राजस्थान: खाटूश्यामजी से लौट रहे 6 दोस्तों की कार खाई में गिरी, 4 की मौत; टायर फटने से हादसे की आशंका

जयपुर के रायसर में दौसा-मनोहरपुर हाईवे पर कार खाई में गिर गई। हादसे में आगरा के चार युवकों की मौत हुई, जबकि दो घायल हैं। पुलिस दुर्घटना की जांच कर रही है।

जयपुर जिले के रायसर में शुक्रवार सुबह दौसा-मनोहरपुर नेशनल हाईवे पर कार खाई में गिरने से आगरा के चार युवकों की मौत हो गई। हादसे में दो अन्य घायल हुए, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।

जयपुर: राजस्थान के जयपुर जिले में रायसर के पास दौसा-मनोहरपुर नेशनल हाईवे पर शुक्रवार सुबह एक कार खाई में गिर गई। हादसे में आगरा के चार युवकों की मौत हो गई, जबकि दो घायल हुए। शुरुआती जानकारी के अनुसार, कार का टायर फटने के बाद चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा। सभी छह दोस्त खाटूश्यामजी मंदिर में दर्शन कर लौट रहे थे। दुर्घटना के बाद हाईवे पर यातायात प्रभावित हुआ और पुलिस ने क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त कार हटवाकर रास्ता खुलवाया।

रायसर थाना क्षेत्र में सुबह करीब 6 बजे हुआ हादसा

पुलिस के अनुसार, दुर्घटना शुक्रवार सुबह करीब 6 बजे रायसर थाना क्षेत्र में हुई। कार में सवार सभी छह युवक उत्तर प्रदेश के आगरा के रहने वाले थे। वे खाटूश्यामजी मंदिर में दर्शन करने के बाद वापस लौट रहे थे। इसी दौरान दौसा-मनोहरपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-148 पर कार का टायर फटने की आशंका है। वाहन बेकाबू होकर सड़क से नीचे खाई में जा गिरा।

हादसा इतना गंभीर था कि चार युवकों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। दुर्घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और बचाव कार्य शुरू कराया। दो घायल युवकों को इलाज के लिए निम्स अस्पताल भेजा गया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, दुर्घटना के सही कारणों की जांच की जा रही है।

मृतकों और घायलों की पहचान

हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान आगरा के रामबाग निवासी अतुल वार्षण (35), कालिंदी विहार निवासी मुकुल जायसवाल (21), रूपेश जाटव (25) और शिवा सिंह (20) के रूप में हुई है।

वहीं, नुनिहाई निवासी राहुल शर्मा (36) और बल्केश्वर निवासी अर्पित बंसल (20) घायल हुए हैं। दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे की खबर मिलने के बाद मृतकों के परिजनों को सूचना दी गई। परिवारों के लिए यह दुर्घटना अचानक आई त्रासदी बन गई, क्योंकि सभी युवक धार्मिक यात्रा के बाद घर लौट रहे थे।

हाईवे पर करीब एक घंटे तक प्रभावित रहा यातायात

कार के खाई में गिरने के बाद दौसा-मनोहरपुर हाईवे पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। दुर्घटनास्थल के आसपास वाहनों की कतार लगने से करीब एक घंटे तक जाम जैसे हालात बने रहे। पुलिस ने पहले घायलों को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की और फिर सड़क से क्षतिग्रस्त वाहन हटवाने का काम कराया।

कार को खाई से निकालने के लिए क्रेन की मदद ली गई। वाहन हटने और पुलिस की ओर से यातायात व्यवस्थित किए जाने के बाद रास्ता साफ हुआ। हाईवे पर सुबह के समय हुई दुर्घटना के कारण गुजरने वाले वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।

राजस्थान में सड़क दुर्घटनाओं और मौतों का आंकड़ा

रायसर का हादसा ऐसे समय हुआ है, जब राजस्थान में सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। राज्य सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, 2025 में प्रदेश में 23,820 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं। यह संख्या 2024 की 24,838 दुर्घटनाओं से कम थी, लेकिन हादसों में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़ गई।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में राजस्थान में सड़क दुर्घटनाओं में 12,069 लोगों की मौत हुई, जबकि 2024 में 11,790 लोगों की जान गई थी। यानी दुर्घटनाओं की संख्या घटने के बावजूद मृतकों का आंकड़ा 279 बढ़ गया। यह स्थिति बताती है कि सड़क हादसों की गंभीरता कम करना भी उतना ही जरूरी है जितना दुर्घटनाओं की संख्या घटाना। 

राज्य में तेज रफ्तार, लापरवाही से वाहन चलाना और यातायात नियमों का उल्लंघन सड़क सुरक्षा के प्रमुख मुद्दे बने हुए हैं। राजस्थान विधानसभा में दी गई जानकारी के अनुसार, 2025 में पुलिस ने यातायात नियमों के उल्लंघन पर बड़ी संख्या में चालान किए, जिनमें तेज रफ्तार से वाहन चलाने के मामले भी शामिल थे। 

हालांकि, रायसर दुर्घटना में तेज रफ्तार की भूमिका की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। शुरुआती जानकारी में टायर फटने को हादसे की संभावित वजह बताया गया है। वाहन की गति, टायर की स्थिति और दुर्घटना से पहले की परिस्थितियों की जांच से ही स्पष्ट होगा कि कार चालक का नियंत्रण कैसे छूटा।

हाईवे पर सफर के दौरान सावधानी जरूरी

सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ लगातार सलाह देते रहे हैं कि लंबी यात्रा से पहले टायरों की स्थिति, हवा का दबाव और वाहन की सामान्य तकनीकी जांच करानी चाहिए। टायर में खराबी या अचानक हवा निकलने की स्थिति में तेज गति से चल रहे वाहन को संभालना मुश्किल हो सकता है। ऐसी परिस्थिति में अचानक ब्रेक लगाने या तेजी से स्टीयरिंग मोड़ने से भी वाहन असंतुलित हो सकता है।

लंबी दूरी की यात्रा में चालक का पर्याप्त आराम करना, निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाना और सभी यात्रियों का सीट बेल्ट लगाना भी महत्वपूर्ण है। हाईवे पर छोटी-सी तकनीकी खराबी गंभीर दुर्घटना में बदल सकती है, खासकर वहां जहां सड़क के किनारे गहरी खाई या अन्य बाधाएं हों।

रायसर हादसे में चार युवकों की मौत और दो के घायल होने से एक परिवार-समूह की यात्रा दुखद घटना में बदल गई। अब पुलिस की जांच से दुर्घटना की परिस्थितियों और उसकी वजह के बारे में अधिक जानकारी मिलने की उम्मीद है।

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