Rajasthan Public Service Commission की डिप्टी कमांडेंट भर्ती में डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए 255 में से सिर्फ 75 अभ्यर्थी पहुंचे। आयोग ने अब 180 कैंडिडेट्स को 24 अप्रैल को फिर से उपस्थित होने का मौका दिया है।
शिक्षा कैरियर: राजस्थान में सरकारी भर्ती से जुड़ी एक महत्वपूर्ण अपडेट सामने आई है। Rajasthan Public Service Commission (RPSC) द्वारा आयोजित डिप्टी कमांडेंट भर्ती परीक्षा में डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन (DV) के लिए अपेक्षा से बेहद कम उम्मीदवार पहुंचे। ऐसे में आयोग ने अब शेष अभ्यर्थियों को एक और मौका देने का निर्णय लिया है।
255 में से केवल 75 उम्मीदवार ही पहुंचे
RPSC ने डिप्टी कमांडेंट परीक्षा में सफल हुए 255 उम्मीदवारों को 15 से 20 अप्रैल 2026 के बीच डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए बुलाया था। हालांकि, इनमें से केवल 75 उम्मीदवार ही निर्धारित समय पर उपस्थित हुए।
इस कम उपस्थिति को देखते हुए आयोग ने बाकी 180 उम्मीदवारों को 24 अप्रैल 2026 को पुनः उपस्थित होने का अवसर दिया है। यह कदम भर्ती प्रक्रिया को सुचारू रूप से पूरा करने के लिए उठाया गया है।
भर्ती का दायरा: केवल 4 पद, लेकिन हजारों आवेदन
यह भर्ती Home Guards Department Rajasthan के अंतर्गत डिप्टी कमांडेंट के केवल 4 पदों के लिए निकाली गई थी।
- कुल आवेदन: 10,000+
- फॉर्म विड्रॉ के बाद: 4,221 उम्मीदवार
- लिखित परीक्षा में शामिल: 255 उम्मीदवार
- लिखित परीक्षा का आयोजन 11 जनवरी 2026 को किया गया था।
योग्यता को लेकर बड़ा मुद्दा
इस भर्ती की सबसे खास बात यह रही कि इसमें आवेदन के लिए बेहद विशिष्ट पात्रता निर्धारित की गई थी। केवल निम्न उम्मीदवार ही पात्र थे:
- सेना में कैप्टन रैंक के रिटायर्ड अधिकारी
- सेवात्याग (Resigned) भूतपूर्व अधिकारी
- इमरजेंसी/शॉर्ट सर्विस कमीशन से मुक्त अधिकारी
इसके बावजूद, बड़ी संख्या में ऐसे अभ्यर्थियों ने आवेदन कर दिया जो निर्धारित योग्यता को पूरा नहीं करते थे।
आयोग द्वारा जांच के दौरान कई उम्मीदवार अयोग्य पाए गए। इसके बाद RPSC ने उन्हें आवेदन वापस लेने का मौका भी दिया था।
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6,000 अभ्यर्थियों ने वापस लिए आवेदन
RPSC ने स्पष्ट चेतावनी दी थी कि यदि अयोग्य अभ्यर्थी आवेदन वापस नहीं लेते हैं तो उनके खिलाफ Bharatiya Nyaya Sanhita 2023 की धारा 217 के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
इस चेतावनी के बाद करीब 6,000 उम्मीदवारों ने अपने आवेदन वापस ले लिए। इससे यह साफ होता है कि भर्ती में बड़ी संख्या में गलत आवेदन किए गए थे।
डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए जरूरी दस्तावेज
RPSC के अनुसार, अभ्यर्थियों को डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के समय निम्न दस्तावेज साथ लाने अनिवार्य थे:
- काउंसलिंग लेटर और आवेदन पत्र (2 प्रतियां)
- ₹50 शुल्क भुगतान की रसीद
- शैक्षणिक प्रमाण पत्र
- सेना से संबंधित दस्तावेज (PPO, NOC आदि)
- जाति प्रमाण पत्र
- मूल निवास प्रमाण पत्र
- अन्य आवश्यक प्रमाण पत्र (सेल्फ अटेस्टेड कॉपी और मूल)
इन दस्तावेजों के साथ आयोग कार्यालय में उपस्थित होना अनिवार्य किया गया था।
भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की कोशिश
RPSC द्वारा डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन को पहले चरण में शामिल करने का मुख्य उद्देश्य अयोग्य उम्मीदवारों को प्रारंभिक स्तर पर ही बाहर करना था।
यह कदम भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने और योग्य उम्मीदवारों को उचित अवसर देने के लिए उठाया गया।









