दिल्ली महारैली से पहले पंजाब कांग्रेस सक्रिय, ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान ब्लॉक और बूथ स्तर तक चलेगा

पंजाब कांग्रेस 1 नवंबर की दिल्ली महारैली से पहले ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान तेज करेगी। ब्लॉक-बूथ स्तर पर मतदाता सूची सत्यापन और गांवों में चौपाल होंगी।

दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को प्रस्तावित ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली से पहले पंजाब कांग्रेस ने तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी जिला, ब्लॉक और बूथ स्तर पर मतदाता सूची सत्यापन और गांवों में चौपाल बैठकें आयोजित करेगी।

चंडीगढ़: दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को प्रस्तावित ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली से पहले पंजाब कांग्रेस ने जमीनी स्तर पर अभियान तेज कर दिया है। पार्टी ने अगले एक महीने के लिए कार्यक्रमों का शेड्यूल जारी किया है, जिसमें मतदाता सूचियों की जांच, बूथ लेवल एजेंटों के साथ बैठकें और गांवों में चौपाल आयोजित करना शामिल है। जिला कांग्रेस कमेटियों के अध्यक्षों को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार काम करने के निर्देश दिए गए हैं।

1 नवंबर की रैली के लिए जिला स्तर पर तैयारियां तेज

दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को प्रस्तावित ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली से पहले पंजाब कांग्रेस ने संगठनात्मक गतिविधियां तेज कर दी हैं। पार्टी इस अभियान को जिला, ब्लॉक और बूथ स्तर तक ले जाने की तैयारी कर रही है। इसके लिए सभी जिला कांग्रेस कमेटियों (डीसीसी) के अध्यक्षों को दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। अगले एक महीने के कार्यक्रमों में मतदाता सूचियों की जांच से लेकर गांवों में जनसंपर्क और चौपाल बैठकों तक की योजना शामिल है।

पंजाब में अभियान के समन्वय की जिम्मेदारी संभाल रहे एसआईआर के मुख्य कोऑर्डिनेटर हरदीप सिंह किंगड़ा ने जिला अध्यक्षों को पत्र लिखकर तय कार्यक्रम के अनुसार काम करने को कहा है। पार्टी ने 1 नवंबर को दिल्ली में होने वाली रैली में अधिक से अधिक कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया है।

26 अक्टूबर से बैठकों और मतदाता सूची की जांच का कार्यक्रम

पार्टी की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार, 26 अक्टूबर को जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। इसमें वरिष्ठ नेताओं को शामिल कर अभियान के उद्देश्य और गतिविधियों की जानकारी दी जाएगी। इसके अगले दिन, यानी 27 अक्टूबर को वरिष्ठ कांग्रेस नेता ब्लॉक अध्यक्षों के साथ बैठक करेंगे। इन बैठकों के जरिए अभियान को स्थानीय स्तर पर लागू करने और कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारियां तय करने की योजना है।

28 अक्टूबर को ब्लॉक अध्यक्ष बूथ स्तर पर बैठकें करेंगे। इनमें मतदाता सूचियों की जांच और बूथ लेवल एजेंटों (बीएलए) की भूमिका पर चर्चा होगी। पार्टी का कार्यक्रम 27 अक्टूबर से 4 नवंबर तक मतदाता सूचियों के सत्यापन पर केंद्रित रहेगा। इस दौरान नए मतदाताओं के नामों और सूची में दर्ज अन्य विवरणों की पड़ताल की जाएगी।

इसके बाद 5 नवंबर को ब्लॉक अध्यक्ष जांच की गई मतदाता सूचियों और नए दर्ज नामों की समीक्षा करेंगे। इस प्रक्रिया के जरिए पार्टी मतदाता सूची से संबंधित संभावित समस्याओं को चिह्नित करने और संबंधित विवरणों की जांच पर ध्यान देगी।

गांवों की चौपाल में उठेगा मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों का सवाल

पंजाब कांग्रेस ने 8 नवंबर से 24 नवंबर तक गांवों में चौपाल बैठकें आयोजित करने की योजना बनाई है। इन बैठकों में स्थानीय लोगों को शामिल किया जाएगा और मतदाता सूचियों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी। पार्टी यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि किन लोगों के नाम मतदाता सूची से हटे हैं और क्या इससे बुजुर्ग मतदाता भी प्रभावित हुए हैं।

चौपाल बैठकों के माध्यम से पार्टी स्थानीय लोगों से सीधे संवाद करने और मतदाता सूची से संबंधित समस्याओं की जानकारी जुटाने की तैयारी कर रही है। अभियान में नए मतदाताओं के नाम दर्ज होने, मौजूदा विवरणों की जांच और संभावित नाम कटने जैसे मुद्दों पर ध्यान दिया जाएगा।

संगठन को जमीनी स्तर पर सक्रिय करने की रणनीति

पंजाब कांग्रेस के इस कार्यक्रम में जिला स्तर से लेकर बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर है। बैठकों, प्रेस कॉन्फ्रेंस और चौपालों के जरिए अभियान को अलग-अलग चरणों में आगे बढ़ाने की योजना बनाई गई है। पार्टी ने कार्यकर्ताओं को निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार जिम्मेदारियां निभाने के निर्देश दिए हैं।

1 नवंबर की दिल्ली महारैली इस अभियान का प्रमुख हिस्सा होगी। इससे पहले पंजाब में मतदाता सूचियों के सत्यापन और स्थानीय स्तर पर जनसंपर्क गतिविधियां संचालित की जाएंगी। पार्टी का घोषित फोकस मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को उठाना और अभियान को संगठन के निचले स्तर तक पहुंचाना है।

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