रन्नौद थाने के बाहर चालान काटने को लेकर विवाद हुआ, जिसमें आरक्षक से मारपीट और पथराव हुआ। परिजनों ने थाने का घेराव किया। भाजपा जिलाध्यक्ष मौके पर पहुंचे। एएसपी के आश्वासन पर देर रात धरना खत्म हुआ।
Madhya Pradesh: शनिवार शाम शिवपुरी जिले के रन्नौद थाने के बाहर पुलिस वाहन चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान म्याना क्षेत्र निवासी मनोज जाटव अपनी कार से वहां पहुंचे। कार में उनकी गर्भवती पत्नी और अन्य परिजन मौजूद थे। पुलिस ने सीट बेल्ट और दस्तावेजों की जांच के बाद चालान काट दिया।
चालान को लेकर मनोज जाटव ने आपत्ति जताई। इसी बीच उनके साले निलेश जाटव अपने कुछ साथियों के साथ मौके पर पहुंच गए। देखते ही देखते कहासुनी बढ़ गई और मामला मारपीट में बदल गया।
आरक्षक पर हमला
आरोप है कि भीड़ में शामिल महिला-पुरुषों ने ड्यूटी पर तैनात आरक्षक अवधेश शर्मा को घेर लिया। उनके साथ मारपीट की गई, वर्दी फाड़ दी गई और सिर पर पत्थर मारा गया, जिससे वह घायल हो गए।
घटना का एक 9 सेकेंड का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें आरक्षक के साथ मारपीट होती नजर आ रही है। हालात बिगड़ते देख आसपास के थानों से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाना पड़ा।
गर्भवती महिला से मारपीट के आरोप

जाटव परिवार ने आरोप लगाया कि पुलिस ने पहले मारपीट की, जिसमें एक गर्भवती महिला और बच्चे को चोट आई। इसी बात को लेकर परिजनों और समर्थकों ने थाने का घेराव कर चक्काजाम कर दिया।
हालांकि, घटना के बाद एक दूसरा वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वही महिला अपने बच्चे के साथ सामान्य हालत में घूमती दिखाई दे रही है। इसे लेकर दोनों पक्षों के दावे अलग-अलग सामने आए हैं।
राजनीतिक हस्तक्षेप और पुलिस का जवाब
हंगामे की सूचना पर रात करीब 11 बजे भाजपा जिलाध्यक्ष जसवंत जाटव मौके पर पहुंचे। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई और थाना प्रभारी को तत्काल सस्पेंड करने व दोषी आरक्षकों पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की। जिलाध्यक्ष के तीखे तेवरों के बीच थाना प्रभारी ने कहा कि अगर उनकी एक प्रतिशत भी गलती साबित होती है तो वे इस्तीफा देने को तैयार हैं। उन्होंने बताया कि पूरे परिसर में कैमरे लगे हैं और जांच में सच्चाई सामने आ जाएगी।
देर रात एडिशनल एसपी संजीव मुले मौके पर पहुंचे और निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। इसके बाद रात करीब 2:30 बजे धरना समाप्त हुआ। एसडीओपी संजय मिश्रा ने बताया कि घायलों की मेडिकल जांच कराई गई है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।









