रास्थान में 5KG LPG सिलेंडर की कालाबाजारी का खुलासा हुआ है। नए कनेक्शन के लिए ₹2200 और रिफिल के लिए ₹250 प्रति किलो वसूले जा रहे हैं। यह अवैध कारोबार पुलिस स्टेशन के पास खुलेआम चल रहा था।
जयपुर: राजधानी में रसोई गैस की कमी के बीच सरकार और तेल कंपनियों की ओर से शुरू की गई 5 किलो LPG सिलेंडर सुविधा अब कालाबाजारी की चपेट में आती दिख रही है। प्रवासी मजदूरों, छात्रों और कम आय वाले परिवारों को राहत देने के लिए शुरू की गई इस योजना के तहत छोटे सिलेंडर सुलभ दरों पर उपलब्ध कराने का दावा किया गया था। लेकिन जयपुर में एक पड़ताल में सामने आया है कि ये सिलेंडर बाजार में तय कीमत से कहीं अधिक दाम पर खुलेआम बेचे जा रहे हैं।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह कथित अवैध कारोबार पुलिस स्टेशन से कुछ ही दूरी पर चल रहा था। इससे निगरानी, प्रवर्तन और उपभोक्ता सुरक्षा तंत्र की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
क्या है 5 किलो LPG सिलेंडर योजना?
भारत में LPG की बढ़ती मांग और हालिया सप्लाई दबाव के बीच तेल कंपनियों ने छोटे सिलेंडरों की उपलब्धता बढ़ाने का फैसला किया। इसका मकसद उन लोगों तक गैस पहुंचाना था जो:
किराए के मकानों में रहते हैं
प्रवासी मजदूर हैं
छात्र हैं
छोटे परिवार हैं

5 किलो LPG सिलेंडर योजना के तहत:
केवल एक पहचान पत्र से नया कनेक्शन लिया जा सकता है
कम लागत में घरेलू गैस उपलब्ध हो सकती है
रिफिल प्रक्रिया अपेक्षाकृत आसान है
सरकारी और उद्योग सूत्रों के अनुसार, मार्च के बाद से लाखों छोटे सिलेंडर देशभर में वितरित किए गए हैं। यह कदम खासतौर पर पश्चिम एशिया में तनाव और सप्लाई चेन पर दबाव को देखते हुए उठाया गया था।
जयपुर में कथित कालाबाजारी का खुलासा
जयपुर के बजाज नगर इलाके में हुई पड़ताल में सामने आया कि 5 किलो सिलेंडर तय कीमत से कहीं अधिक पर बेचे जा रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, एक स्थानीय दुकान पर:
नया कनेक्शन लगभग ₹2200 में ऑफर किया गया, जबकि निर्धारित कीमत करीब ₹1490 बताई जाती है।
इसी तरह:
गैस रिफिल के लिए ₹250 प्रति किलो तक वसूले जा रहे थे, जबकि सामान्य दर लगभग ₹123 प्रति किलो के आसपास है।
इसका मतलब है कि छोटे सिलेंडर की जरूरत वाले उपभोक्ताओं से दोगुनी कीमत तक वसूली की जा रही है।
रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि कथित विक्रेता ने अगले ही दिन नया सिलेंडर उपलब्ध कराने का दावा किया और उपभोक्ता से केवल आधार कार्ड की कॉपी मांगी।
अवैध रिफिलिंग: बड़ा सुरक्षा खतरा
सबसे गंभीर पहलू कथित अवैध रिफिलिंग का है। LPG अत्यंत ज्वलनशील गैस है और इसके हैंडलिंग के लिए:
प्रशिक्षित स्टाफ
प्रमाणित उपकरण
सुरक्षा प्रोटोकॉल
जरूरी होते हैं।
अवैध दुकानों या अनधिकृत केंद्रों पर गैस भरना:
आग लगने का खतरा बढ़ाता है
सिलेंडर लीकेज का जोखिम पैदा करता है
आसपास के लोगों की जान को खतरे में डाल सकता है
विशेषज्ञों का कहना है कि छोटे सिलेंडरों की अवैध रिफिलिंग किसी भी घनी आबादी वाले इलाके में बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है।
गैस एजेंसियों का दावा: स्टॉक नहीं आया
जयपुर के कई अधिकृत LPG वितरकों से संपर्क करने पर एक समान जवाब सामने आया—5 किलो सिलेंडर का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध नहीं है।
शहर की कई प्रमुख एजेंसियों ने कहा:
फिलहाल छोटे सिलेंडर उपलब्ध नहीं हैं
नई सप्लाई कब आएगी, इसकी स्पष्ट जानकारी नहीं है
यही सप्लाई गैप कालाबाजारी को बढ़ावा देने का बड़ा कारण बन रहा है। जब अधिकृत चैनल में उत्पाद उपलब्ध नहीं होता, तो उपभोक्ता मजबूरी में अनौपचारिक और महंगे विकल्पों की ओर जाते हैं।
मांग क्यों बढ़ी?
भारत में हाल के हफ्तों में LPG सप्लाई पर कई वजहों से दबाव देखा गया
अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा आपूर्ति में व्यवधान
पश्चिम एशिया में तनाव
लॉजिस्टिक्स लागत में बढ़ोतरी
घरेलू बुकिंग पर अंतराल नियम
वर्तमान में घरेलू LPG बुकिंग पर समय सीमा लागू है, जिससे:
उपभोक्ताओं को सिलेंडर मिलने में देरी हो रही है
छोटे सिलेंडर विकल्प की मांग बढ़ गई है
छात्र, अकेले रहने वाले कर्मचारी और छोटे परिवार 5 किलो सिलेंडर को सुविधाजनक विकल्प मान रहे हैं।
उपभोक्ताओं के लिए क्या खतरे हैं?
यदि उपभोक्ता ब्लैक मार्केट से LPG सिलेंडर खरीदते हैं, तो उन्हें कई जोखिमों का सामना करना पड़ सकता है:
आर्थिक जोखिम:
अधिक कीमत
नकली बिल
कोई गारंटी नहीं
कानूनी जोखिम:
अनधिकृत कनेक्शन विवाद
रिफिल में अस्वीकृति
सुरक्षा जोखिम:
गैस रिसाव
सिलेंडर फटना
आग लगना
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि:
केवल अधिकृत एजेंसी से कनेक्शन लें
सिलेंडर की सील जांचें
बिल जरूर लें
संदिग्ध बिक्री की शिकायत करें
प्रशासन के लिए चुनौती
यह मामला केवल गैस सिलेंडर की ब्लैक मार्केटिंग का नहीं, बल्कि सार्वजनिक व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही का भी है।
यदि पुलिस स्टेशन के पास खुलेआम ऐसा कारोबार हो सकता है, तो:
निरीक्षण प्रणाली पर सवाल उठते हैं
स्थानीय प्रवर्तन की गंभीरता पर संदेह होता है
उपभोक्ता संरक्षण कमजोर दिखता है
प्रशासन को चाहिए कि:
अधिकृत स्टॉक स्थिति सार्वजनिक करे
छोटे सिलेंडरों की रियल-टाइम उपलब्धता बताए
अवैध रिफिलिंग केंद्रों पर कार्रवाई करे
हेल्पलाइन और शिकायत तंत्र सक्रिय करे









