राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का यूरोप दौरा शुरू, मोल्दोवा, नॉर्थ मैसेडोनिया और रोमानिया से मजबूत होंगे भारत के संबंध

द्रौपदी मुर्मू मोल्दोवा, नॉर्थ मैसेडोनिया और रोमानिया की राजकीय यात्रा पर रवाना हुईं। दौरे का उद्देश्य पूर्वी यूरोप के देशो से भारत के संबंध मजबूत करना।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू तीन यूरोपीय देशों मोल्दोवा, नॉर्थ मैसेडोनिया और रोमानिया की राजकीय यात्रा पर रवाना हो गई हैं। इस दौरे का उद्देश्य भारत के कूटनीतिक, आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को मजबूत करना तथा नए सहयोग के अवसर तलाशना है।

नई दिल्ली: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू रविवार को तीन यूरोपीय देशों मोल्दोवा, नॉर्थ मैसेडोनिया और रोमानिया की राजकीय यात्रा के लिए रवाना हो गई हैं। यह दौरा भारत की विदेश नीति में पूर्वी यूरोप के महत्व को दर्शाता है और इसका उद्देश्य इन देशों के साथ राजनीतिक, आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करना है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, राष्ट्रपति मुर्मू की यह यात्रा कई मायनों में ऐतिहासिक है। यह पहली बार है जब भारत के किसी राष्ट्रपति की यात्रा मोल्दोवा और नॉर्थ मैसेडोनिया में हो रही है। वहीं, रोमानिया की यह तीन दशक से अधिक समय बाद किसी भारतीय राष्ट्रपति की पहली यात्रा होगी।

मोल्दोवा यात्रा से होगी शुरुआत

राष्ट्रपति मुर्मू अपनी यात्रा की शुरुआत 20 जुलाई से मोल्दोवा से करेंगी। यह दौरा मोल्दोवा की राष्ट्रपति माइया सांडू के निमंत्रण पर हो रहा है। मोल्दोवा में राष्ट्रपति मुर्मू वहां की राष्ट्रपति से द्विपक्षीय वार्ता करेंगी। इसके अलावा वह मोल्दोवा संसद के अध्यक्ष इगोर ग्रोसू से भी मुलाकात करेंगी। यात्रा के दौरान वह मोल्दोवा-भारत संसदीय मैत्री समूह के सदस्यों से बातचीत करेंगी और व्यापारिक समुदाय को भी संबोधित करेंगी। 

भारत और मोल्दोवा के बीच लंबे समय से मैत्रीपूर्ण संबंध रहे हैं। दोनों देश कृषि, स्वास्थ्य सेवा, फार्मास्यूटिकल्स, सूचना प्रौद्योगिकी और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएं तलाश रहे हैं। विदेश मंत्रालय का मानना है कि राष्ट्रपति की यह ऐतिहासिक यात्रा दोनों देशों के संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी की दिशा में आगे बढ़ाने में मदद कर सकती है।

नॉर्थ मैसेडोनिया में पहली राष्ट्रपति यात्रा

मोल्दोवा के बाद राष्ट्रपति मुर्मू 21 और 22 जुलाई को नॉर्थ मैसेडोनिया जाएंगी। यह भी किसी भारतीय राष्ट्रपति की इस देश की पहली यात्रा होगी। यह दौरा नॉर्थ मैसेडोनिया के राष्ट्रपति गोर्डाना सिलजानोव्स्का-दावकोवा के निमंत्रण पर हो रहा है। यात्रा के दौरान राष्ट्रपति मुर्मू राष्ट्रपति सिलजानोव्स्का-दावकोवा और प्रधानमंत्री ह्रिस्टिजान मिकोस्की से मुलाकात करेंगी।

इसके अलावा वह नॉर्थ मैसेडोनिया की संसद के अध्यक्ष से भी चर्चा करेंगी और वहां की संसद को संबोधित करेंगी। भारत-नॉर्थ मैसेडोनिया बिजनेस फोरम में भी राष्ट्रपति के शामिल होने का कार्यक्रम है। दोनों देशों के बीच कृषि, दवा उद्योग, विज्ञान एवं तकनीक, सूचना प्रौद्योगिकी और आईटी आधारित सेवाओं में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होने की संभावना है।

