यूनिवर्सिटी ऑफ राजस्थान ने नए सत्र के लिए आरक्षण नीति को स्पष्ट करते हुए बताया है कि कुल सीटों का 49 प्रतिशत हिस्सा SC, ST, OBC, MBC, EWS और दिव्यांग छात्रों के लिए तय किया गया है। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय और NRI छात्रों के लिए अतिरिक्त सीटें रखी गई हैं। सीटें मेरिट और श्रेणीवार नियमों के अनुसार दी जाएंगी, ताकि सभी वर्गों को उचित प्रतिनिधित्व मिल सके।
राजस्थान यूनिवर्सिटी आरक्षण नीति 2025: यूनिवर्सिटी ऑफ राजस्थान ने आगामी प्रवेश सत्र के लिए आरक्षण नियमों की पुष्टि की है, जिसमें कुल सीटों का 49 प्रतिशत विशेष वर्गों के लिए आरक्षित होगा। यह नीति जयपुर स्थित विश्वविद्यालय में लागू की जाएगी और इसका उद्देश्य SC, ST, OBC, MBC, EWS और दिव्यांग छात्रों को बेहतर अवसर देना है। नए नियमों के अनुसार, कश्मीरी माइग्रेंट्स और NRI छात्रों के लिए भी अतिरिक्त सीटें तय की गई हैं, ताकि प्रवेश प्रक्रिया पारदर्शी और संतुलित रह सके।
SC-ST-OBC के लिए तय प्रतिशत सीटें
SC छात्रों के लिए 16 प्रतिशत और ST छात्रों के लिए 12 प्रतिशत सीटें निर्धारित की गई हैं। OBC श्रेणी (क्रिमी लेयर को छोड़कर) को 21 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा। श्रेणी में आने वाले उम्मीदवारों को मेरिट के आधार पर सीटें दी जाएंगी और यदि कोई छात्र सामान्य वर्ग से अधिक अंक लाता है, तो वह सामान्य मेरिट सूची में शामिल होगा।
MBC वर्ग के लिए 5 प्रतिशत सीटें तय की गई हैं। इसके साथ ही EWS छात्रों को भी 10 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है, हालांकि इन्हें योग्यता और कटऑफ में कोई अलग छूट नहीं मिलेगी। बोर्ड के अनुसार, आरक्षण पूरा करने के लिए आवश्यकता पड़ने पर पास प्रतिशत तक सीटें आवंटित की जा सकती हैं।
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दिव्यांग और विशेष श्रेणी के छात्रों के लिए अलग प्रावधान
दिव्यांग श्रेणी के छात्रों के लिए 5 प्रतिशत सीटें आरक्षित हैं। इसमें वे छात्र शामिल हैं जो स्थायी रूप से बहरे, गूंगे, अंधे या शारीरिक रूप से किसी बड़ी अक्षमता से प्रभावित हों। कश्मीरी माइग्रेंट्स के बच्चों को भी 10 प्रतिशत सीटों का प्रावधान दिया गया है।
अंतरराष्ट्रीय छात्रों और भारतीय मूल के विदेशियों के लिए 15 प्रतिशत सुपरन्यूमेररी सीटें निर्धारित की गई हैं। इन सीटों में से 5 प्रतिशत विशेष रूप से NRI बच्चों के लिए रखी गई हैं। NRI श्रेणी में प्रवेश लेने वाले छात्रों को सामान्य वर्ग से लगभग पांच गुना फीस देनी होगी।
आरक्षण लागू करने की प्रक्रिया कैसे होगी
विश्वविद्यालय ने साफ किया है कि SC, ST और OBC उम्मीदवारों को प्राथमिकता श्रेणीवार मेरिट के आधार पर दी जाएगी। यदि किसी श्रेणी में सीटें खाली रहती हैं, तो नियम के अनुसार अगली योग्य श्रेणी में उन्हें समायोजित किया जाएगा। सभी प्रक्रियाएं सरकारी दिशानिर्देशों के अनुरूप होंगी, ताकि आरक्षण प्रतिशत बिना किसी कमी के पूरा हो।
सीट आवंटन के दौरान यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि आरक्षित वर्ग के छात्रों को उचित प्रतिनिधित्व मिले और किसी भी श्रेणी की सीटें बिना कारण खाली न रहें। यह व्यवस्था नए सत्र में अधिक समान अवसर और पारदर्शिता सुनिश्चित करेगी।










