Sonal Raghuwanshi को मिली जमानत के खिलाफ Meghalaya सरकार की याचिका पर अगली सुनवाई मंगलवार को होगी। इससे पहले हुई सुनवाई में Supreme Court of India ने सोनम की जमानत रद्द करने से इनकार कर दिया था।
नई दिल्ली: मेघालय में चर्चित राजा रघुवंशी हत्या मामले में आरोपी सोनम रघुवंशी ने सुप्रीम कोर्ट में खुद को निर्दोष बताते हुए कहा है कि उसे इस मामले में गलत तरीके से फंसाया गया है। सोनम ने अदालत में दाखिल अपने हलफनामे में दावा किया कि उसके खिलाफ लगाए गए आरोप केवल परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर आधारित हैं और अभी तक उसके खिलाफ कोई प्रत्यक्ष सबूत सामने नहीं आया है।
सोनम को मिली जमानत को चुनौती देने वाली मेघालय सरकार की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई मंगलवार को होगी। फिलहाल अदालत ने सोनम की जमानत पर रोक लगाने या उसे रद्द करने से इनकार किया है, जिससे उनकी जमानत बरकरार रहेगी।
सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को होगी अगली सुनवाई
राजा रघुवंशी हत्या मामले में मेघालय सरकार ने सोनम रघुवंशी को मिली जमानत के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने राज्य सरकार से कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज पेश करने को कहा है। सुप्रीम कोर्ट ने मेघालय सरकार को सोनम की गिरफ्तारी के समय तैयार किए गए अरेस्ट मेमो और अन्य संबंधित दस्तावेजों की प्रतियां दाखिल करने का निर्देश दिया है।
इस मामले की अगली सुनवाई मंगलवार, 14 जुलाई को निर्धारित की गई है। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा और न्यायमूर्ति चंद्रशेखर की पीठ कर रही है।
सोनम ने हलफनामे में क्या कहा?
सोनम रघुवंशी ने अपने हलफनामे में अदालत के सामने कई दलीलें रखी हैं। उन्होंने कहा कि वह पूरी तरह निर्दोष हैं और उन्हें इस मामले में झूठा फंसाया गया है। उनकी ओर से कहा गया कि अभियोजन पक्ष का पूरा मामला परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर आधारित है और केवल आरोपों के आधार पर किसी व्यक्ति को दोषी नहीं ठहराया जा सकता।
सोनम ने यह भी दावा किया कि, उनके खिलाफ कोई लंबित बरामदगी नहीं है। मामले में चार्जशीट पहले ही दाखिल हो चुकी है। वह अदालत द्वारा तय शर्तों का पालन कर रही हैं। वह शिलांग में ही रह रही हैं। उनके द्वारा सबूतों से छेड़छाड़ करने की कोई संभावना नहीं है। उन्होंने अदालत से अपील की कि उनकी जमानत को बरकरार रखा जाए।
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मेघालय सरकार ने जमानत का किया विरोध
मेघालय सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए सॉलिसिटर जनरल (SG) तुषार मेहता ने सोनम की जमानत का विरोध किया था। सरकार की ओर से दलील दी गई कि निचली अदालत द्वारा जमानत देने के दौरान एक महत्वपूर्ण कानूनी त्रुटि हुई। तुषार मेहता ने कहा कि भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 की जगह टाइपिंग की गलती से धारा 403 दर्ज हो गई थी और इसी त्रुटि को जमानत देने का आधार बना लिया गया। सरकार का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जमानत पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए।
क्या है राजा रघुवंशी हत्या मामला?
यह मामला इंदौर के कारोबारी राजा रघुवंशी की हत्या से जुड़ा है। राजा रघुवंशी अपनी पत्नी सोनम के साथ मेघालय में हनीमून मनाने गए थे। इसी दौरान उनकी हत्या कर दी गई थी। हत्या के बाद जांच एजेंसियों ने सोनम रघुवंशी और कुछ अन्य लोगों को आरोपी बनाया। पुलिस जांच में यह दावा किया गया कि हत्या की साजिश में सोनम और उसके कथित सहयोगियों की भूमिका थी। मामले ने राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा बटोरी, क्योंकि यह घटना शादी के तुरंत बाद हुई थी और जांच के दौरान कई नए तथ्य सामने आए थे।
सोनम की ओर से सुप्रीम कोर्ट में यह भी दलील दी गई है कि जांच एजेंसी पहले ही चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। ऐसे में अब जांच प्रभावित करने या सबूतों के साथ छेड़छाड़ की संभावना नहीं है।









