रांची को नए साल में मिलेगी ‘रवींद्र भवन’ की सौगात, जानें इसकी खास खूबियां

रांची के लोगों को नए साल में बड़ी सौगात मिलने जा रही है। आधुनिक सुविधाओं से लैस रवींद्र भवन बनकर तैयार है, जानिए इसकी खासियतें और शहर को मिलने वाले फायदे।

टाउन हाल की पहचान अब रवींद्र भवन के रूप में होगी। समाहरणालय के पास, कचहरी रोड पर झारखंड अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कंपनी (जुडको) द्वारा बनाए जा रहे रवींद्र भवन का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है।

रांची: झारखंड की राजधानी रांची में नए साल 2026 में एक बड़ा सांस्कृतिक केंद्र, 'रवींद्र भवन', आम जनता और कलाकारों के लिए तैयार होगा। यह भवन शहर के समाहरणालय के पास, कचहरी रोड पर झारखंड अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कंपनी (JUIDCO) द्वारा निर्मित किया गया है। रवींद्र भवन का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है, केवल दस-पंद्रह दिनों का काम बाकी है। 

इसके बाद यह उद्घाटन के लिए पूरी तरह तैयार हो जाएगा। प्रारंभिक योजना के अनुसार मुख्यमंत्री इसे राज्य स्थापना दिवस पर उद्घाटित करने वाले थे, लेकिन निर्माण में देरी के कारण यह संभव नहीं हो पाया।

निर्माण का इतिहास और लागत

रवींद्र भवन का शिलान्यास 2017 में तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी द्वारा किया गया था। उस समय मुख्यमंत्री रघुवर दास थे। भवन का निर्माण कार्य शुरू हुआ और प्रारंभिक योजना थी कि 2019 तक यह पूरा हो जाएगा। हालांकि, विभिन्न कारणों से निर्माण कार्य में दो साल की देरी हुई। इसके बाद राज्य मंत्रिपरिषद ने ₹292.26 करोड़ की पुनरीक्षित लागत को मंजूरी दी, जबकि प्रारंभिक योजना केवल ₹155 करोड़ की थी। इस प्रकार, यह परियोजना अब ₹292 करोड़ की लागत में पूरी हुई है और झारखंड के लिए यह एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक उपलब्धि मानी जा रही है।

भवन की खासियत

रवींद्र भवन रांची का सबसे बड़ा कार्यक्रम स्थल होगा और शहर की सांस्कृतिक पहचान को नया रूप देगा। यह भवन लगभग 12,000 वर्ग फीट में फैला है और कई आधुनिक सुविधाओं से लैस है।

  • 1500 लोगों की क्षमता वाला कम्युनिटी हाल।
  • सभागार को तीन हिस्सों में बांटकर 500-500 लोगों के तीन हॉल तैयार किए जा सकते हैं।
  • बड़ा स्टेज जहां किसी भी बड़े सांस्कृतिक या सामाजिक कार्यक्रम का आयोजन किया जा सके।
  • भवन में 24 वातानुकूलित कमरे हैं, साथ में शौचालय और अन्य सुविधाएं।
  • जिम, फूड कोर्ट, टी-स्टाल और म्यूजिक रूम प्रत्येक फ्लोर पर उपलब्ध।
  • जर्मन निर्मित एडवांस्ड साउंड सिस्टम और आधुनिक तकनीकी सुविधाएं।
  • 570 कारों और 390 दोपहिया वाहनों के लिए पार्किंग।

सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व

रांची को नए साल में मिलेगी ‘रवींद्र भवन’ की सौगात, जानें इसकी खास खूबियां

रवींद्र भवन की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह रांची के कला और संस्कृति के विकास में अहम भूमिका निभाएगा। शहर में पहले ऐसा कोई बड़ा सांस्कृतिक केंद्र नहीं था।

  • कलाकार अब अपने कार्यक्रमों का आयोजन आसानी से कर पाएंगे।
  • शहर के बीच होने के कारण लोगों की पहुंच आसान होगी।
  • यह भवन कलाकारों और जनता के बीच सांस्कृतिक संवाद स्थापित करेगा।
  • रवींद्र भवन शहर में सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने वाला प्रमुख स्थल बनेगा।

भवन में पहले गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की आदमकद प्रतिमा स्थापित की गई थी। हालांकि, यह प्रतिमा स्थानीय बंग समाज को स्वीकार्य नहीं लगी और विरोध के बाद इसे हटाना पड़ा। वर्तमान में प्रतिमा की जगह फूलों के गमले लगाए गए हैं।

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