पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की जयंती पर पीएम मोदी ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। अमित शाह और योगी आदित्यनाथ ने भी उनके योगदान और लोकतंत्र के प्रति समर्पण को याद किया। मुखर्जी के ज्ञान और नेतृत्व को सभी ने सराहा।
Pranab Mukherjee Birth Anniversary: पूर्व राष्ट्रपति और भारत रत्न प्रणब मुखर्जी की जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें याद किया और उनके सार्वजनिक जीवन में योगदान को सराहा। पीएम मोदी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि प्रणब मुखर्जी एक महान राजनेता और असाधारण विद्वान थे, जिन्होंने दशकों तक अटूट समर्पण के साथ देश की सेवा की। उनके ज्ञान और स्पष्ट सोच ने भारतीय लोकतंत्र को हमेशा समृद्ध किया और उनके साथ संवाद करने का अवसर मिलना एक सौभाग्यपूर्ण अनुभव था।
प्रधानमंत्री मोदी का श्रद्धांजलि संदेश
पीएम मोदी ने प्रणब मुखर्जी को याद करते हुए कहा कि उनके योगदान ने भारत के सार्वजनिक जीवन को गहराई और मजबूती दी। मोदी ने उल्लेख किया कि प्रणब मुखर्जी की नीति निर्माण और प्रशासनिक समझ ने भारत की लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को नई दिशा दी। उन्होंने यह भी लिखा कि प्रणब बाबू की दूरदृष्टि और समर्पण हर नागरिक के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
प्रधानमंत्री ने उनके लंबे राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन में निभाई गई भूमिकाओं को भी याद किया। उन्होंने कहा कि प्रणब मुखर्जी ने हमेशा संविधान और लोकतंत्र के मूल्यों को सर्वोपरि रखा और कठिन समय में भी संतुलित और विवेकपूर्ण निर्णय लिए।
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की श्रद्धांजलि
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी प्रणब मुखर्जी की जयंती पर उन्हें याद किया। शाह ने उन्हें ऐसे राजनेता के रूप में याद किया जिनकी संविधान की गहरी समझ और सार्वजनिक सेवा ने भारत के शासन पर अमिट छाप छोड़ी। अमित शाह ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “भारत के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी जी को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि। सार्वजनिक सेवा के प्रति समर्पित नेता, मुखर्जी जी की संविधान की गहन समझ ने सार्वजनिक पदों पर उनके कार्यकाल को परिभाषित किया। उनका जीवन और कार्य हमारी लोकतांत्रिक यात्रा को प्रेरित करते रहेंगे।”
शाह ने यह भी कहा कि प्रणब मुखर्जी ने हमेशा देश और समाज के हित को सर्वोपरि रखा। उनके निर्णय और कार्य न केवल तत्काल प्रशासनिक चुनौतियों को सुलझाते थे, बल्कि दीर्घकालिक दृष्टि के साथ देश की नीति और प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करते थे।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जताई श्रद्धांजलि
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी प्रणब मुखर्जी को उनकी जयंती पर याद किया। उन्होंने लिखा, “पूर्व राष्ट्रपति, भारत रत्न प्रणब मुखर्जी की जयंती पर उन्हें मेरी हार्दिक श्रद्धांजलि। उनकी दूरदृष्टि, सादगी और राष्ट्रहित के प्रति समर्पण भारतीय लोकतंत्र के लिए अमूल्य धरोहर हैं।”
योगी आदित्यनाथ ने प्रणब मुखर्जी के व्यक्तित्व और नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखा और अपने कार्यकाल में नीति निर्माण और प्रशासनिक निर्णयों में संतुलन बनाए रखा। उनके योगदान ने उत्तर प्रदेश और पूरे देश में लोकतंत्र और प्रशासनिक प्रणाली को सुदृढ़ किया।
प्रणब मुखर्जी का गौरवशाली सार्वजनिक जीवन
प्रणब मुखर्जी ने 2012 से 2017 तक भारत के 13वें राष्ट्रपति के रूप में कार्य किया। उन्हें देश के सबसे कुशल प्रशासकों में से एक माना जाता है। उनके लंबे सार्वजनिक जीवन में उन्होंने नीतियों को आकार देने, राजनीतिक विवादों का समाधान करने और प्रशासनिक सुधारों में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
प्रणब मुखर्जी सर्वसम्मति स्थापित करने में माहिर थे। उनके नेतृत्व में कई जटिल राजनीतिक और प्रशासनिक मुद्दों का समाधान किया गया। वे हमेशा संवैधानिक मूल्यों और लोकतांत्रिक संस्थाओं का सम्मान करते थे और अपने निर्णयों में निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखते थे।









