानकारी जुटाने लगी। यह रणनीति सफल रही और पुलिस को आरोपी के वर्तमान कार्यस्थल तथा उसकी गतिविधियों की पुष्टि मिल गई।

फैक्ट्री मालिक से मिली अहम जानकारी

जांच के दौरान एक फैक्ट्री संचालक ने पुलिस टीम को बताया कि उनके यहां समीर नाम का चालक पिकअप वाहन चलाता है। फैक्ट्री मालिक ने यह भी बताया कि वह उसी दिन माल लेकर राजस्थान के ब्यावर स्थित अनाज मंडी गया हुआ है। सूचना मिलते ही मंदसौर में मौजूद एएनटीएफ टीम ने तत्काल राजस्थान में तैनात अपनी दूसरी टीम को अलर्ट किया और आरोपी की संभावित लोकेशन साझा की।

ब्यावर मंडी में की गई घेराबंदी

सूचना के आधार पर एएनटीएफ की टीम ब्यावर की अनाज मंडी पहुंची और वहां खड़े विभिन्न वाहनों के पंजीकरण नंबरों की जांच शुरू की। कुछ देर बाद पुलिस को मध्य प्रदेश पंजीकरण नंबर वाली एक पिकअप दिखाई दी, जो मंडी के पीछे स्थित बारदाना गोदाम के पास खड़ी थी। वाहन के पास दो व्यक्ति बैठे हुए थे।

व्यापारी बनकर पहुंची पुलिस ने इनामी तस्कर को अनाज मंडी से दबोचा: तीन साल से फरार काट रहा था आरोपी

पहचान की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी की और बिना किसी बड़े प्रतिरोध के समीर खान को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को आगे की पूछताछ और कानूनी कार्रवाई के लिए हिरासत में लिया गया।

तीन वर्षों से गिरफ्तारी से बच रहा था आरोपी

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, समीर खान पिछले लगभग तीन वर्षों से विभिन्न स्थानों पर अपनी पहचान बदलकर रह रहा था। वह लगातार अपने ठिकाने बदलता रहा और सामान्य मजदूर तथा वाहन चालक के रूप में काम करता रहा, जिससे उस पर किसी को संदेह न हो एएनटीएफ का कहना है कि लंबे समय तक निगरानी, तकनीकी विश्लेषण और मानव स्रोतों से मिली सूचनाओं के आधार पर ही उसकी गिरफ्तारी संभव हो सकी।

ऑपरेशन 'मदमारुत' के तहत लगातार कार्रवाई

राजस्थान पुलिस राज्य में नशीले पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाने के लिए विशेष अभियान 'ऑपरेशन मदमारुत' चला रही है। इस अभियान का उद्देश्य अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क, बड़े सप्लायरों, वित्तीय लेनदेन और अवैध तस्करी से जुड़े संगठित गिरोहों के खिलाफ कार्रवाई करना है।
हाल के महीनों में इस अभियान के तहत कई जिलों में छापेमारी, गिरफ्तारी और अवैध मादक पदार्थों की बरामदगी की गई है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा और किसी भी स्तर पर ड्रग नेटवर्क को संचालित करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

आगे की जांच में जुटी पुलिस

गिरफ्तारी के बाद अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि आरोपी का नेटवर्क किन-किन राज्यों तक फैला हुआ था। पुलिस उसके संपर्कों, कथित सहयोगियों, वित्तीय लेनदेन और सप्लाई चेन की जांच कर रही है। इसके अलावा यह भी पता लगाया जा रहा है कि फरारी के दौरान उसे किन लोगों से सहायता मिली। अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ से ड्रग तस्करी के बड़े नेटवर्क से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।

जनता से सहयोग की अपील

राजस्थान एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध गतिविधियों या संदिग्ध अपराधियों के बारे में कोई जानकारी मिले तो वह तुरंत पुलिस को सूचित करे। पुलिस का कहना है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और प्राप्त जानकारी के आधार पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।

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