रांची विश्वविद्यालय में पीजी सत्र 2025-27 के करीब 650 विद्यार्थियों का रजिस्ट्रेशन अब तक पूरा नहीं हुआ है। नामांकन में पहले ही एक साल की देरी हो चुकी है। रजिस्ट्रेशन लंबित रहने से परीक्षाएं प्रभावित हो रही हैं और वोकेशनल कोर्स के छात्रों की चिंता बढ़ गई है।
रांची: रांची विश्वविद्यालय में स्नातकोत्तर (पीजी) सत्र 2025-27 के विद्यार्थियों को रजिस्ट्रेशन में देरी के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अगस्त 2026 में नामांकन प्रक्रिया पूरी होने और कक्षाएं शुरू होने के बावजूद विद्यार्थियों का पंजीकरण अब तक नहीं हुआ है। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, रजिस्ट्रेशन पूरा होने के बाद ही परीक्षाएं आयोजित की जा सकती हैं। इससे विद्यार्थियों का शैक्षणिक कैलेंडर और आगे की योजनाएं प्रभावित होने की आशंका है।
रांची विश्वविद्यालय में पीजी के करीब 650 विद्यार्थियों का रजिस्ट्रेशन लंबित
रांची विश्वविद्यालय में पीजी सत्र 2025-27 के विद्यार्थियों की पढ़ाई शुरू होने के बावजूद रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। विश्वविद्यालय के सभी 30 विभागों में इस सत्र के तहत करीब 650 विद्यार्थियों ने नामांकन लिया है। अगस्त 2026 में नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद पंजीकरण किया जाना था, लेकिन एक महीने से अधिक समय बीतने के बावजूद विद्यार्थियों को इसका इंतजार है।
इस सत्र में पहले ही निर्धारित समय से करीब एक साल की देरी हो चुकी है। जिन विद्यार्थियों का नामांकन 2025 में होना था, उन्हें 2026 में दाखिला मिला। अब रजिस्ट्रेशन में देरी के कारण परीक्षाओं का कार्यक्रम भी प्रभावित हो रहा है। विद्यार्थियों को आशंका है कि अगर प्रक्रिया जल्द पूरी नहीं हुई, तो सत्र और पीछे चला जाएगा।
रजिस्ट्रेशन के बिना नहीं हो सकती परीक्षा
विश्वविद्यालय में विभागों की ओर से कक्षाएं संचालित की जा रही हैं और पाठ्यक्रम समय पर पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, रजिस्ट्रेशन पूरा नहीं होने के कारण परीक्षा आयोजित करने में बाधा आ रही है।
विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉ. संजय कुमार सिंह के अनुसार, विद्यार्थियों का रजिस्ट्रेशन होने के बाद ही परीक्षा आयोजित की जा सकती है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की कोशिश है कि परीक्षाएं समय पर कराई जाएं और परिणाम भी निर्धारित समय के भीतर जारी किए जाएं।
विद्यार्थियों का कहना है कि नामांकन में पहले ही देरी हो चुकी है। ऐसे में पंजीकरण और परीक्षा कार्यक्रम में लगातार विलंब होने से उनकी पढ़ाई की योजना प्रभावित हो रही है। समय पर परीक्षा और परिणाम नहीं आने की स्थिति में आगे की पढ़ाई या नौकरी के लिए आवेदन करने में भी परेशानी हो सकती है।
एमबीए, एमसीए समेत वोकेशनल कोर्स के छात्रों की बढ़ी चिंता
रजिस्ट्रेशन में देरी का असर नियमित पाठ्यक्रमों के साथ-साथ व्यावसायिक यानी वोकेशनल कोर्स के विद्यार्थियों पर भी पड़ रहा है। एमबीए, एमसीए, ग्रामीण विकास (आरडी), आर्कियोलॉजी एंड म्यूजियोलॉजी सहित अन्य पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों को समय पर परीक्षा और परिणाम की चिंता सता रही है।
वोकेशनल कोर्स के विद्यार्थियों के लिए समय पर पाठ्यक्रम पूरा होना विशेष रूप से जरूरी है। परीक्षा में देरी होने से उनके प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रभावित हो सकते हैं। इसके साथ ही नौकरी के अवसरों और आगे की शैक्षणिक प्रक्रियाओं में भी परेशानी आने की आशंका है।
विद्यार्थियों का मानना है कि अगर रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया जल्द पूरी कर ली जाए, तो परीक्षा कार्यक्रम को व्यवस्थित करने में मदद मिल सकती है। फिलहाल विश्वविद्यालय प्रशासन का लक्ष्य लंबित प्रक्रिया पूरी कर परीक्षा और परिणाम जारी करने में देरी को कम करना है। छात्रों को अब रजिस्ट्रेशन की तारीख और परीक्षा कार्यक्रम से संबंधित आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।








