पशु आहार के लेबल में छुपाई अवैध शराब, जब्त: उदयपुर से भेजी जा रही थी गुजरात

पशु आहार के लेबल में छुपाई अवैध शराब, जब्त: उदयपुर से भेजी जा रही थी गुजरात
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जयपुर पुलिस ने पशु आहार के लेबल में छुपाकर गुजरात भेजी जा रही अवैध शराब पकड़ी। करीब 1.25 लाख रुपए की शराब जब्त कर मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब पूरे तस्करी नेटवर्क की जांच कर रही है।

Rajasthan: जयपुर में अवैध शराब तस्करी के खिलाफ पुलिस लगातार सख्त कदम उठा रही है। इसी क्रम में ब्रह्मपुरी थाना पुलिस को 7 जनवरी को सूचना मिली कि जयपुर गोल्डन ट्रांसपोर्ट कंपनी में संदिग्ध सामग्री भेजी जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया और तुरंत कार्रवाई की योजना बनाई।

डीसीपी करन शर्मा के निर्देश पर थानाधिकारी राजेश गौतम के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई। टीम में सब इंस्पेक्टर जगदीश नारायण समेत अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। पुलिस ने ट्रांसपोर्ट कंपनी पहुंचकर संदिग्ध पार्सल की जांच शुरू की।

पेंट की बाल्टियों में छुपाई गई शराब

जांच के दौरान पुलिस को कुल 25 बड़ी प्लास्टिक बाल्टियां मिलीं। ये बाल्टियां देखने में कलर पेंट की लग रही थीं और उन पर पशु आहार (Animal Feed) का लेबल चिपका हुआ था। सभी बाल्टियां सील पैक थीं, जिससे किसी को शक न हो।

जब पुलिस ने बाल्टियों को खोलकर देखा तो अंदर से अवैध शराब बरामद हुई। इनमें से 20 बाल्टियों में कुल 960 छोटी शराब की बोतलें पाई गईं, जबकि 5 बाल्टियों में 120 बीयर केन रखे हुए थे। इस तरह तस्कर बेहद शातिर तरीके से शराब की ढुलाई कर रहे थे।

उदयपुर से गुजरात भेजी जा रही थी खेप

पुलिस जांच में सामने आया कि यह पूरी शराब की खेप उदयपुर से आनंद (गुजरात) भेजी जा रही थी। ट्रांसपोर्ट कंपनी के पास शराब के परिवहन से जुड़े दस्तावेज भी मिले, लेकिन उनमें दर्ज सामग्री और वास्तविक सामग्री में बड़ा अंतर पाया गया।

दस्तावेजों में पशु आहार और अन्य सामान दिखाया गया था, जबकि अंदर अवैध शराब भरी हुई थी। नियमों के अनुसार शराब का इस तरह परिवहन पूरी तरह गैरकानूनी है। पुलिस ने मौके पर ही सभी बाल्टियों को जब्त कर लिया और फर्द तैयार की।

तस्करों की तलाश जारी

जब्त की गई शराब की अनुमानित कीमत करीब 1 लाख 25 हजार रुपए बताई जा रही है। पुलिस ने इस मामले में संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज कर लिया है। साथ ही शराब तस्करी में शामिल लोगों, सप्लायर, ट्रांसपोर्ट नेटवर्क और बिल्टी जारी करने वालों की भूमिका की जांच की जा रही है।

थानाधिकारी राजेश गौतम ने बताया कि यह कार्रवाई केवल शुरुआत है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि शराब कहां से लाई गई थी, किसके आदेश पर भेजी जा रही थी और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे होने की संभावना है।

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