राजस्थान में 12 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, जयपुर में सीजन का सबसे गर्म दिन दर्ज

राजस्थान में आंधी-बारिश अलर्ट, जयपुर में रिकॉर्ड गर्मी, 12 जिलों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी। जयपुर में सीजन का सबसे गर्म दिन रिकॉर्ड हुआ।

राजस्थान में मौसम बदलने लगा है। मौसम विभाग ने 12 जिलों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है। धौलपुर में बारिश शुरू हो गई है, जबकि जयपुर में सीजन का सबसे अधिक तापमान दर्ज होने से लोगों की परेशानी बढ़ गई।

जयपुर: राजस्थान में भीषण गर्मी और लगातार चल रही लू के बीच मौसम ने करवट लेना शुरू कर दिया है। मौसम विभाग ने राज्य के उत्तर-पूर्वी हिस्सों में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार यह मौसम प्रणाली 1 जून तक सक्रिय रह सकती है, जिससे कई जिलों में तापमान में गिरावट आने की संभावना है।

शुक्रवार सुबह से धौलपुर सहित कई इलाकों में बारिश शुरू हो गई। कुछ क्षेत्रों में ओले भी गिरे, जिससे लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिली। मौसम विभाग ने 12 जिलों में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने की चेतावनी दी है।

धौलपुर और झुंझुनूं में बदला मौसम

धौलपुर जिले के बाड़ी क्षेत्र में सुबह से रुक-रुककर बारिश हो रही है। बारिश के साथ कुछ इलाकों में ओलावृष्टि भी दर्ज की गई। मौसम बदलने से तापमान में एक से दो डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है।

वहीं झुंझुनूं जिले के नवलगढ़ में गुरुवार रात चने के आकार से बड़े ओले गिरे। अचानक बदले मौसम ने लोगों को तेज गर्मी से राहत दी। स्थानीय लोगों के अनुसार देर रात चली ठंडी हवाओं के बाद मौसम काफी सुहावना हो गया।

जयपुर में नौ साल बाद इतनी भीषण गर्मी

राजधानी जयपुर में गुरुवार को इस सीजन का सबसे गर्म दिन रिकॉर्ड किया गया। यहां अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार नौतपा के दौरान पिछले नौ वर्षों में यह दूसरी बार है जब जयपुर का तापमान 45.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा है।

इससे पहले साल 2018 में नौतपा के दौरान इसी स्तर का तापमान दर्ज किया गया था। हालांकि पिछले वर्षों में सबसे अधिक तापमान 2024 में रिकॉर्ड हुआ था, जब जयपुर में पारा 46.6 डिग्री तक पहुंच गया था।

श्रीगंगानगर रहा सबसे गर्म जिला

पिछले 24 घंटों के दौरान राजस्थान का सबसे अधिक तापमान श्रीगंगानगर में 47.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा चूरू में 46.5 डिग्री, जैसलमेर और अलवर में 46 डिग्री, कोटा में 46.4 डिग्री और फलोदी में भी तापमान 46 डिग्री के आसपास रहा।

बीकानेर और फतेहपुर में 45.3 डिग्री, पिलानी में 46.4 डिग्री, करौली में 44.3 डिग्री और दौसा में 44.8 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। इन इलाकों में सुबह से दोपहर तक तेज गर्म हवाएं और हीटवेव की स्थिति बनी रही।

वेस्टर्न डिस्टर्बेंस से बदलेगा मौसम

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ यानी वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय होने के कारण राजस्थान के कई हिस्सों में अगले तीन दिनों तक बारिश और आंधी की संभावना बनी हुई है।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस सिस्टम के प्रभाव से तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक गिरावट हो सकती है। साथ ही लू का असर भी कम होने की उम्मीद है। हालांकि पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में गर्मी अभी भी बनी रह सकती है।

बढ़ती गर्मी को लेकर IIT बॉम्बे की रिपोर्ट ने बढ़ाई चिंता

राजस्थान में लगातार बढ़ती गर्मी और हीटवेव को लेकर इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) बॉम्बे की हालिया रिपोर्ट ने चिंता बढ़ा दी है। इस अध्ययन में राज्य में बढ़ रहे “हीट आइलैंड इफेक्ट” को गंभीर खतरा बताया गया है।

राजस्थान में 12 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, जयपुर में सीजन का सबसे गर्म दिन दर्ज

हीट आइलैंड ऐसी स्थिति होती है, जब शहरों का तापमान आसपास के ग्रामीण इलाकों की तुलना में कई डिग्री ज्यादा हो जाता है। रिपोर्ट के मुताबिक उदयपुर में इसका प्रभाव सबसे अधिक देखा गया है।

अध्ययन में कहा गया है कि तेजी से बढ़ते कंक्रीट निर्माण, घटते ग्रीन जोन और शहरीकरण की वजह से शहरों में गर्मी लगातार बढ़ रही है। इससे हीटवेव की घटनाएं अधिक खतरनाक होती जा रही हैं।

गर्मी से मौतों के आंकड़े भी बढ़े

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि राजस्थान में हर साल गर्मी और हीटवेव के कारण मौतों की संख्या बढ़ रही है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार यह संख्या पांच से छह के बीच बताई जाती है, लेकिन स्वतंत्र रिपोर्टों में यह आंकड़ा 15 से ज्यादा बताया गया है।

विशेषज्ञों के मुताबिक कई मामलों में मौत का सीधा कारण हीटवेव दर्ज नहीं होता, जिससे वास्तविक आंकड़े सामने नहीं आ पाते। डॉक्टरों का कहना है कि लंबे समय तक तेज गर्मी में रहने से शरीर पर गंभीर असर पड़ता है और बुजुर्गों, बच्चों तथा बीमार लोगों को सबसे ज्यादा खतरा होता है।

नौतपा में स्वास्थ्य को लेकर बढ़ी चिंता

नौतपा के दौरान राजस्थान के कई शहरों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है। डॉक्टरों ने लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है।

विशेषज्ञों के अनुसार शरीर में पानी की कमी, लगातार धूप में रहना और तेज गर्म हवाओं के संपर्क में आना हीट स्ट्रोक का कारण बन सकता है। लोगों को ज्यादा से ज्यादा पानी पीने, हल्के कपड़े पहनने और धूप से बचने की सलाह दी गई है।

पालतू जानवरों पर भी पड़ रहा असर

भीषण गर्मी का असर इंसानों के साथ-साथ पालतू जानवरों पर भी देखा जा रहा है। पशु चिकित्सकों के अनुसार डॉग्स और कैट्स जैसे पालतू जानवरों में हीट स्ट्रेस और हीट स्ट्रोक का खतरा तेजी से बढ़ रहा है।

विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि पालतू जानवरों को दिन के समय बाहर न घुमाया जाए और उन्हें पर्याप्त पानी उपलब्ध कराया जाए। गर्म फर्श और धूप में ज्यादा देर तक रहने से जानवरों की हालत बिगड़ सकती है।

अगले कुछ दिनों में राहत की उम्मीद

मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिनों तक राजस्थान के कई जिलों में बादल छाए रहने, तेज हवाएं चलने और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इससे तापमान में कुछ गिरावट दर्ज हो सकती है और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।

हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले वर्षों में जलवायु परिवर्तन और तेजी से बढ़ते शहरीकरण के कारण राजस्थान में गर्मी और हीटवेव की घटनाएं और गंभीर हो सकती हैं।

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