राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण में नया खुलासा, जांच के घेरे में आए कर्मचारी की बढ़ी थीं ऐशो-आराम की चर्चाएं

राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण में जांच के घेरे में आए कर्मचारी की जीवनशैली को लेकर नए दावे सामने आए हैं। एजेंसियां वित्तीय रिकॉर्ड और साक्ष्यों की जांच कर रही हैं।

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण में जांच के दायरे में आए एक कर्मचारी की जीवनशैली को लेकर नए दावे सामने आए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि गणना कक्ष में ड्यूटी मिलने के बाद उसके खर्च और रहन-सहन में अचानक बदलाव देखा गया था।

लखनऊ: राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण की जांच के बीच मामले से जुड़े एक कर्मचारी को लेकर कई नए दावे सामने आए हैं। जांच एजेंसियों की निगरानी में आए व्यक्ति के बारे में ग्रामीणों का कहना है कि मंदिर के गणना कक्ष में ड्यूटी मिलने के बाद उसकी जीवनशैली में बड़ा बदलाव आया था। मामले की जांच जारी है और विभिन्न पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।

जांच के केंद्र में आया कर्मचारी

राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण में जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। जांच एजेंसियों की नजर अब उन लोगों पर भी है, जो मंदिर के चढ़ावे की गणना और प्रबंधन से जुड़े रहे हैं। इसी क्रम में एक कर्मचारी का नाम चर्चा में आया है, जिसके बारे में स्थानीय स्तर पर कई तरह की बातें सामने आ रही हैं।

ग्रामीणों का दावा है कि गणना कक्ष में ड्यूटी मिलने के बाद उसके रहन-सहन और खर्च करने के तरीके में अचानक बदलाव देखा गया था। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है और जांच एजेंसियां तथ्यों की पड़ताल कर रही हैं।

ग्रामीणों ने लगाए खर्च को लेकर आरोप

स्थानीय लोगों के अनुसार, संबंधित व्यक्ति जब भी गांव आता था तो खुले तौर पर खर्च करता दिखाई देता था। ग्रामीणों का दावा है कि एक अवसर पर उसने शराब के ठेके पर ही करीब 50 हजार रुपये खर्च कर दिए थे। इसके बाद गांव में उसकी आय के स्रोत और बढ़ती आर्थिक स्थिति को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई थीं।

हालांकि जांच एजेंसियों ने अब तक इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। फिलहाल सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है।

राम मंदिर निर्माण समिति की बैठक पर भी नजर

इसी बीच राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष Nripendra Misra अयोध्या पहुंचे और निर्माणाधीन परियोजनाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने चढ़ावा प्रकरण पर टिप्पणी करने से इनकार किया, लेकिन मंदिर परिसर में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों की समीक्षा की।

सूत्रों के अनुसार, आगामी समीक्षा बैठक में निर्माण कार्यों की प्रगति के साथ-साथ विभिन्न कार्यदायी एजेंसियों की भूमिका और भविष्य की योजनाओं पर भी चर्चा की जाएगी।

कैसे शुरू हुआ चढ़ावा विवाद?

राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण की चर्चा तब शुरू हुई जब 7 जून को कुछ आरोप लगाए गए कि मंदिर के दान और चढ़ावे की राशि में अनियमितता हुई है। इसके बाद मामले ने राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर भी ध्यान आकर्षित किया।

घटनाक्रम के दौरान मंदिर ट्रस्ट की ओर से आरोपों का खंडन किया गया और नियमित ऑडिट प्रक्रिया का हवाला दिया गया। बाद में मामले से जुड़े कुछ पुराने दावे और बयान भी सामने आए, जिससे विवाद और गहरा गया।

फिलहाल मामले की जांच जारी है और संबंधित एजेंसियां वित्तीय रिकॉर्ड, दस्तावेजों तथा अन्य साक्ष्यों की समीक्षा कर रही हैं। जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की सत्यता और जिम्मेदारियों को लेकर स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी।

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