बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में मिली करारी हार के बाद तेजस्वी यादव और रोहिणी आचार्य के विवाद के बीच राजद की बैठक कल हुई। इस बैठक में लालू यादव ने पहली बार तेजस्वी और उनकी बेटी रोहिणी आचार्य के बीच हुए मतभेद का जिक्र किया।
पटना: बिहार की राजनीति इन दिनों राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव के परिवार के भीतर चल रहे विवाद को लेकर सुर्खियों में है। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में मिली करारी हार के बाद से पार्टी के अंदर असंतोष, आरोप-प्रत्यारोप और परिवारजनों के बीच मतभेद खुले तौर पर सामने आए। इसी बीच, सोमवार को हुई RJD की महत्वपूर्ण बैठक में लालू यादव ने पहली बार तेजस्वी यादव और अपनी बेटी रोहिणी आचार्य के बीच हुए विवाद पर चुप्पी तोड़ी और स्पष्ट संदेश दिया कि यह मामला पार्टी का नहीं, बल्कि “घर का मसला” है जिसे निजी तौर पर सुलझाया जाएगा।
लालू यादव बोले- 'हम इसे घर में ही सुलझाएंगे'
पार्टी की वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक के दौरान लालू यादव ने कहा, यह हमारे घर का मामला है। सभी घरों में ऐसी बातें होती हैं। इसे हम घर के भीतर ही सुलझाएंगे। मैं इसी के लिए यहां हूं। यह बयान ऐसे समय आया है जब रोहिणी आचार्य ने चुनाव के बाद सोशल मीडिया पर कई संकेत दिए थे, जिन्हें पार्टी नेतृत्व और तेजस्वी यादव को लेकर असंतोष के रूप में देखा गया। इस परिवारिक मतभेद ने राजनीतिक हलकों में कई तरह की अटकलें पैदा कर दी थीं।
बैठक में राजद की वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, राज्यसभा सांसद मीसा भारती, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह समेत कई प्रमुख नेता मौजूद रहे। चार घंटे तक चली इस अहम बैठक में तेजस्वी यादव को सर्वसम्मति से RJD विधायक दल का नेता चुना गया। यानी वे विधानसभा में विपक्ष के नेता बने रहेंगे।
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लालू यादव ने बैठक में तेजस्वी की खुलकर प्रशंसा की और कहा कि उन्होंने चुनाव के दौरान “बहुत मेहनत” की और पार्टी को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
चुनाव नतीजों की समीक्षा, धांधली के आरोपों पर चर्चा
बैठक में चुनाव परिणामों पर गहन समीक्षा की गई। जीतने वाले और हारने वाले दोनों तरह के उम्मीदवारों से वन-टू-वन बातचीत की गई। कई नेताओं ने आरोप लगाया कि इस चुनाव में बड़े पैमाने पर “मैनिपुलेशन” हुआ। उजियारपुर से विधायक आलोक मेहता ने कहा कि उन क्षेत्रों की पहचान की जा रही है जहां लोकतांत्रिक मूल्यों का उल्लंघन हुआ।
वहीं, पूर्व विधायक अख्तरुल ईमान शाहीन ने कहा कि चुनाव परिणाम अप्रत्याशित थे और मतदान से ठीक पहले विभिन्न योजनाओं के नाम पर “लाभ वितरण” किया गया, जिसने चुनाव को प्रभावित किया। मीटिंग में यह भी विचार हुआ कि क्या चुनाव परिणाम को अदालत में चुनौती दी जाए। लालू यादव ने बताया कि महागठबंधन के अन्य दलों से बात कर इसपर आगे का फैसला लिया जाएगा।








