Raktanchal Season 3 Review: बदले की आग और गैंगवॉर का नया अध्याय, दमदार एक्टिंग ने संभाला मोर्चा

Raktanchal Season 3 Review: वेब सीरीज ‘रक्तांचल सीजन 3’ में बदले की आग, गैंगवॉर और सत्ता की लड़ाई का नया अध्याय देखने को मिलता है। दमदार अभिनय और जबरदस्त

क्राइम ड्रामा सीरीज 'रक्तांचल' के पहले दो सीजन को दर्शकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिला था। पूर्वांचल की राजनीति, गैंगवार और आपसी दुश्मनी पर आधारित इस सीरीज का तीसरा सीजन अब दर्शकों के सामने है।

  • वेब सीरीज रिव्यू: रक्तांचल सीजन 3
  • ऐक्टर: क्रांति प्रकाश झा,निक‍ितन धीर,विक्रम कोचर,माही गिल,राजेश कुमार,करण पटेल
  • श्रेणी: Hindi, Crime, Thriller, Action
  • डायरेक्टर: रितम श्रीवास्‍तव
  • रेटिंग: 3.0/5

एंटरटेनमेंट न्यूज़: पूर्वांचल की राजनीति, अपराध और गैंगवार की दुनिया पर आधारित लोकप्रिय क्राइम ड्रामा सीरीज ‘रक्तांचल’ का तीसरा सीजन रिलीज हो चुका है। पहले दो सीजन में दर्शकों के बीच अपनी मजबूत पकड़ बनाने वाली यह फ्रेंचाइजी इस बार सत्ता संघर्ष से ज्यादा निजी दुश्मनी और बदले की कहानी पर केंद्रित नजर आती है।

निर्देशक रितम श्रीवास्तव ने तीसरे सीजन में उसी रॉ और डार्क माहौल को बनाए रखा है, जिसके लिए यह सीरीज जानी जाती है। हालांकि, कहानी में कुछ नए मोड़ जरूर जोड़े गए हैं, लेकिन इसकी मूल भावना यानी अपराध, ताकत और बदले की लड़ाई बरकरार है। ‘रक्तांचल सीजन 3’ 16 जुलाई 2026 को Amazon MX Player पर रिलीज हुई है। यह सीजन आठ एपिसोड में बंटा हुआ है और वसीम खान तथा विजय सिंह की पुरानी दुश्मनी को एक नए स्तर पर ले जाता है।

‘रक्तांचल सीजन 3’ की कहानी

तीसरे सीजन की शुरुआत एक रहस्यमय घटना से होती है। एक ट्रक ड्राइवर जंगल में घायल हालत में पड़े वसीम खान (निकितिन धीर) को बचाता है। जब उससे हमलावर का नाम पूछा जाता है, तो वह अपने सबसे बड़े दुश्मन विजय सिंह (क्रांति प्रकाश झा) का नाम लेता है। यह मोड़ दर्शकों को हैरान करता है, क्योंकि पिछले सीजन के अंत में विजय सिंह को मृत माना गया था। उसकी वापसी के साथ ही कहानी में पुराने संघर्ष फिर से जीवित हो जाते हैं और दोनों किरदारों के बीच बदले की लड़ाई और खतरनाक हो जाती है।

इस बार कहानी सिर्फ इलाके और सत्ता पर कब्जे तक सीमित नहीं रहती, बल्कि व्यक्तिगत दुश्मनी इसका केंद्र बन जाती है। विजय सिंह अपनी पत्नी रोली की यादों और अपने दर्द से जूझते हुए बदले की राह पर आगे बढ़ता है। दूसरी तरफ, बिलाल वसीम के खिलाफ नई चालें चलता है और विजय को कमजोर करने की कोशिश करता है। 

इसी बीच बाबा खान, राजनेता सरस्वती देवी (माही गिल) से वसीम की सुरक्षा की मदद मांगते हैं। वहीं नए एसीपी हिमांशु पटनायक (करण पटेल) कानून व्यवस्था सुधारने के लिए स्पेशल टास्क फोर्स तैयार करते हैं।

