जुबिन नौटियाल के पिता रामशरण नौटियाल ने छोड़ी भाजपा, 12 साल बाद कांग्रेस में की वापसी

जुबिन नौटियाल के पिता रामशरण नौटियाल ने भाजपा छोड़कर कांग्रेस में वापसी की है। 2014 में कांग्रेस छोड़ने के करीब 12 साल बाद उन्होंने सदस्यता ली।

प्रसिद्ध गायक जुबिन नौटियाल के पिता और देहरादून जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष रामशरण नौटियाल भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गए हैं। उन्होंने 2014 में कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामा था। उनकी वापसी को आगामी विधानसभा चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है।

देहरादून: उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं। इसी बीच प्रसिद्ध गायक जुबिन नौटियाल के पिता और देहरादून जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष रामशरण नौटियाल ने भाजपा छोड़कर कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कर ली है। नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में उन्होंने पार्टी में वापसी की। वर्ष 2014 में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए नौटियाल करीब 12 साल बाद फिर कांग्रेस में लौटे हैं।

दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय में ग्रहण की सदस्यता

उत्तराखंड में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक दलों में नेताओं के आने-जाने का सिलसिला तेज हो गया है। इसी क्रम में देहरादून जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष रामशरण नौटियाल ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) छोड़कर कांग्रेस का दामन थाम लिया है। रामशरण नौटियाल प्रसिद्ध बॉलीवुड गायक जुबिन नौटियाल के पिता हैं। उन्होंने सोमवार को नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के मुख्यालय में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।

जुबिन नौटियाल के पिता रामशरण नौटियाल ने छोड़ी भाजपा, 12 साल बाद कांग्रेस में की वापसी

इस अवसर पर उत्तराखंड कांग्रेस प्रभारी कुमारी सैलजा, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य गुरदीप सिंह सप्पल और प्रदेश सह प्रभारी मनोज यादव मौजूद रहे। कांग्रेस नेताओं ने रामशरण नौटियाल का पार्टी में स्वागत किया। उनके कांग्रेस में लौटने को प्रदेश में संगठनात्मक गतिविधियों और आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

2014 में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में हुए थे शामिल

रामशरण नौटियाल का कांग्रेस से पुराना संबंध रहा है। वह उत्तराखंड कांग्रेस में उपाध्यक्ष और महासचिव जैसे पदों पर भी काम कर चुके हैं। वर्ष 2014 में उन्होंने कांग्रेस छोड़कर भाजपा की सदस्यता ग्रहण की थी। इसके बाद वह भाजपा की राजनीति में सक्रिय रहे। सितंबर 2026 के अंतिम सप्ताह में उन्होंने भाजपा से इस्तीफा दे दिया था। तभी से उनके कांग्रेस में शामिल होने की अटकलें लगाई जा रही थीं।

अब करीब 12 साल बाद उनकी कांग्रेस में वापसी हुई है। उत्तराखंड में अगले साल विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। ऐसे में नेताओं के दल बदलने की घटनाओं को चुनावी तैयारियों और राजनीतिक समीकरणों के संदर्भ में देखा जा रहा है। हालांकि, कांग्रेस में शामिल होने के बाद रामशरण नौटियाल को संगठन में कौन-सी जिम्मेदारी दी जाएगी, इस बारे में फिलहाल कोई जानकारी सामने नहीं आई है।

2022 में चकराता सीट से लड़ा था विधानसभा चुनाव

रामशरण नौटियाल ने वर्ष 2022 में भाजपा के टिकट पर चकराता विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था। इस चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी प्रीतम सिंह ने उन्हें नौ हजार से अधिक मतों के अंतर से हराया था। चकराता क्षेत्र जौनसार-बावर की राजनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में नौटियाल की कांग्रेस में वापसी के बाद इस क्षेत्र में उनकी संभावित राजनीतिक भूमिका को लेकर चर्चा हो रही है।

अब यह देखना होगा कि कांग्रेस उन्हें चकराता विधानसभा क्षेत्र में कोई जिम्मेदारी देती है या विकासनगर अथवा किसी अन्य क्षेत्र में उनकी भूमिका तय की जाती है। फिलहाल पार्टी की ओर से इस संबंध में कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है। उनकी वापसी को कांग्रेस के संगठनात्मक विस्तार और चुनाव से पहले राजनीतिक आधार मजबूत करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

यशपाल बेनाम के कांग्रेस में शामिल होने की भी चर्चा

उत्तराखंड की राजनीति में एक अन्य नेता के संभावित दल परिवर्तन को लेकर भी चर्चा चल रही है। पूर्व विधायक और पौड़ी नगर पालिका परिषद के पूर्व अध्यक्ष यशपाल बेनाम ने हाल ही में भाजपा से इस्तीफा दिया था। इसके बाद उनके कांग्रेस में शामिल होने की अटकलें लगाई जा रही हैं।

हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार यशपाल बेनाम के कांग्रेस में शामिल होने की औपचारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार है। उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले नेताओं की राजनीतिक गतिविधियों पर विभिन्न दलों की नजर बनी हुई है।

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