नामली थाना क्षेत्र में पैसे के विवाद और शराब के नशे में बेटे राधेश्याम ने अपने पिता गणपतलाल की हत्या कर दी। पुलिस ने 24 घंटे में आरोपी को गिरफ्तार कर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
Madhya Pradesh: रतलाम के नामली थाना अंतर्गत ग्राम सिखेड़ी में रविवार सुबह 62 वर्षीय गणपतलाल की दर्दनाक हत्या का मामला सामने आया। पुलिस के अनुसार, हत्या का कारण पारिवारिक कलह और पैसों का लेन-देन था।
जांच में सामने आया कि दो दिन पहले बेटा राधेश्याम अपनी मां से रुपए लेकर गया था। जब पिता को इस बात का पता चला, तो उन्होंने बेटे से पैसे वापस मांगे। शनिवार रात पिता और बेटे के बीच यह बात विवाद में बदल गई। दोनों शराब के नशे में थे।
झगड़ा इतना बढ़ा कि राधेश्याम ने लकड़ी से अपने पिता गणपतलाल के सिर पर हमला कर दिया। इस हमले से उनकी दाहिनी आंख के ऊपर और नाक से खून बहने लगा।
घायल पिता भाई के घर में सोए और नहीं जागे
मारपीट के बाद घायल गणपतलाल अपने भाई नानुराम के घर के बरामदे में सोने चले गए। रविवार सुबह जब नानुराम ने उन्हें उठाने की कोशिश की, तो पिता की मौत हो चुकी थी। घबराए नानुराम ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।

पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव का पंचनामा किया और पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा। घटना के बाद पूरे इलाके में चिंता और सन्नाटा छा गया।
पुलिस ने 24 घंटे में किया खुलासा
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने 24 घंटे के अंदर खुलासा कर दिया। एएसपी राकेश खाखा, एसडीओपी किशोर पाटनवाला, थाना प्रभारी गायत्री सोनी और एफएसएल अधिकारी अतुल मित्तल मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गए।
पुलिस ने मृतक के भाई नानुराम से पूछताछ की। नानुराम ने बताया कि शनिवार रात गणपतलाल और राधेश्याम के बीच रुपयों को लेकर झगड़ा हुआ था, और इसी विवाद में बेटे ने अपने पिता को मारा।
इस बयान के आधार पर पुलिस ने राधेश्याम को हिरासत में लिया। कड़ी पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत केस दर्ज कर कोर्ट में पेश करने की तैयारी की।
पुलिस जांच जारी
पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि शराब के नशे में क्यों बेटे ने इतनी बड़ी गलती की। आसपास के लोगों और परिवार के सदस्यों के अनुसार, यह घटना पूरे मोहल्ले और परिवार के लिए सदमे जैसी है।
पुलिस ने सभी से अपील की है कि ऐसे किसी भी विवाद या अपराध की सूचना तुरंत दें। साथ ही पुलिस भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी बढ़ाने पर भी ध्यान दे रही है।