निर्देशन और कहानी की समीक्षा

Raktanchal Season 3 Review: बदले की आग और गैंगवॉर का नया अध्याय, दमदार एक्टिंग ने संभाला मोर्चा

‘रक्तांचल सीजन 3’ की सबसे बड़ी ताकत इसका माहौल है। सीरीज पूर्वांचल की कठोर और अपराध से भरी दुनिया को प्रभावी तरीके से पेश करती है। हिंसा के दृश्य, गैंगस्टर राजनीति और किरदारों के बीच तनाव कहानी को गंभीर बनाए रखते हैं। निर्देशक रितम श्रीवास्तव ने फ्रेंचाइजी की पहचान को बरकरार रखा है। एक्शन सीक्वेंस प्रभावशाली हैं और ग्रामीण पृष्ठभूमि कहानी को वास्तविकता का एहसास देती है।

हालांकि, कुछ जगहों पर कहानी की रफ्तार कमजोर पड़ती है। कई दृश्य पुराने क्राइम ड्रामा की तरह महसूस होते हैं और कुछ हिस्सों में दोहराव भी नजर आता है। बदले की कहानी भावनात्मक गहराई तो जोड़ती है, लेकिन कई बार अनुमान लगाना आसान हो जाता है कि आगे क्या होगा। इसके बावजूद, मुख्य संघर्ष दर्शकों की रुचि बनाए रखता है और सीरीज अपने क्लाइमैक्स तक पकड़ बनाए रखने में सफल रहती है।

कलाकारों की शानदार परफॉर्मेंस

सीरीज की सबसे बड़ी उपलब्धि इसकी स्टारकास्ट की मजबूत अदाकारी है। निकितिन धीर ने वसीम खान के किरदार में एक बार फिर प्रभावशाली प्रदर्शन किया है। उनका स्क्रीन प्रेजेंस और संवाद अदायगी उन्हें एक खतरनाक गैंगस्टर के रूप में स्थापित करती है। वहीं, किरदार के भावनात्मक पहलू को भी उन्होंने अच्छी तरह दिखाया है।

क्रांति प्रकाश झा ने विजय सिंह के रूप में शानदार काम किया है। उनके किरदार में दर्द, गुस्सा और बदले की भावना का मिश्रण साफ दिखाई देता है। करण पटेल ने एसीपी हिमांशु पटनायक के रूप में दमदार एंट्री की है। उनका शांत लेकिन प्रभावी अंदाज पुलिस अधिकारी के किरदार को मजबूत बनाता है। इसके अलावा माही गिल, सौंदर्या शर्मा, विक्रम कोचर, प्रमोद पाठक, राजेश कुमार और शशि चतुर्वेदी ने भी अपने-अपने किरदारों में अच्छा योगदान दिया है।

तकनीकी पक्ष

तकनीकी स्तर पर ‘रक्तांचल सीजन 3’ अपने पुराने अंदाज को बरकरार रखता है। सिनेमैटोग्राफी पूर्वांचल के कठिन इलाकों और अपराध की दुनिया को प्रभावी तरीके से दिखाती है। बैकग्राउंड म्यूजिक कहानी में तनाव बढ़ाता है, जबकि एक्शन कोरियोग्राफी दर्शकों को बांधे रखने में सफल रहती है। प्रोडक्शन डिजाइन भी सीरीज के माहौल को मजबूत बनाता है।

अंतिम फैसला

कुल मिलाकर, ‘रक्तांचल सीजन 3’ एक मजबूत क्राइम ड्रामा है, जो बदले, गैंगवार और सत्ता संघर्ष को नए भावनात्मक नजरिए से पेश करता है। हालांकि कहानी में कुछ नया प्रयोग नजर नहीं आता और कुछ हिस्से धीमे लगते हैं, लेकिन शानदार अभिनय, प्रभावी एक्शन और मजबूत किरदार इसे देखने लायक बनाते हैं।

जो दर्शक वसीम खान और विजय सिंह की दुश्मनी से पहले से जुड़े हुए हैं, उनके लिए यह सीजन खास अनुभव हो सकता है। वहीं नए दर्शकों को कहानी को पूरी तरह समझने के लिए पहले दो सीजन देखना फायदेमंद रहेगा।

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