पूर्वी यूक्रेन के लुहांस्क पर रूस का कब्जा, यूक्रेन ने दावे को किया खारिज

रूस ने पूर्वी यूक्रेन के लुहांस्क पर कब्जे का दावा किया, जबकि यूक्रेन ने इसे खारिज किया। युद्ध में ड्रोन हमले और उत्तर कोरिया की भागीदारी से हालात तनावपूर्ण हैं

रूस ने लुहांस्क पर पूर्ण नियंत्रण का दावा किया है, लेकिन यूक्रेन ने इसे खारिज किया। डोनबास में युद्ध जारी है। रूस ने ड्रोन हमले तेज किए, उत्तर कोरिया की सेना शामिल है और यूरोप में सुरक्षा चिंताएँ बढ़ीं।

World News: पूर्वी यूक्रेन के लुहांस्क क्षेत्र पर रूस ने पूरी तरह कब्जा जमा लेने का दावा किया है। रूस के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसकी पश्चिमी सैन्य समूह की इकाइयों ने लुहांस्क को पूरी तरह मुक्त करा लिया है। यह वही इलाका है जिस पर 2022 में रूस ने आक्रमण शुरू किया था, लेकिन तब इसे हासिल नहीं कर पाया था। हालांकि, यूक्रेन ने इस दावे की पुष्टि नहीं की है, जिससे जमीन पर वास्तविक स्थिति को लेकर संदेह बना हुआ है।

डोनबास में रूसी दावे

रूस ने लुहांस्क के अलावा खारकीव और जापोरिजिया के कुछ गांवों पर भी कब्जे का दावा किया है। लुहांस्क और दोनेत्स्क मिलकर डोनबास क्षेत्र बनाते हैं, जो इस युद्ध का सबसे बड़ा रणक्षेत्र है। पहले ही लुहांस्क का 99 प्रतिशत हिस्सा रूस के नियंत्रण में था और अब वह इसे पूरी तरह अपना बताने की कोशिश कर रहा है। रूस ने यूक्रेन पर डोनबास से अपनी सेना हटाने का दबाव भी बढ़ा दिया है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा कि यह कदम पहले ही उठाया जाना चाहिए था ताकि युद्ध का गर्म दौर खत्म हो सके।

यूक्रेन की सख्त प्रतिक्रिया

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने रूस की मांग को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि रूस का यह सोचना ही गलत है कि वह इतने कम समय में पूरे डोनबास पर कब्जा कर सकता है। जेलेंस्की ने स्पष्ट किया कि यूक्रेन कूटनीतिक समाधान चाहता है, लेकिन युद्धविराम केवल मौजूदा मोर्चों की स्थिति पर ही संभव है। उन्होंने यह भी बताया कि रूस ने अमेरिका के सामने अल्टीमेटम रखा है कि यदि यूक्रेन दो महीने में डोनबास से सेना नहीं हटाता तो शांति वार्ता की शर्तें और सख्त कर दी जाएंगी।

जमीनी हालात और नागरिकों पर असर

पूर्वी यूक्रेन के लुहांस्क पर रूस का कब्जा, यूक्रेन ने दावे को किया खारिज

लुहांस्क में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। रूस ने रात भर सैकड़ों ड्रोन से हमले किए। खेरसोन क्षेत्र में एक नागरिक कार पर हमले में दो महिलाओं की मौत हो गई। लुत्स्क शहर में एक गोदाम में आग लगी और आसमान में धुएं का गुबार फैल गया। जेलेंस्की ने कहा कि रूस ने तीन सौ से ज्यादा ड्रोन दागे। उन्होंने तंज करते हुए कहा कि हमने ईस्टर पर युद्धविराम का प्रस्ताव दिया था, जवाब में हमें ड्रोन हमले मिले।

यूक्रेन की जवाबी कार्रवाई

यूक्रेन भी पीछे हटने को तैयार नहीं है। उसने रूस के बाल्टिक सागर के महत्वपूर्ण बंदरगाह उस्त लुगा पर ड्रोन हमला किया, जिससे रूस के कच्चे तेल के निर्यात पर असर पड़ सकता है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि यूक्रेन के ड्रोन अब दूसरे देशों की सीमाओं तक पहुंच रहे हैं। एस्टोनिया, फिनलैंड और लातविया में ड्रोन के मलबे मिलने से पूरे यूरोप में चिंता बढ़ गई है। हालांकि यूक्रेन ने कहा कि उसका उद्देश्य इन देशों को निशाना बनाना नहीं था।

उत्तर कोरिया की भागीदारी

इस युद्ध का दायरा और खतरनाक हो गया है क्योंकि उत्तर कोरिया भी इसमें खुलकर शामिल हो चुका है। प्योंगयांग ने रूस की मदद के लिए हजारों सैनिक भेजे हैं। रिपोर्ट के अनुसार लगभग दो हजार उत्तर कोरियाई सैनिक मारे जा चुके हैं। उत्तर कोरिया अपने मारे गए सैनिकों के लिए स्मारक बना रहा है और उनके अवशेषों को दफनाने की तैयारी कर रहा है। किम जोंग उन ने इसे देशभक्ति की मिसाल बताया है। बदले में रूस उत्तर कोरिया को आर्थिक मदद, सैन्य तकनीक और ऊर्जा प्रदान कर रहा है, जिससे वह अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों को दरकिनार कर रहा है।

रूस के अंदर नियंत्रण

रूस अपने ही देश में भी नियंत्रण बढ़ा रहा है। खबर है कि पंद्रह अप्रैल तक वीपीएन सेवाओं को बंद किया जा सकता है ताकि लोग सेंसरशिप से बच न सकें। साथ ही एक नया कानून लागू किया गया है, जिसके तहत सुरक्षा एजेंसी को बिना अनुमति किसी भी संस्था का डेटा हासिल करने का अधिकार मिल गया है। इसका मतलब है कि आम नागरिकों और कंपनियों की जानकारी अब सीधे सरकार के पास होगी। इसी बीच रूस के एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी की विमान दुर्घटना में मौत हो गई, जो 2022 के बाद से मारे गए रूसी जनरलों की संख्या को बढ़ाता है।

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