भारतीय बैंकिंग सेक्टर में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। दुबई के प्रमुख बैंक एमिरेट्स एनबीडी की भारत में मौजूद शाखाओं का विलय आरबीएल बैंक में किया जाएगा। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने दोनों बैंकों की भारतीय शाखाओं के विलय को मंजूरी दे दी है।
बिजनेस न्यूज़: भारतीय बैंकिंग सेक्टर में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के प्रमुख बैंक Emirates NBD की भारत में मौजूद शाखाओं के RBL Bank में विलय को मंजूरी दे दी है। यह विलय 1 दिसंबर 2026 से प्रभावी होने की जानकारी दी गई है। इसके बाद Emirates NBD की भारत स्थित शाखाएं RBL Bank के नेटवर्क के अंतर्गत काम करेंगी।
इस फैसले से भारतीय बैंकिंग बाजार में दोनों संस्थानों की साझेदारी को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। साथ ही, उन ग्राहकों के मन में भी सवाल उठ रहे हैं, जिनका बैंक खाता Emirates NBD की भारतीय शाखाओं में है। क्या खाते का नाम बदलेगा? जमा रकम, लोन और कार्ड जैसी सुविधाओं पर क्या असर पड़ेगा? आइए, इस पूरे घटनाक्रम को विस्तार से समझते हैं।
1 दिसंबर 2026 से लागू होगा शाखाओं का विलय
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, RBI की मंजूरी के बाद Emirates NBD की भारत में मौजूद शाखाओं को RBL Bank में शामिल किया जाएगा। फिलहाल Emirates NBD की भारतीय शाखाएं मुंबई, चेन्नई और गुरुग्राम में स्थित हैं। विलय प्रभावी होने के बाद ये शाखाएं RBL Bank के तहत काम करेंगी। इस प्रक्रिया के तहत भारत में Emirates NBD का अलग शाखा नेटवर्क RBL Bank के बैंकिंग नेटवर्क से जुड़ जाएगा। हालांकि, ग्राहकों के लिए बैंकिंग सेवाओं में होने वाले व्यावहारिक बदलावों की पूरी जानकारी संबंधित बैंकों की ओर से जारी निर्देशों पर निर्भर करेगी।
Emirates NBD ने RBL Bank में कितना निवेश किया?
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इस विलय के पीछे दोनों बैंकों के बीच हुआ बड़ा निवेश समझौता भी अहम है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, Emirates NBD ने जून 2026 में RBL Bank में लगभग 2.75 अरब डॉलर यानी करीब 26,000 करोड़ रुपये का निवेश पूरा किया। इस निवेश के बदले उसे RBL Bank की विस्तारित शेयर पूंजी में लगभग 60 प्रतिशत हिस्सेदारी मिली।
बताया गया है कि इस सौदे की घोषणा अक्टूबर 2025 में हुई थी। इसके बाद आवश्यक नियामकीय प्रक्रियाएं पूरी की गईं और निवेश को अंतिम रूप दिया गया। भारतीय शाखाओं का विलय इसी रणनीतिक साझेदारी का अगला चरण माना जा रहा है।
इस निवेश से RBL Bank को अपनी पूंजी मजबूत करने और कारोबार के विस्तार में मदद मिल सकती है। वहीं, Emirates NBD को भारत जैसे बड़े और प्रतिस्पर्धी बैंकिंग बाजार में अपनी उपस्थिति बढ़ाने का अवसर मिलेगा। भारत में खुदरा बैंकिंग, कॉरपोरेट बैंकिंग और अन्य वित्तीय सेवाओं की मांग को देखते हुए यह साझेदारी दोनों संस्थानों के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है।
ग्राहकों के बैंक खातों और जमा रकम पर क्या असर पड़ेगा?
Emirates NBD की भारतीय शाखाओं में खाता रखने वाले ग्राहकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण सवाल उनकी मौजूदा बैंकिंग सुविधाओं को लेकर है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी में खातों, जमा रकम, डेबिट या क्रेडिट कार्ड, ऋण और अन्य सेवाओं में होने वाले किसी विशिष्ट बदलाव की पुष्टि नहीं की गई है। इसलिए ग्राहकों को यह मानकर नहीं चलना चाहिए कि विलय के साथ ही उनका खाता नंबर, कार्ड या दूसरी सुविधाएं अनिवार्य रूप से बदल जाएंगी। ऐसे बदलावों के बारे में अंतिम जानकारी बैंक की ओर से जारी आधिकारिक दिशा-निर्देशों से ही मिलेगी।
ग्राहकों को सलाह है कि वे बैंक की आधिकारिक वेबसाइट, ईमेल, एसएमएस और अन्य अधिकृत माध्यमों से मिलने वाली सूचनाओं पर नजर रखें। यदि खाते, भुगतान व्यवस्था या डिजिटल बैंकिंग सेवाओं से संबंधित कोई बदलाव लागू होता है, तो बैंक की ओर से दी गई समयसीमा और निर्देशों का पालन करना जरूरी होगा।








