राम मंदिर चढ़ावा मामला: आज ट्रस्ट की अहम बैठक, जांच से इस्तीफों तक जानें 10 बड़े घटनाक्रम

राम मंदिर चढ़ावा मामले में आज ट्रस्ट की अहम बैठक होगी। एसआईटी जांच, एफआईआर, गिरफ्तारियों और इस्तीफों के बाद कई अहम फैसलों की उम्मीद है।

राम मंदिर चढ़ावा मामले में आज श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम बैठक होगी। एसआईटी जांच, एफआईआर, गिरफ्तारियों और दो ट्रस्ट पदाधिकारियों के इस्तीफों के बाद अब ट्रस्ट के पुनर्गठन समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है

अयोध्या: राम मंदिर में चढ़ावा से जुड़े कथित अनियमितताओं के मामले में आज होने वाली श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक पर सभी की नजरें टिकी हैं। एसआईटी जांच, एफआईआर, गिरफ्तारियों और ट्रस्ट पदाधिकारियों के इस्तीफों के बाद यह बैठक आगे की प्रशासनिक और वित्तीय व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

आज की बैठक पर टिकीं सभी की निगाहें

अयोध्या स्थित श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की सोमवार को होने वाली बैठक को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। माना जा रहा है कि बैठक में चढ़ावा मामले से जुड़ी एसआईटी की अंतरिम रिपोर्ट, ट्रस्ट की वित्तीय व्यवस्था, ऑडिट रिपोर्ट और प्रशासनिक सुधारों पर विस्तार से चर्चा होगी। साथ ही महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र के इस्तीफों पर भी निर्णय लिया जा सकता है। सूत्रों के अनुसार ट्रस्ट के पुनर्गठन और प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव जैसे प्रस्ताव भी बैठक में विचार के लिए रखे जा सकते हैं।

आरोपों से शुरू हुआ मामला, एसआईटी जांच तक पहुंचा

इस पूरे मामले की शुरुआत 7 जून को हुई, जब समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए राम मंदिर में चढ़ावा राशि में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया। इसके बाद ट्रस्ट की ओर से आंतरिक ऑडिट की जानकारी दी गई और कहा गया कि जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सकता।

बाद में मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की मांग तेज हुई और उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया। एसआईटी ने ट्रस्ट पदाधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ की। जांच के दौरान रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और दान से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की गई। 23 जून को एसआईटी ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप दी।

एफआईआर, गिरफ्तारी और छापेमारी तक पहुंची कार्रवाई

जांच के आधार पर 25 जून को रामजन्मभूमि कोतवाली में कई लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कुछ आरोपितों को गिरफ्तार भी किया। इसके बाद 28 जून को पुलिस की अलग-अलग टीमों ने कई स्थानों पर छापेमारी कर दस्तावेज, संपत्ति से जुड़े रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्य जुटाए।

जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि दान राशि और आभूषणों के प्रबंधन में कहीं कोई वित्तीय अनियमितता तो नहीं हुई। अधिकारियों के अनुसार जांच अभी जारी है और सभी पहलुओं की विस्तृत समीक्षा की जा रही है।

इस्तीफों के बाद बढ़ी पुनर्गठन की चर्चा

मामले के सामने आने के बाद ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद ट्रस्ट की प्रशासनिक व्यवस्था और भविष्य के ढांचे को लेकर चर्चा तेज हो गई। बताया जा रहा है कि एसआईटी ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में प्रशासनिक सुधार और ट्रस्ट की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए कुछ सुझाव भी दिए हैं।

आज होने वाली बैठक में वित्त वर्ष 2025-26 की ऑडिट रिपोर्ट, चढ़ावा प्रबंधन प्रणाली, एसआईटी की अंतरिम रिपोर्ट और ट्रस्ट की भविष्य की कार्ययोजना पर विचार किया जाएगा। माना जा रहा है कि इस बैठक के फैसले राम मंदिर के प्रशासनिक ढांचे और वित्तीय प्रबंधन की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। वहीं जांच एजेंसियां अपनी जांच जारी रखेंगी और अंतिम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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