रेलवे का बड़ा फैसला, रिटायर्ड कर्मचारियों को अब केवल HRMS से मिलेगा ई-पास

रेलवे बोर्ड ने रिटायर्ड कर्मचारियों के लिए मैन्युअल रेल पास व्यवस्था समाप्त कर दी है। अब सभी पास HRMS सिस्टम के माध्यम से ऑनलाइन जारी किए जाएंगे।

रेलवे बोर्ड ने रिटायर्ड कर्मचारियों के लिए मैन्युअल रेल पास व्यवस्था समाप्त कर दी है। अब सभी पास HRMS सिस्टम के जरिए ऑनलाइन जारी होंगे। नई व्यवस्था का असर फरीदाबाद-पलवल समेत हजारों पेंशनभोगी रेलकर्मियों पर पड़ेगा।

फरीदाबाद: भारतीय रेलवे ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए रेल पास जारी करने की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाने का फैसला किया है। रेलवे बोर्ड के नए निर्देशों के अनुसार अब सभी रिटायर्ड रेलकर्मियों को HRMS प्लेटफॉर्म के माध्यम से ई-पास प्राप्त करना होगा। इसके लिए पहले HRMS में पंजीकरण और आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन कराया जाएगा।

मैन्युअल पास व्यवस्था पूरी तरह बंद

रेलवे बोर्ड ने रिटायर्ड कर्मचारियों को मिलने वाले पारंपरिक मैन्युअल रेल पासों को बंद करने का निर्णय लिया है। अब पोस्ट-रिटायरमेंट कॉम्प्लीमेंटरी पास सहित सभी प्रकार के रेल पास केवल HRMS (Human Resource Management System) के माध्यम से ऑनलाइन जारी किए जाएंगे।

रेलवे का बड़ा फैसला, रिटायर्ड कर्मचारियों को अब केवल HRMS से मिलेगा ई-पास

इस फैसले से फरीदाबाद और पलवल क्षेत्र के 3,500 से अधिक सेवानिवृत्त रेलकर्मी सीधे प्रभावित होंगे। अब उन्हें यात्रा के लिए ई-पास की डिजिटल प्रक्रिया अपनानी होगी।

HRMS में पंजीकरण कराना होगा अनिवार्य

नई व्यवस्था का लाभ लेने के लिए रिटायर्ड कर्मचारियों को सबसे पहले अपने नजदीकी रेलवे कार्यालय में जाकर HRMS सिस्टम में रजिस्ट्रेशन कराना होगा।

पंजीकरण के दौरान निम्न दस्तावेज जमा करने होंगे:

  • पेंशन पेपर
  • आधार कार्ड
  • पैन कार्ड
  • पारिवारिक फोटो
  • स्वयं की पासपोर्ट साइज फोटो
  • विभाग का पुराना पहचान पत्र
  • पुराना रेल पास
  • मोबाइल नंबर
  • आवश्यक घोषणा पत्र (डिक्लेरेशन)

दस्तावेज सत्यापन के बाद संबंधित कर्मचारी की HRMS आईडी तैयार की जाएगी, जिसके माध्यम से वह घर बैठे ऑनलाइन ई-पास प्राप्त कर सकेंगे।

कोरोना काल में शुरू हुई थी डिजिटल व्यवस्था

रेलवे बोर्ड के अनुसार ई-पास और पीटीओ (Privilege Ticket Order) मॉड्यूल की शुरुआत 10 अगस्त 2020 को की गई थी। पहले यह सुविधा कार्यरत कर्मचारियों के लिए लागू की गई थी, जिसके तहत वे प्रिविलेज पास, ड्यूटी चेक पास और पीटीओ ऑनलाइन प्राप्त कर रहे हैं।

बाद में इस व्यवस्था को सेवानिवृत्त कर्मचारियों और मृतक कर्मचारियों के आश्रितों को मिलने वाले पासों तक भी विस्तारित किया गया।

दिव्यांग और वरिष्ठ पेंशनभोगियों के लिए भी यही प्रक्रिया

रेलवे बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई दिव्यांग या वरिष्ठ सेवानिवृत्त कर्मचारी मैन्युअल प्रक्रिया से पास प्राप्त करने का अनुरोध भी करता है, तब भी उसका आवेदन HRMS सिस्टम में ही प्रोसेस किया जाएगा।

यानी अब पूर्व-मुद्रित स्टेशनरी पर रेल पास जारी नहीं किए जाएंगे। सभी पास डिजिटल प्लेटफॉर्म से जनरेट होकर उपलब्ध कराए जाएंगे।

सभी रेलवे जोन में तत्काल प्रभाव से लागू

रेलवे बोर्ड के कार्यकारी निदेशक द्वारा जारी आदेश में सभी जोनल रेलवे, रेलवे सार्वजनिक उपक्रमों, IRCTC तथा CRIS को नई व्यवस्था तत्काल लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।

रेलवे का मानना है कि इस डिजिटल पहल से पास जारी करने की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, तेज और सुविधाजनक बनेगी, साथ ही रिकॉर्ड प्रबंधन भी बेहतर होगा।

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