रांची गोशाला भूमि विवाद में 14 लोगों को समन, करोड़ों की धोखाधड़ी का आरोप

रांची गोशाला भूमि विवाद मामले में अदालत ने 14 आरोपियों को समन जारी किया है। शिकायतकर्ता ने 1.39 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी और रजिस्ट्री न होने का आरोप लगाया है।

रांची सिविल कोर्ट ने गोशाला न्यास भूमि विवाद मामले में 14 आरोपियों के खिलाफ संज्ञान लेते हुए समन जारी किया है। शिकायतकर्ता ने जमीन की रजिस्ट्री न होने के बावजूद 1.39 करोड़ रुपये का भुगतान लेने और धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है।

रांची: हरमू रोड स्थित रांची गोशाला न्यास से जुड़े भूमि विवाद मामले में अदालत ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत ने शिकायत और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर 14 आरोपियों के खिलाफ प्रथम दृष्टया मामला बनता हुआ पाया और उन्हें समन जारी किया है। मामला जमीन बिक्री समझौते और कथित वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़ा बताया जा रहा है।

भूमि सौदे को लेकर अदालत पहुंचा मामला

मामला एक निजी व्यवसायी द्वारा दायर शिकायत से जुड़ा है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि गोशाला न्यास की भूमि के सौदे के दौरान समझौते की शर्तों का पालन नहीं किया गया। शिकायतकर्ता का दावा है कि वर्ष 2013 और 2014 के दौरान भूमि बिक्री को लेकर समझौता हुआ था, लेकिन बाद में विवाद उत्पन्न हो गया।

रांची गोशाला भूमि विवाद में 14 लोगों को समन, करोड़ों की धोखाधड़ी का आरोप

अदालत में दायर शिकायत के अनुसार जमीन के हस्तांतरण और रजिस्ट्री से संबंधित वादों को पूरा नहीं किया गया, जिसके कारण शिकायतकर्ता को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।

1.39 करोड़ रुपये भुगतान का दावा

शिकायतकर्ता ने अदालत को बताया कि भूमि की रजिस्ट्री के लिए उसने 1 करोड़ 39 लाख 62 हजार 500 रुपये का भुगतान किया था। आरोप है कि भुगतान लेने के बावजूद संबंधित जमीन की रजिस्ट्री नहीं कराई गई।

मामले की सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता के अलावा कई गवाहों ने भी अपने बयान दर्ज कराए। गवाहों ने धन के लेन-देन और रजिस्ट्री प्रक्रिया पूरी नहीं होने से जुड़े तथ्यों को अदालत के समक्ष रखा।

अदालत ने जारी किया समन

न्यायालय ने शिकायत, बयान और प्रस्तुत साक्ष्यों का अध्ययन करने के बाद माना कि आरोपियों के खिलाफ प्रथम दृष्टया आपराधिक मामला बनता है। इसके आधार पर संबंधित व्यक्तियों को समन जारी किया गया है।

अदालत ने सभी पक्षों को आगामी सुनवाई में उपस्थित होने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 13 जुलाई 2026 को निर्धारित की गई है।

कई पूर्व पदाधिकारी जांच के दायरे में

जिन लोगों के खिलाफ समन जारी किया गया है, उनमें गोशाला न्यास के पूर्व और तत्कालीन पदाधिकारी, ट्रस्टी तथा भूमि सौदे से जुड़े अन्य व्यक्ति शामिल हैं। आरोपियों पर विश्वासघात, धोखाधड़ी और कथित रूप से गलत तरीके से भूमि सौदे को अंजाम देने जैसे आरोप लगाए गए हैं।

हालांकि मामले में आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल अदालत ने केवल उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर संज्ञान लिया है।

अगली सुनवाई पर रहेंगी निगाहें

यह मामला रांची के चर्चित भूमि विवादों में शामिल माना जा रहा है। अदालत द्वारा समन जारी किए जाने के बाद अब सभी पक्षों की नजर आगामी सुनवाई पर टिकी है।

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि सुनवाई के दौरान प्रस्तुत दस्तावेजों, वित्तीय लेन-देन के रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की दिशा तय होगी। फिलहाल न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ रही है और सभी आरोप अदालत में विचाराधीन हैं।

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