रूस नियंत्रित यूक्रेन के डोनेट्स्क क्षेत्र में एक यात्री बस पर ड्रोन हमले में 7 लोगों की मौत हो गई और 11 घायल हुए। हमले के बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है और दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं।
रूस/यूक्रेन वॉर: रूस के कब्जे वाले पूर्वी यूक्रेन के डोनेट्स्क क्षेत्र में एक यात्री बस पर हुए ड्रोन हमले में कम से कम 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि 11 अन्य घायल हो गए। यह घटना उस समय हुई जब बस मॉस्को से क्रीमिया के सिम्फेरोपोल की ओर जा रही थी।
स्थानीय प्रशासन के अनुसार, हमला यूक्रेन के पूर्वी क्षेत्र येनाकीयेवो के पास हुआ। क्षेत्र के रूस-समर्थित प्रशासन प्रमुख डेनिस पुशिलिन ने इसे एक गंभीर हमला बताते हुए पुष्टि की कि बस में सवार नागरिकों को निशाना बनाया गया।
सिविलियन बस हमला: जांच और आरोप-प्रत्यारोप तेज
रूसी जांच एजेंसियों ने इस घटना को “आतंकी हमला” करार देते हुए आपराधिक मामला दर्ज किया है। अधिकारियों का कहना है कि हमले के जिम्मेदारों की पहचान की जा रही है।
बस में कुल 53 यात्रियों के पंजीकृत होने की जानकारी सामने आई है, हालांकि मृतकों की पहचान अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। घायलों को स्थानीय अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
रूस ने इस घटना को नागरिकों पर जानबूझकर किया गया हमला बताया है, जबकि यूक्रेन की ओर से अभी तक आधिकारिक जिम्मेदारी नहीं ली गई है।
सेंट पीटर्सबर्ग में तेल टर्मिनल पर हमला
इसी बीच रूस के सेंट पीटर्सबर्ग शहर में भी ड्रोन हमलों की खबर सामने आई है, जहां एक तेल टर्मिनल को निशाना बनाया गया। हमले के बाद आसमान में काला धुआं उठता देखा गया।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा कि शहर में “महत्वपूर्ण सुविधाओं” को निशाना बनाया गया है। यह हमला उस समय हुआ जब शहर अंतरराष्ट्रीय आर्थिक मंच (International Economic Forum) की मेजबानी कर रहा था, जिसमें दुनिया भर के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं।
रूस का दावा: 350 ड्रोन गिराए गए
रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि एक ही रात में 350 से अधिक यूक्रेनी ड्रोन को मार गिराया गया। इनमें से 50 से अधिक ड्रोन लेनिनग्राद क्षेत्र में नष्ट किए गए, जिसमें सेंट पीटर्सबर्ग के आसपास के इलाके भी शामिल हैं।
रूसी अधिकारियों के अनुसार, कई ड्रोन मास्को, बेलगोरोड, कुर्स्क और आज़ोव सागर के आसपास भी गिराए गए।
यूक्रेन पर बड़े हमले का जवाब
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब एक दिन पहले रूस ने यूक्रेन पर बड़े पैमाने पर हवाई हमला किया था, जिसमें कम से कम 22 लोगों की मौत हो गई थी।
यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार, रूस ने 700 से अधिक मिसाइल और ड्रोन दागे, जिनमें से अधिकांश को हवा में ही नष्ट कर दिया गया।
रूस ने इन हमलों को “सैन्य प्रतिक्रिया” बताया है और कहा है कि उनका लक्ष्य यूक्रेनी सैन्य ढांचे को नुकसान पहुंचाना था।
सेंट पीटर्सबर्ग में अंतरराष्ट्रीय मंच के बीच हमला
सेंट पीटर्सबर्ग में हो रहे अंतरराष्ट्रीय आर्थिक मंच के दौरान हुए इस हमले ने सुरक्षा चिंताओं को और बढ़ा दिया है। यह मंच रूस के लिए वैश्विक निवेश और कूटनीतिक संदेश देने का प्रमुख अवसर माना जाता है।
![]()
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन इस कार्यक्रम में भाषण देने वाले हैं, जिससे इस हमले का राजनीतिक महत्व और बढ़ गया है।
यूक्रेन का रुख और सूचना युद्ध
यूक्रेन की ओर से सीधे तौर पर बस हमले की जिम्मेदारी स्वीकार नहीं की गई है। हालांकि, यूक्रेनी अधिकारियों ने रूस पर “प्रोपेगेंडा” फैलाने का आरोप लगाया है।
यूक्रेनी सरकार के डिसइन्फॉर्मेशन सेंटर के प्रमुख एंड्री कोवालेंको ने कहा कि रूस अपनी कार्रवाइयों को सही ठहराने के लिए “वैकल्पिक वास्तविकता” (parallel reality) बनाता है।
नागरिकों पर बढ़ता खतरा
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि दोनों पक्षों के बीच संघर्ष में नागरिक लगातार प्रभावित हो रहे हैं। डोनेट्स्क में बस पर हमला हो या यूक्रेन के खेरसॉन में 86 वर्षीय महिला की मौत—दोनों ही घटनाएं युद्ध की भयावहता को दर्शाती हैं।
यूक्रेन के अधिकारियों के अनुसार, खेरसॉन क्षेत्र में रूसी ड्रोन हमले में एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं।
युद्ध का बढ़ता दायरा और वैश्विक चिंता
रूस-यूक्रेन युद्ध अब केवल दोनों देशों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका असर अंतरराष्ट्रीय राजनीति और वैश्विक सुरक्षा पर भी पड़ रहा है। ऊर्जा ठिकानों पर हमले, नागरिक परिवहन पर हमले और बड़े पैमाने पर ड्रोन युद्ध ने स्थिति को और जटिल बना दिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ड्रोन युद्ध का बढ़ता इस्तेमाल आने वाले समय में संघर्ष को और अधिक अस्थिर और खतरनाक बना सकता है।