रोमानिया दौरे पर आर्थिक सहयोग पर जोर

राष्ट्रपति मुर्मू की यात्रा का अंतिम चरण रोमानिया में होगा। वह 23 से 25 जुलाई तक रोमानिया में रहेंगी। यह यात्रा रोमानिया के राष्ट्रपति निकुशोर डैन के निमंत्रण पर हो रही है। तीन दशक से अधिक समय बाद किसी भारतीय राष्ट्रपति की रोमानिया यात्रा दोनों देशों के रिश्तों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। रोमानिया में राष्ट्रपति मुर्मू राष्ट्रपति निकुशोर डैन और कार्यवाहक प्रधानमंत्री इलिए बोलोजान से मुलाकात करेंगी। 

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का यूरोप दौरा शुरू, मोल्दोवा, नॉर्थ मैसेडोनिया और रोमानिया से मजबूत होंगे भारत के संबंध

इसके अलावा वह रोमानियाई सीनेट के अध्यक्ष मिर्चा अब्रुडेन, चैंबर ऑफ डेप्युटीज के अध्यक्ष सोरिन ग्रिंडियानु और भारत-रोमानिया संसदीय मैत्री समूह के सदस्यों से बातचीत करेंगी। राष्ट्रपति भारत-रोमानिया बिजनेस फोरम को भी संबोधित करेंगी और वहां रह रहे भारतीय समुदाय के लोगों से मुलाकात करेंगी।

भारत-यूरोपीय संघ संबंधों में रोमानिया की भूमिका

विदेश मंत्रालय ने कहा है कि रोमानिया यूरोपीय संघ में भारत का एक महत्वपूर्ण साझेदार है। दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने की बड़ी संभावनाएं मौजूद हैं। भारत और यूरोपीय संघ के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (Free Trade Agreement) को भी आर्थिक संबंधों के विस्तार के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रोमानिया इस प्रक्रिया में भारत के लिए एक अहम साझेदार की भूमिका निभा सकता है।

व्यापार और निवेश बढ़ाने पर रहेगा ध्यान

राष्ट्रपति मुर्मू की इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य केवल राजनीतिक संवाद तक सीमित नहीं है, बल्कि व्यापार, निवेश, तकनीक और लोगों के बीच संपर्क को बढ़ावा देना भी है। भारत लगातार यूरोप के विभिन्न देशों के साथ अपने संबंधों को मजबूत करने पर ध्यान दे रहा है। पूर्वी यूरोप के देश भारत के लिए व्यापार, ऊर्जा, तकनीक और रणनीतिक सहयोग के लिहाज से महत्वपूर्ण बनते जा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस यात्रा से भारत को यूरोप के इस क्षेत्र में अपनी मौजूदगी मजबूत करने में मदद मिलेगी।

भारतीय समुदाय से भी करेंगी संवाद

विदेश यात्राओं के दौरान राष्ट्रपति मुर्मू भारतीय समुदाय के लोगों से संवाद करती रही हैं। इस दौरे में भी तीनों देशों में रहने वाले भारतीय समुदाय के सदस्यों से मुलाकात का कार्यक्रम शामिल है। भारतीय प्रवासी समुदाय दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

भारत की वैश्विक साझेदारी का विस्तार

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की यह यात्रा भारत की उस विदेश नीति का हिस्सा है, जिसमें दुनिया के विभिन्न क्षेत्रों के साथ सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। मोल्दोवा, नॉर्थ मैसेडोनिया और रोमानिया जैसे देशों के साथ संबंध मजबूत करना भारत के लिए यूरोप में अपनी कूटनीतिक और आर्थिक पहुंच बढ़ाने का अवसर है। यह दौरा आने वाले समय में व्यापार, तकनीक, शिक्षा, स्वास्थ्य और रणनीतिक सहयोग के नए रास्ते खोल सकता है। राष्ट्रपति मुर्मू की इस यात्रा से भारत और पूर्वी यूरोप के देशों के बीच साझेदारी को नई गति मिलने की उम्मीद है।

Leave a comment