Richa Sharma Birthday: 10 साल की उम्र में जागरण में गाए भजन, ‘ताल’ के गाने से मिली बड़ी पहचान

Richa Sharma Birthday: मशहूर सिंगर ऋचा शर्मा ने बचपन में जागरण में भजन गाकर संगीत का सफर शुरू किया। फिल्म ‘ताल’ में एआर रहमान के साथ काम करने के बाद उन्हें

अपनी मखमली और सुरीली आवाज से लाखों दिलों में खास जगह बनाने वाली मशहूर सिंगर ऋचा शर्मा आज किसी पहचान की मोहताज नहीं हैं। बॉलीवुड में उन्होंने कई यादगार और शानदार गानों को अपनी आवाज दी है, लेकिन इस मुकाम तक पहुंचने का उनका सफर आसान नहीं रहा।

Richa Sharma: अपनी दमदार और सुरीली आवाज से बॉलीवुड संगीत में अलग पहचान बनाने वाली गायिका ऋचा शर्मा आज किसी परिचय की मोहताज नहीं हैं। उन्होंने हिंदी फिल्मों में कई यादगार गानों को अपनी आवाज दी है। हालांकि, इस मुकाम तक पहुंचने का उनका सफर आसान नहीं रहा। बचपन में जागरण में भजन गाने से शुरू हुई उनकी संगीत यात्रा आगे चलकर मुंबई और बॉलीवुड तक पहुंची। खास बात यह है कि महज 10 साल की उम्र में गाने के लिए उन्हें पहली बार 11 रुपये मिले थे, जिसे वह अपनी शुरुआती कमाई के तौर पर आज भी याद करती हैं।

संगीत परिवार में हुआ जन्म

ऋचा शर्मा का जन्म 29 अगस्त 1974 को हरियाणा के फरीदाबाद में हुआ था। उन्हें संगीत की शुरुआती शिक्षा और प्रेरणा अपने परिवार से मिली। उनके पिता दयाशंकर शर्मा कथावाचक होने के साथ-साथ शास्त्रीय संगीत से भी जुड़े हुए थे। पिता को संगीत की दुनिया में सक्रिय देखकर ऋचा की रुचि भी बचपन से ही गायन की ओर बढ़ने लगी।

उन्होंने कम उम्र में ही संगीत का अभ्यास शुरू कर दिया था। धीरे-धीरे उनकी आवाज और गायन की प्रतिभा स्थानीय स्तर पर लोगों के बीच पहचान बनाने लगी। यही वजह रही कि बचपन में ही उन्हें धार्मिक आयोजनों और जागरण में भजन गाने का अवसर मिलने लगा।

जागरण में गाकर कमाए थे सिर्फ 11 रुपये

ऋचा शर्मा ने करीब 8 से 10 साल की उम्र में जागरण में माता के भजन गाना शुरू किया था। उनके लिए यह सिर्फ एक धार्मिक कार्यक्रम में प्रस्तुति देने का अनुभव नहीं था, बल्कि संगीत की दुनिया में उनकी पहली पेशेवर शुरुआत भी थी। पहली बार जागरण में गाने के बाद उन्हें मेहनताने के तौर पर 11 रुपये मिले थे। रकम भले ही छोटी थी, लेकिन एक बच्चे के लिए यह कमाई बेहद खास थी। 

बताया जाता है कि ऋचा ने अपनी पहली कमाई को लंबे समय तक संभालकर रखा। यही 11 रुपये उनके संघर्ष और संगीत के प्रति शुरुआती समर्पण की याद दिलाते हैं।

1994 में मुंबई पहुंचीं

संगीत को करियर बनाने का फैसला करने के बाद ऋचा शर्मा 1994 में मुंबई आ गईं। उस दौर में देश की मायानगरी में अपनी जगह बनाना किसी नए कलाकार के लिए बड़ी चुनौती थी। ऋचा को भी काम हासिल करने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ा। बॉलीवुड में प्लेबैक सिंगर के तौर पर उनकी शुरुआत 1996 की फिल्म ‘सलमा पे दिल आ गया’ से हुई। इस फिल्म में उन्होंने ‘मोहब्बत ऐसी मेहंदी है’ गाने को अपनी आवाज दी। हालांकि, शुरुआती काम के बाद भी उन्हें तुरंत वह लोकप्रियता नहीं मिली जिसकी एक नए सिंगर को तलाश होती है।

‘ताल’ के गाने ने बदल दी पहचान

ऋचा शर्मा के करियर में बड़ा मोड़ फिल्म ‘ताल’ के गाने ‘कहीं आग लगे लग जावे’ से आया। यह फिल्म 1999 में रिलीज हुई थी और इसमें ऐश्वर्या राय, अनिल कपूर और अक्षय खन्ना मुख्य भूमिकाओं में नजर आए थे। गाने का संगीत दिग्गज संगीतकार ए. आर. रहमान ने तैयार किया था। ऋचा शर्मा की आवाज में गाया गया यह गाना दर्शकों के बीच काफी लोकप्रिय हुआ और इसी के बाद उनकी आवाज को बॉलीवुड में व्यापक पहचान मिली।

‘कहीं आग लगे लग जावे’ की सफलता ने ऋचा को इंडस्ट्री में एक मजबूत पहचान दिलाई और इसके बाद उनके पास फिल्मों में प्लेबैक सिंगिंग के कई अवसर आने लगे।

इन गानों ने भी बनाई खास पहचान

ऋचा शर्मा ने अपने करियर में अलग-अलग तरह के संगीत और फिल्मों के लिए गाने गाए हैं। उनकी आवाज में सूफी, रोमांटिक और भावनात्मक गीतों की खास पहचान देखने को मिलती है। उनके लोकप्रिय गानों में ‘माही वे’, ‘बिल्लो रानी’, ‘जग सूना सूना लागे’, ‘जोर का झटका’, ‘सजदा’ और ‘साजन के घर जाना है’ जैसे गीत शामिल हैं। इन गानों ने उन्हें हिंदी फिल्म संगीत के प्रमुख गायकों में जगह दिलाने में मदद की।

आज भी जारी है संगीत का सफर

ऋचा शर्मा की कहानी उन कलाकारों के लिए प्रेरणा है, जो छोटे मंचों से अपनी यात्रा शुरू करके बड़े मुकाम तक पहुंचने का सपना देखते हैं। बचपन में जागरण में 11 रुपये की पहली कमाई से शुरू हुआ उनका सफर मुंबई के संघर्ष और बॉलीवुड की सफलता तक पहुंचा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ऋचा शर्मा की अनुमानित नेटवर्थ करीब 10 करोड़ रुपये बताई जाती है और वह एक गाने के लिए लगभग 3 से 4 लाख रुपये फीस लेती हैं। हालांकि, उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि वह पहचान है जो उन्होंने अपनी आवाज और वर्षों की मेहनत के दम पर बनाई है।

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