प्रिंस विलियम नॉर्वे के किंग हाराल्ड के अंतिम संस्कार में किंग चार्ल्स का प्रतिनिधित्व करेंगे

ब्रिटेन के प्रिंस विलियम 9 सितंबर को नॉर्वे के किंग हाराल्ड के अंतिम संस्कार में किंग चार्ल्स का प्रतिनिधित्व करेंगे। प्रिंसेस ऐन भी समारोह में शामिल होंगी।

ब्रिटेन के प्रिंस विलियम 9 सितंबर को नॉर्वे के दिवंगत किंग हाराल्ड के अंतिम संस्कार में किंग चार्ल्स का प्रतिनिधित्व करेंगे। बकिंघम पैलेस ने इसकी पुष्टि की है। प्रिंसेस ऐन भी व्यक्तिगत हैसियत से समारोह में शामिल होंगी।

लंदन: ब्रिटेन के प्रिंस विलियम 9 सितंबर को नॉर्वे के दिवंगत किंग हाराल्ड के अंतिम संस्कार में अपने पिता किंग चार्ल्स का प्रतिनिधित्व करेंगे। बकिंघम पैलेस ने शनिवार को इसकी पुष्टि की। विलियम इससे पहले पिछले साल पोप फ्रांसिस के अंतिम संस्कार में भी किंग चार्ल्स की ओर से शामिल हुए थे।

किंग चार्ल्स की जगह अंतिम संस्कार में शामिल होंगे विलियम

ब्रिटिश राजपरिवार के उत्तराधिकारी प्रिंस विलियम नॉर्वे के किंग हाराल्ड के अंतिम संस्कार में ब्रिटिश सम्राट की ओर से शामिल होंगे। अंतिम संस्कार 9 सितंबर को ओस्लो कैथेड्रल में आयोजित किया जाएगा।

बकिंघम पैलेस के अनुसार, किंग चार्ल्स की जगह प्रिंस विलियम इस राजकीय अवसर पर ब्रिटेन का प्रतिनिधित्व करेंगे। यह व्यवस्था ब्रिटिश राजपरिवार की उस स्थापित परंपरा के अनुरूप है, जिसके तहत ब्रिटिश सम्राट आमतौर पर दूसरे देशों के राष्ट्राध्यक्षों के अंतिम संस्कार में व्यक्तिगत रूप से शामिल नहीं होते।

इसके बजाय शाही परिवार के किसी अन्य वरिष्ठ सदस्य को सम्राट का प्रतिनिधित्व करने के लिए भेजा जाता है। किंग हाराल्ड के अंतिम संस्कार में विलियम की मौजूदगी इसी प्रोटोकॉल के तहत होगी।

पोप फ्रांसिस के अंतिम संस्कार में भी गए थे प्रिंस विलियम

प्रिंस विलियम के लिए किसी अंतरराष्ट्रीय राजकीय अंतिम संस्कार में अपने पिता का प्रतिनिधित्व करने का यह पहला अवसर नहीं है। वह पिछले साल पोप फ्रांसिस के अंतिम संस्कार में भी किंग चार्ल्स की ओर से शामिल हुए थे।

अब नॉर्वे के किंग हाराल्ड के अंतिम संस्कार में विलियम की मौजूदगी ब्रिटिश राजपरिवार और नॉर्वे के शाही परिवार के बीच पारिवारिक संबंधों को भी रेखांकित करती है।

किंग चार्ल्स ने पिछले सप्ताह किंग हाराल्ड के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उन्हें अपना “प्रिय चचेरा भाई” बताया था। चार्ल्स और हाराल्ड के बीच पारिवारिक संबंध ब्रिटेन के पूर्व सम्राट किंग एडवर्ड सप्तम के वंश से जुड़े हैं। दोनों एक-दूसरे के सेकंड कजिन वन्स रिमूव्ड थे।

किंग चार्ल्स ने हाराल्ड के निधन पर जताया था दुख

किंग चार्ल्स, जिनका इलाज कैंसर के एक अज्ञात रूप के लिए चल रहा है, इसके बावजूद सार्वजनिक कार्यक्रमों में सक्रिय हैं। उन्होंने किंग हाराल्ड के निधन के बाद उनके प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त की थीं।

चार्ल्स और हाराल्ड के रिश्ते केवल आधिकारिक या राजनयिक संबंधों तक सीमित नहीं थे। दोनों यूरोप के दो प्रमुख शाही परिवारों से जुड़े थे और उनके बीच पारिवारिक रिश्ता भी था।

हाराल्ड के निधन के बाद चार्ल्स की ओर से जारी शोक संदेश में उनके प्रति व्यक्तिगत लगाव की झलक दिखाई दी। अब विलियम का अंतिम संस्कार में ब्रिटिश सम्राट की ओर से शामिल होना इस संबंध की एक और कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।

