पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पेरिस में SIAL 2026 फूड प्रदर्शनी के दौरान मार्कफेड के सोहणा ब्रांड के कैन्ड सफेद छोले और राजमा लॉन्च किए। इस पहल से किसानों की आय बढ़ाने और पंजाब के खाद्य उत्पादों का निर्यात बढ़ाने पर जोर है।
चंडीगढ़: पंजाब के खाद्य उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पेरिस में मार्कफेड के सोहणा ब्रांड के तहत कैन्ड सफेद छोले और राजमा लॉन्च किए। SIAL Paris 2026 में पंजाब के विभिन्न खाद्य उत्पादों को प्रदर्शित किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य फूड प्रोसेसिंग और निर्यात को बढ़ावा देकर किसानों तथा खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े कारोबारियों के लिए नए अवसर तैयार करना है।
पेरिस में लॉन्च हुए पंजाब के सफेद छोले और राजमा
पंजाब के पारंपरिक खाद्य उत्पाद अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी जगह बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पेरिस में आयोजित अंतरराष्ट्रीय खाद्य प्रदर्शनी SIAL Paris 2026 के दौरान मार्कफेड के लोकप्रिय सोहणा ब्रांड के तहत कैन्ड सफेद छोले और राजमा लॉन्च किए। ये रेडी-टू-ईट उत्पाद हैं, जिन्हें आसानी से तैयार करके खाने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
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इस पहल का उद्देश्य पंजाब के स्थानीय खाद्य उत्पादों को विदेशी बाजारों तक पहुंचाना और राज्य की फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री को बढ़ावा देना है। मुख्यमंत्री के अनुसार, पंजाब के शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण उत्पादों को वैश्विक बाजार में पहचान दिलाने से किसानों की आय बढ़ाने के नए अवसर बन सकते हैं।
प्रदर्शनी में पंजाब मार्ट के माध्यम से मार्कफेड, मिल्कफेड और पंजाब एग्रो के उत्पादों को संयुक्त रूप से प्रदर्शित किया जा रहा है। इससे राज्य के कृषि और खाद्य क्षेत्र से जुड़े उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के सामने पेश करने का अवसर मिल रहा है।
मार्कफेड से जुड़े हैं पंजाब के करीब 20 लाख किसान
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बताया कि मार्कफेड का टर्नओवर 21,248 करोड़ रुपये से अधिक है और यह पंजाब के लगभग 20 लाख किसानों के हितों से जुड़ा हुआ है। संस्था कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड समेत 20 से अधिक देशों में अपने उत्पाद भेज रही है।
राज्य सरकार की कोशिश है कि कृषि उत्पादों को केवल कच्चे माल के रूप में बेचने के बजाय उनकी प्रोसेसिंग करके अधिक मूल्य वाले उत्पाद तैयार किए जाएं। कैन्ड छोले और राजमा जैसे रेडी-टू-ईट उत्पाद इसी दिशा में एक कदम हैं। इनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में मांग बढ़ने से खाद्य प्रसंस्करण कंपनियों, निर्यातकों और किसानों को लाभ मिलने की संभावना है।
हालांकि, किसानों की आय पर इसका वास्तविक असर इस बात पर निर्भर करेगा कि इन उत्पादों की मांग कितनी बढ़ती है, कितने ऑर्डर मिलते हैं और सप्लाई चेन के माध्यम से किसानों को कितना लाभ पहुंचता है।
फूड प्रोसेसिंग और निर्यात को बढ़ावा देने की तैयारी
SIAL Paris 2026 के दौरान मुख्यमंत्री और पंजाब के प्रतिनिधियों ने फ्रांसीसी तथा अन्य अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठकें भी कीं। इन बैठकों में फूड प्रोसेसिंग टेक्नोलॉजी, कोल्ड-चेन इंफ्रास्ट्रक्चर और लॉजिस्टिक्स जैसे विषयों पर चर्चा हुई।
कृषि उत्पादों को सुरक्षित रखने, उनकी गुणवत्ता बनाए रखने और विदेशों तक समय पर पहुंचाने के लिए कोल्ड चेन और बेहतर परिवहन व्यवस्था महत्वपूर्ण होती है। इन क्षेत्रों में सहयोग मिलने से पंजाब के निर्यातकों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कारोबार बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
पंजाब अब पारंपरिक कृषि उत्पादों के साथ-साथ वैल्यू एडिशन और आधुनिक खाद्य प्रसंस्करण पर भी जोर दे रहा है। सफेद छोले और राजमा की अंतरराष्ट्रीय लॉन्चिंग इसी रणनीति का हिस्सा है। यदि विदेशी बाजारों में इन उत्पादों की मांग लगातार बढ़ती है, तो इससे किसानों, फूड प्रोसेसिंग इकाइयों और निर्यात कारोबार से जुड़े लोगों के लिए नए आर्थिक अवसर पैदा हो सकते हैं।










