पड़ोसी से पुराने जमीन विवाद के चलते विध्यांशु राव ने कर्नाटक से डेटोनेटर सहित विस्फोटक लाकर फंसाने की साजिश रची। पुलिस ने आरोपी और उसके मोबाइल को जब्त कर मामले की जांच तेज कर दी है।
Bihar: पुलिस जांच में सामने आया कि यह मामला छह साल पहले शुरू हुए जमीन-जायदाद विवाद से जुड़ा है। आरोपी विध्यांशु राव और पड़ोसी नीरज राव आपस में रिश्तेदार हैं। दोनों परिवारों के बीच जमीन को लेकर लंबे समय से तनातनी चली आ रही थी। आरोपी के परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण जमीन बेचना पड़ी, जबकि पड़ोसी हरिशंकर राव की संपत्ति सुरक्षित रही।
पूर्व में भी कई बार विवाद और मुकदमे हुए थे। वर्ष 2023 में आरोपी की मां ने हरिशंकर राव और उनके बेटों पर झूठे आरोप लगाए थे, लेकिन समझौते के बाद मामला वापस लिया गया।
कर्नाटक से विस्फोटक लाकर साजिश
दिसंबर 2025 में आर्म्स एक्ट में जेल से बेल मिलने के बाद विध्यांशु राव कर्नाटक गया। वहां उसने पत्थर तोड़ने वाली कंपनी से तीन डेटोनेटर विस्फोटक छुपाकर रखे। 26-27 जनवरी को वह ट्रेन से लौट आया और अहिरवलिया गांव में पड़ोसी के घर फंसाने के उद्देश्य से विस्फोटक रख दिया।
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31 जनवरी की रात पुलिस को सूचना मिली और मौके पर जांच की गई। झोले में रखी विस्फोटक सामग्री बरामद हुई। इसे सुरक्षा कारणों से निजी विद्यालय परिसर में सुरक्षित किया गया और बम निरोधक दस्ते ने डिफ्यूज किया।
SIT की जांच
एसपी और एसडीपीओ ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। तकनीकी जांच, मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल के आधार पर पता चला कि विस्फोटक किसी बड़े हमले के लिए नहीं बल्कि पड़ोसी को फंसाने के लिए रखा गया था।
48 घंटे के भीतर SIT ने आरोपी विध्यांशु राव को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि साजिश में उसकी मां भी शामिल थी और पुलिस को गुमराह करने के लिए खुद ही सूचना दी थी।
न्यायिक कार्रवाई
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी पहले आर्म्स एक्ट में जेल जा चुका है। इसके अलावा परिवार के ऊपर तीन साल पहले झूठा रेप केस भी दर्ज हुआ था, जो बाद में समझौते के जरिए वापस लिया गया।
पुलिस ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। बरामद विस्फोटक, सप्लाई चैन और अन्य संभावित सहयोगियों की जांच जारी है। अधिकारियों ने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।








