राज्यसभा चुनाव 2026: महाराष्ट्र से लेकर बिहार तक 37 सांसदों का कार्यकाल खत्म, देखें पूरी राज्यवार सूची

राज्यसभा चुनाव 2026 में 10 राज्यों की 37 सीटों पर बदलाव होगा। कई सांसदों का कार्यकाल खत्म हो रहा है। जानें महाराष्ट्र, बिहार, तमिलनाडु समेत कौन रिटायर हो रहा।

राज्यसभा चुनाव 2026 के तहत 10 राज्यों की 37 सीटों पर बदलाव होने जा रहा है। कई मौजूदा सांसदों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। महाराष्ट्र, बिहार, तमिलनाडु समेत कई राज्यों में नए प्रतिनिधि चुने जाएंगे, जिससे राजनीतिक समीकरण प्रभावित हो सकते हैं।

Rajya Sabha Election 2026: देश की राजनीति में राज्यसभा चुनाव एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया मानी जाती है। हर दो साल में राज्यसभा के कुछ सदस्यों का कार्यकाल समाप्त होता है और उनकी जगह नए सांसद चुने जाते हैं। इसी क्रम में इस बार 10 राज्यों की कुल 37 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव की प्रक्रिया पूरी हो रही है।

सोमवार को इन सीटों के लिए मतदान का आयोजन किया गया है। हालांकि सभी सीटों पर वोटिंग की जरूरत नहीं पड़ी क्योंकि 26 सीटों पर उम्मीदवार पहले ही निर्विरोध चुन लिए गए। अब केवल 11 सीटों पर मतदान हो रहा है। इनमें बिहार की 5, ओडिशा की 4 और हरियाणा की 2 सीटें शामिल हैं। मतदान सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक होगा और उसी दिन मतगणना के बाद परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे।

इस चुनाव के साथ ही कई राज्यों के 37 मौजूदा राज्यसभा सांसदों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। आइए जानते हैं कि ये सांसद किन राज्यों से हैं और किस राजनीतिक पार्टी से जुड़े हुए हैं।

किन राज्यों में कितनी सीटें खाली

इस बार जिन राज्यों में राज्यसभा की सीटें खाली हो रही हैं, उनमें महाराष्ट्र सबसे ऊपर है। महाराष्ट्र से कुल 7 सीटों के लिए नए सांसद चुने जाने हैं। इसके बाद तमिलनाडु से 6 और बिहार तथा पश्चिम बंगाल से 5-5 सीटें खाली हो रही हैं।

इसके अलावा ओडिशा से 4, असम से 3, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ से 2-2 तथा हरियाणा से भी 2 सीटों के लिए चुनाव हो रहा है। हिमाचल प्रदेश से एक सीट के लिए नया सदस्य चुना जाएगा।

इस बार बिहार, ओडिशा और हरियाणा राजनीतिक दृष्टि से सबसे ज्यादा चर्चा में हैं क्योंकि इन राज्यों में मुकाबला काफी दिलचस्प माना जा रहा है। यहां सत्ताधारी गठबंधन एनडीए और विपक्षी दलों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है।

महाराष्ट्र से जिन सांसदों का कार्यकाल खत्म हो रहा है

महाराष्ट्र से इस बार कुल सात राज्यसभा सांसदों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। इनमें अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेता शामिल हैं।

इनमें राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद गुट) के शरद पवार का नाम प्रमुख है। इसके अलावा शिवसेना (UBT) की प्रियंका चतुर्वेदी भी इसी सूची में शामिल हैं।

भारतीय जनता पार्टी के डॉ. भागवत कराड का कार्यकाल भी समाप्त हो रहा है। वहीं एनसीपी की डॉ. फौजिया खान भी इस बार रिटायर हो रही हैं।

शिवसेना (शिंदे गुट) के धैर्यशील पाटील, कांग्रेस की रजनी पाटील और आरपीआई (आठवले) के नेता रामदास आठवले का कार्यकाल भी इसी चरण में पूरा हो रहा है।

ओडिशा के चार सांसदों का कार्यकाल समाप्त

ओडिशा से इस बार चार राज्यसभा सांसदों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। ये सभी नेता बीजू जनता दल यानी BJD से जुड़े हुए हैं।

