भारत के पूर्वी राज्य West Bengal में सुरक्षा एजेंसियों ने जासूसी के एक मामले में बड़ी कार्रवाई की है। राज्य की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने मुर्शिदाबाद जिले के बहरामपुर क्षेत्र से एक युवक को पाकिस्तान के लिए कथित रूप से जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया है।
मुर्शिदाबाद: पश्चिम बंगाल में स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने रविवार, 22 फरवरी को बहरमपुर (मुर्शिदाबाद) से एक युवक को पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में उसके पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से कथित संबंधों की बात सामने आई है।
इस मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद शमिक भट्टाचार्य ने ममता बनर्जी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने राज्य की कानून-व्यवस्था और सुरक्षा तंत्र पर सवाल उठाते हुए मामले की गहन जांच की मांग की है।
लश्कर-ए-तैयबा से कथित संबंध
पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार युवक के तार पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन Lashkar-e-Taiba (LeT) से जुड़े होने की आशंका है। मामले की जांच जारी है और सुरक्षा एजेंसियां डिजिटल व अन्य साक्ष्यों की पड़ताल कर रही हैं। हालांकि, आधिकारिक स्तर पर विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर यह गिरफ्तारी की गई। जांच एजेंसियां यह भी देख रही हैं कि क्या यह मामला किसी बड़े नेटवर्क से जुड़ा है।
बीजेपी का ममता सरकार पर हमला
इस गिरफ्तारी के बाद Bharatiya Janata Party ने राज्य की सत्तारूढ़ All India Trinamool Congress (TMC) सरकार की आलोचना की है। पश्चिम बंगाल बीजेपी अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद शमिक भट्टाचार्य ने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब राज्य से संदिग्ध आतंकी या जासूसी गतिविधियों से जुड़े लोग पकड़े गए हों।
उन्होंने आरोप लगाया कि सीमावर्ती जिलों में जनसांख्यिकीय बदलाव राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए चिंता का विषय बन रहे हैं। बीजेपी का दावा है कि राज्य सरकार को आंतरिक सुरक्षा को लेकर अधिक सतर्क रुख अपनाना चाहिए। वहीं, राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने भी आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल आतंकियों के लिए सुरक्षित ठिकाना बनता जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि पूर्व में भी विभिन्न राज्यों की एजेंसियों ने बंगाल से संदिग्धों को गिरफ्तार किया है।
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दिल्ली पुलिस का अलग ऑपरेशन
इसी बीच, Delhi Police की स्पेशल सेल ने हाल ही में एक अलग अभियान के तहत लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े एक कथित मॉड्यूल का भंडाफोड़ करने का दावा किया है। लगभग 10 दिनों तक चले ऑपरेशन में आठ संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें से सात बांग्लादेशी नागरिक बताए गए हैं। यह कार्रवाई पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में की गई।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार संदिग्ध फर्जी पहचान दस्तावेजों के सहारे विभिन्न औद्योगिक इकाइयों में काम कर रहे थे। उनके पास से मोबाइल फोन और कई सिम कार्ड बरामद किए गए हैं। जांच एजेंसियां इस नेटवर्क के संभावित अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की भी पड़ताल कर रही हैं।
राष्ट्रीय सुरक्षा और राजनीतिक विमर्श
पश्चिम बंगाल, जो बांग्लादेश से सटी अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करता है, लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के लिए संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है। सीमा प्रबंधन, अवैध घुसपैठ और तस्करी जैसे मुद्दे समय-समय पर राजनीतिक बहस का विषय बनते रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ऐसी घटनाएं अक्सर राज्य और केंद्र सरकारों के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप को तेज कर देती हैं। हालांकि, सुरक्षा से जुड़े मामलों में जांच एजेंसियों की रिपोर्ट और अदालत की प्रक्रिया अंतिम रूप से तय करती है कि आरोप कितने मजबूत हैं।