प्रिंसेस ऐन भी अंतिम संस्कार में होंगी शामिल

किंग चार्ल्स की बहन प्रिंसेस ऐन भी किंग हाराल्ड के अंतिम संस्कार में शामिल होंगी। हालांकि, उनकी मौजूदगी किंग चार्ल्स का आधिकारिक प्रतिनिधित्व करने के लिए नहीं होगी।

प्रिंसेस ऐन व्यक्तिगत हैसियत से अंतिम संस्कार में शामिल होंगी। वह नॉर्वे के नए किंग हाकोन अष्टम की गॉडमदर हैं। इस वजह से उनका अंतिम संस्कार में शामिल होना व्यक्तिगत और पारिवारिक संबंधों से जुड़ा है।

प्रिंस विलियम नॉर्वे के किंग हाराल्ड के अंतिम संस्कार में किंग चार्ल्स का प्रतिनिधित्व करेंगे

इस तरह ब्रिटिश राजपरिवार की ओर से अंतिम संस्कार में प्रिंस विलियम और प्रिंसेस ऐन दोनों की मौजूदगी रहेगी, लेकिन दोनों अलग-अलग हैसियत में शामिल होंगे।

89 वर्ष की उम्र में हुआ किंग हाराल्ड का निधन

नॉर्वे के किंग हाराल्ड का 28 अगस्त को 89 वर्ष की उम्र में निधन हो गया था। उनके निधन के बाद नॉर्वे में व्यापक शोक देखा गया। वह देश के लोकप्रिय सम्राटों में शामिल रहे और अपने गर्मजोशी भरे व्यवहार, हास्यबोध और सहज सार्वजनिक शैली के लिए जाने जाते थे।

हाराल्ड ने लगभग 35 वर्षों तक नॉर्वे के राजा के रूप में शासन किया। इस दौरान उन्हें नॉर्वे की राजशाही को आधुनिक स्वरूप देने वाले सम्राट के तौर पर भी याद किया जा रहा है।

उनकी सार्वजनिक छवि पारंपरिक राजशाही की औपचारिकता से अलग अपेक्षाकृत सहज रही। इसी वजह से उन्हें एक समावेशी “पीपुल्स किंग” के रूप में भी सराहा गया।

ओस्लो कैथेड्रल में होगा अंतिम संस्कार

किंग हाराल्ड का अंतिम संस्कार 9 सितंबर को ओस्लो कैथेड्रल में होगा। समारोह में उनकी पत्नी क्वीन सोनजा सहित शोक व्यक्त करने वाले लोग शामिल होंगे।

किंग हाराल्ड के निधन के बाद नॉर्वे में उनके लंबे शासनकाल और सार्वजनिक जीवन को याद किया जा रहा है। 35 वर्षों के शासन के दौरान उन्होंने देश की राजशाही के साथ जनता के संबंधों को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

उनके अंतिम संस्कार में यूरोपीय शाही परिवारों की मौजूदगी इस आयोजन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी महत्वपूर्ण बनाती है। ब्रिटेन की ओर से प्रिंस विलियम का प्रतिनिधित्व करना दोनों शाही परिवारों के ऐतिहासिक पारिवारिक संबंधों को भी सामने लाता है।

ब्रिटिश शाही प्रोटोकॉल के तहत हुआ फैसला

किंग चार्ल्स का अंतिम संस्कार में व्यक्तिगत रूप से शामिल नहीं होना ब्रिटिश शाही प्रोटोकॉल के अनुरूप है। ब्रिटिश सम्राट आम तौर पर दूसरे देशों के राष्ट्राध्यक्षों के अंतिम संस्कार में स्वयं शामिल नहीं होते और उनकी जगह राजपरिवार का कोई अन्य सदस्य प्रतिनिधित्व करता है।

इस व्यवस्था के तहत प्रिंस विलियम को भेजा जाना इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वह ब्रिटिश राजगद्दी के उत्तराधिकारी हैं। इससे उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रिटिश राजपरिवार का प्रतिनिधित्व करने की भूमिका भी मिलती है।

पिछले साल पोप फ्रांसिस के अंतिम संस्कार में उनकी मौजूदगी भी इसी तरह की जिम्मेदारी का उदाहरण थी। अब नॉर्वे में उनकी उपस्थिति ब्रिटेन की ओर से आधिकारिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करेगी।

किंग हाराल्ड के अंतिम संस्कार के साथ नॉर्वे उनके 35 वर्ष लंबे शासनकाल को विदाई देगा। वहीं ब्रिटेन की ओर से प्रिंस विलियम और व्यक्तिगत रूप से प्रिंसेस ऐन की मौजूदगी यूरोपीय शाही परिवारों के बीच पारिवारिक और ऐतिहासिक संबंधों को भी दर्शाएगी।

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