रक्षा अलंकरण समारोह 2026: फ्लाइट लेफ्टिनेंट आर्शवीर सिंह ठाकुर को मिला वीर चक्र, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने किया सम्मानित

रक्षा अलंकरण समारोह 2026 में फ्लाइट लेफ्टिनेंट आर्शवीर सिंह ठाकुर को वीर चक्र से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बहादुरी के लिए यह सम्मान प्रदान

Droupadi Murmu ने सोमवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित Defence Investiture Ceremony-I में वीरता पुरस्कार प्रदान किए। समारोह की शुरुआत राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रगान के साथ हुई।

नई दिल्ली: राष्ट्रपति भवन में आयोजित 'रक्षा अलंकरण समारोह-I' में भारत के बहादुर सैनिकों और पुलिस अधिकारियों को उनकी असाधारण वीरता, साहस और राष्ट्रसेवा के लिए वीर चक्र और शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने देश के वीर जवानों को इन प्रतिष्ठित सैन्य अलंकरणों से नवाजा। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, तीनों सेनाओं के वरिष्ठ अधिकारी और कई गणमान्य अतिथि मौजूद रहे।

समारोह की शुरुआत राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रगान के साथ हुई। इसके बाद राष्ट्रपति ने विभिन्न सैन्य और सुरक्षा अभियानों में उत्कृष्ट साहस का परिचय देने वाले वीरों को सम्मानित किया। यह आयोजन भारतीय सशस्त्र बलों और सुरक्षा एजेंसियों के अदम्य साहस तथा राष्ट्र के प्रति समर्पण का प्रतीक माना जाता है।

फ्लाइट लेफ्टिनेंट आर्शवीर सिंह ठाकुर को मिला वीर चक्र

भारतीय वायुसेना के फ्लाइट लेफ्टिनेंट (वर्तमान में स्क्वाड्रन लीडर) आर्शवीर सिंह ठाकुर को ऑपरेशनल ड्यूटी के दौरान असाधारण वीरता और उत्कृष्ट नेतृत्व के लिए वीर चक्र से सम्मानित किया गया। चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में उनके साहसिक निर्णय और कर्तव्यनिष्ठा को देश के सर्वोच्च सैन्य सम्मानों में से एक के योग्य माना गया।

भारतीय नौसेना के लेफ्टिनेंट कमांडर दिलना के. और लेफ्टिनेंट कमांडर रूपा ए. को 'सागर परिक्रमा-II' अभियान के दौरान असाधारण समुद्री कौशल, साहस और धैर्य का प्रदर्शन करने के लिए शौर्य चक्र प्रदान किया गया। इस अभियान ने भारतीय नौसेना की क्षमता और महिला अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका को वैश्विक स्तर पर भी नई पहचान दिलाई।

सीमा सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी अभियानों के वीरों को सम्मान

भारतीय सेना के मेजर आदित्य प्रताप सिंह को अरुणाचल प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्र में एक सैन्य अभियान के दौरान असाधारण बहादुरी दिखाने के लिए शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में उनके नेतृत्व और साहस को विशेष रूप से सराहा गया। वहीं, भारतीय सेना की सिख रेजिमेंट की 19वीं बटालियन के लेफ्टिनेंट कर्नल नितेश भारती शुक्ला को नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर आतंकवाद विरोधी अभियान में वीरता का परिचय देते हुए तीन आतंकवादियों को मार गिराने के लिए शौर्य चक्र प्रदान किया गया। यह सम्मान सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की सतत सतर्कता और समर्पण को दर्शाता है।

रक्षा अलंकरण समारोह में केवल सैन्य बलों ही नहीं, बल्कि आंतरिक सुरक्षा में योगदान देने वाले पुलिस अधिकारियों को भी सम्मानित किया गया। छत्तीसगढ़ पुलिस के इंस्पेक्टर लक्ष्मण केवट और इंस्पेक्टर रामेश्वर प्रसाद देशमुख को नक्सल विरोधी अभियान के दौरान असाधारण साहस और कर्तव्यनिष्ठा के लिए शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया। इन अधिकारियों ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अपने अभियानों को सफलतापूर्वक अंजाम देकर नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

अन्य वीरों को भी मिला राष्ट्रीय सम्मान

समारोह में नायब सूबेदार सतीश कुमार को विशिष्ट वीरता और कर्तव्य के प्रति अटूट समर्पण के लिए वीर चक्र से सम्मानित किया गया। इसके अलावा लेफ्टिनेंट कर्नल सुशील बिष्ट, विंग कमांडर (अब ग्रुप कैप्टन) जॉय चंद्रा, ग्रुप कैप्टन मनीष अरोड़ा और ग्रुप कैप्टन रंजीत सिंह सिद्धू को भी असाधारण साहस और उत्कृष्ट सेवा के लिए वीर चक्र प्रदान किया गया।

राइफलमैन ध्रुबा ज्योति दत्ता और नायक राहुल सिंह को शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया। वहीं, मेजर शिवंत यादव और लेफ्टिनेंट कर्नल नीतेश भरत शुक्ला को भी देश की सुरक्षा और सैन्य अभियानों में उनके साहसिक योगदान के लिए यह प्रतिष्ठित सम्मान मिला।

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