इनमें ममता मोहंता, मुजीबुल्ला खान, सुजीत कुमार और निरंजन बिशी के नाम शामिल हैं।

ओडिशा में बीजद का विधानसभा में मजबूत आधार रहा है, इसलिए यहां के चुनावी समीकरण पर भी राजनीतिक दलों की नजर बनी हुई है।

तमिलनाडु से छह सांसदों का कार्यकाल खत्म

तमिलनाडु से कुल छह राज्यसभा सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। इनमें डीएमके के कई वरिष्ठ नेता शामिल हैं।

इनमें एनआर एलंगो, पी. सेल्वारासु, तिरुचि शिवा और कनिमोझी एनवीएन सोमू के नाम प्रमुख हैं। ये सभी डीएमके से जुड़े हुए हैं।

इसके अलावा एआईएडीएमके के एम. थंबीदुरई और तमिल मनीला कांग्रेस के जीके वासन का कार्यकाल भी इसी समय समाप्त हो रहा है।

पश्चिम बंगाल के सांसद भी हो रहे सेवानिवृत्त

पश्चिम बंगाल से पांच राज्यसभा सांसदों का कार्यकाल खत्म हो रहा है। इनमें तृणमूल कांग्रेस के तीन नेता शामिल हैं।

इनमें साकेत गोखले, ऋतब्रत बनर्जी और मौसम नूर का नाम प्रमुख है।

इसके अलावा सीपीआई (एम) के वरिष्ठ नेता विकास रंजन भट्टाचार्य भी इसी सूची में शामिल हैं जिनका कार्यकाल पूरा हो रहा है।

असम के तीन सांसदों का कार्यकाल समाप्त

असम से इस बार तीन राज्यसभा सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। इनमें भारतीय जनता पार्टी के दो नेता शामिल हैं।

  • रामेश्वर तेली और भुवनेश्वर कलिता भाजपा के नेता हैं जिनका कार्यकाल पूरा हो रहा है।
  • इसके अलावा असम जातीय परिषद के नेता अजीत कुमार भुइयां भी इसी सूची में शामिल हैं।

बिहार के पांच सांसदों का कार्यकाल समाप्त

बिहार से इस बार पांच राज्यसभा सांसदों का कार्यकाल खत्म हो रहा है। इनमें राष्ट्रीय जनता दल के दो नेता शामिल हैं।

  • आरजेडी के अमरेंद्र धारी सिंह और प्रेमचंद गुप्ता का कार्यकाल पूरा हो रहा है।
  • इसके अलावा जनता दल यूनाइटेड के रामनाथ ठाकुर और हरिवंश नारायण सिंह भी रिटायर हो रहे हैं।
  • राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के नेता उपेंद्र कुशवाहा का कार्यकाल भी इसी समय समाप्त हो रहा है।

अन्य राज्यों के सांसद

  • छत्तीसगढ़ से कांग्रेस के केटीएस तुलसी और फूलो देवी नेताम का कार्यकाल समाप्त हो रहा है।
  • हरियाणा से कांग्रेस की किरण चौधरी और भाजपा के रामचंद्र जांगड़ा भी इस बार रिटायर हो रहे हैं।
  • हिमाचल प्रदेश से भाजपा की इंदु गोस्वामी का कार्यकाल समाप्त हो रहा है।
  • तेलंगाना से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ. अभिषेक मनु सिंघवी और केआर सुरेश रेड्डी का कार्यकाल भी इसी चरण में पूरा हो रहा है।

राज्यसभा चुनाव का राजनीतिक महत्व

राज्यसभा चुनाव केवल नए सांसदों के चयन तक सीमित नहीं होता बल्कि इसका सीधा असर राष्ट्रीय राजनीति पर पड़ता है। उच्च सदन में किसी भी सरकार के लिए बहुमत बेहद महत्वपूर्ण होता है क्योंकि कई महत्वपूर्ण विधेयक राज्यसभा से भी पास होते हैं।

इस बार के चुनाव में भी विभिन्न दल अपने-अपने उम्मीदवारों को जिताने के लिए पूरी ताकत लगा रहे हैं। कई राज्यों में राजनीतिक समीकरण बेहद दिलचस्प बने हुए हैं।

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