पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण एलपीजी (लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस) की आपूर्ति को लेकर पैदा हुई अनिश्चितता का असर भारत के उपभोक्ता बाजार पर साफ दिखाई देने लगा है।
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण एलपीजी की आपूर्ति को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच बिजली से चलने वाले रसोई उपकरणों की मांग में अचानक तेज़ी देखी जा रही है। खासकर इंडक्शन कुकटॉप और इलेक्ट्रिक केतली की बिक्री में भारी उछाल आया है। Croma चलाने वाली Tata Group की रिटेल कंपनी Infinity Retail Limited के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में इंडक्शन चूल्हों की मांग लगभग तीन गुना बढ़ गई है। वहीं ‘पिजन’ ब्रांड बनाने वाली Stove Kraft Limited की औसत साप्ताहिक ऑनलाइन बिक्री चार गुना तक बढ़ गई है।
कंपनी के सीईओ और एमडी Shibashish Roy ने बताया कि हाल के दिनों में बिजली के चूल्हों की मांग अचानक बढ़ी है, जिससे उनकी औसत दैनिक बिक्री दर में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
इलेक्ट्रिक कुकिंग उपकरणों की मांग में तेज बढ़ोतरी
प्रमुख उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स रिटेल चेन क्रोमा के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में इंडक्शन कुकटॉप की बिक्री में लगभग तीन गुना वृद्धि दर्ज की गई है। कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी शिबाशीष राय ने बताया कि अचानक बढ़ी मांग के कारण औसत दैनिक बिक्री दर सामान्य से काफी अधिक हो गई है। उन्होंने कहा कि कई ग्राहक एक बार में एक से अधिक कुकटॉप खरीद रहे हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि लोग संभावित आपूर्ति संकट को देखते हुए पहले से तैयारी कर रहे हैं।
इसी के साथ इलेक्ट्रिक केतली की मांग भी सामान्य स्तर से लगभग दोगुनी हो गई है। रिटेल कंपनियां अपने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और फिजिकल स्टोर्स में इन उत्पादों की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने की कोशिश कर रही हैं।

ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर रिकॉर्ड बिक्री
ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर भी इसी तरह का रुझान देखने को मिला है। उद्योग के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में इंडक्शन कुकटॉप की ऑनलाइन बिक्री में असाधारण वृद्धि दर्ज की गई है। कुछ प्लेटफॉर्म्स पर इनकी बिक्री सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना अधिक हो गई है। इसके अलावा राइस कुकर, इलेक्ट्रिक प्रेशर कुकर, एयर फ्रायर और इलेक्ट्रिक केतली जैसे उपकरणों की मांग भी तेजी से बढ़ रही है।
महानगरों जैसे दिल्ली-एनसीआर, मुंबई और बेंगलुरु में उपभोक्ता तेजी से ऑनलाइन ऑर्डर देकर इन उत्पादों को खरीद रहे हैं, जिनकी डिलीवरी कई स्थानों पर कुछ ही मिनटों में की जा रही है। रसोई उपकरण बनाने वाली कंपनियों का कहना है कि पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के बाद से ऑनलाइन बिक्री में लगातार तेजी देखी जा रही है। कुछ ब्रांडों के अनुसार, उनकी औसत साप्ताहिक बिक्री कई गुना बढ़ चुकी है।
रेस्तरां और स्ट्रीट फूड व्यवसाय भी तलाश रहे विकल्प
एलपीजी आपूर्ति में संभावित बाधा का असर सिर्फ घरेलू उपभोक्ताओं तक सीमित नहीं है। होटल, रेस्तरां और स्ट्रीट फूड विक्रेताओं सहित खानपान उद्योग से जुड़े व्यवसाय भी अब वैकल्पिक समाधान खोजने में जुटे हैं। व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की अनियमित आपूर्ति की आशंका के चलते कई रेस्तरां इंडक्शन कुकटॉप, माइक्रोवेव ओवन और इलेक्ट्रिक कुकिंग सिस्टम जैसे विकल्पों का इस्तेमाल शुरू कर रहे हैं। वहीं कुछ छोटे व्यवसाय पारंपरिक विकल्पों जैसे लकड़ी के चूल्हे या सौर ऊर्जा आधारित उपकरणों पर भी विचार कर रहे हैं।
दिल्ली सहित कई शहरों में कुछ रेस्तरां संचालकों ने बताया कि उनके पास फिलहाल केवल एक या दो दिन का एलपीजी स्टॉक बचा है। यदि आपूर्ति में व्यवधान जारी रहा तो उन्हें अस्थायी रूप से संचालन बंद करना पड़ सकता है। इससे न केवल कारोबार प्रभावित होगा बल्कि कर्मचारियों के वेतन और रोजगार को लेकर भी चिंता बढ़ सकती है।











