रूस के Cosmos-2612 सैटेलाइट की अमेरिकी ICEYE-X36 के करीब पहुंचने से अंतरिक्ष में बढ़ी चिंता

रूस के Cosmos-2612 सैटेलाइट ने अमेरिकी ICEYE-X36 के करीब पहुंचने के लिए कई बार ऑर्बिट बदली। दोनों के बीच 1-2 किमी दूरी का अनुमान, हमले की पुष्टि नहीं।

रूस के Cosmos-2612 सैटेलाइट ने 17 अक्टूबर 2026 को पृथ्वी की कक्षा में अमेरिकी रजिस्ट्रेशन वाले ICEYE-X36 के करीब पहुंचने के लिए कई बार ऑर्बिट बदली। यह सैटेलाइट यूक्रेन को रडार डेटा उपलब्ध कराने वाली कंपनी से जुड़ा है।

अंतरिक्ष: रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के बीच अब अंतरिक्ष में सैटेलाइट की गतिविधियां भी चर्चा में हैं। Russian military satellite Cosmos-2612 ने पृथ्वी से करीब 550 किलोमीटर ऊपर स्थित ICEYE-X36 के पास पहुंचने के लिए अपनी कक्षा में कई बार बदलाव किया। 17 अक्टूबर को सामने आए अनुमान के अनुसार, दोनों के बीच दूरी लगभग 1-2 किलोमीटर रह गई थी। हालांकि, किसी हमले की पुष्टि नहीं हुई थी।

रूस के सैटेलाइट की गतिविधियों से अंतरिक्ष में बढ़ी निगरानी की चिंता

रूस के Cosmos-2612 सैटेलाइट की अमेरिकी ICEYE-X36 के करीब पहुंचने से अंतरिक्ष में बढ़ी चिंता

रूस और यूक्रेन के बीच जमीन पर जारी संघर्ष के बीच अंतरिक्ष में दो सैटेलाइट की गतिविधियों ने विशेषज्ञों का ध्यान खींचा है। रूस का Cosmos-2612 सैटेलाइट अमेरिकी रजिस्ट्रेशन वाले ICEYE-X36 रडार इमेजिंग सैटेलाइट के काफी करीब पहुंचता दिखाई दिया। दोनों पृथ्वी से लगभग 550 किलोमीटर की ऊंचाई पर चक्कर लगा रहे हैं। रूस के सैटेलाइट की ओर से बार-बार ऑर्बिट बदलने की जानकारी सामने आने के बाद इस गतिविधि के संभावित उद्देश्य को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

Cosmos-2612 और ICEYE-X36 के बीच कितनी रह गई दूरी?

डेल्फ्ट यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी (TU Delft) के लेक्चरर और एस्ट्रोनॉमर मार्को लैंगब्रुक ने 17 अक्टूबर को अनुमान जताया था कि दोनों सैटेलाइट के बीच दूरी करीब 1 से 2 किलोमीटर रह गई है। पृथ्वी की कक्षा में तेज गति से घूमने वाली वस्तुओं के लिहाज से इसे काफी कम दूरी माना जाता है।

लैंगब्रुक के अनुसार, यदि दोनों सैटेलाइट अपनी मौजूदा कक्षीय दिशा और गति के साथ आगे बढ़ते रहे, तो उनके बीच की दूरी कुछ मीटर तक पहुंच सकती थी। हालांकि, यह एक अनुमान था और इससे किसी संभावित टक्कर या हमले की पुष्टि नहीं होती। 18 अक्टूबर को भारतीय समयानुसार सुबह 10 बजे तक दोनों सैटेलाइट के बीच किसी हमले की जानकारी सामने नहीं आई थी।

Cosmos-2612 की ओर से बार-बार कक्षा बदलना इस मामले का अहम पहलू है। ऐसी गतिविधियों का आकलन करने के लिए सैटेलाइट की स्थिति, उसकी गति और दूसरे अंतरिक्ष यानों से दूरी पर नजर रखना जरूरी होता है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी से रूस के सैटेलाइट के वास्तविक उद्देश्य के बारे में निश्चित निष्कर्ष निकालना संभव नहीं है।

यूक्रेन को डेटा देता है ICEYE-X36

ICEYE-X36 एक कमर्शियल रडार इमेजिंग सैटेलाइट है, जो अमेरिकी रजिस्ट्रेशन के तहत संचालित होता है। इसका ऑपरेटर यूक्रेन को रडार डेटा उपलब्ध कराता है। युद्ध के दौरान इस तरह की जानकारी निगरानी और जमीन पर होने वाली गतिविधियों को समझने में उपयोगी हो सकती है।

रडार इमेजिंग तकनीक की मदद से बादलों और कम रोशनी जैसी परिस्थितियों में भी पृथ्वी की सतह की तस्वीरें हासिल की जा सकती हैं। यही वजह है कि इस सैटेलाइट की गतिविधियों और उसके आसपास होने वाली घटनाओं को रणनीतिक नजरिए से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के संदर्भ में ICEYE-X36 के पास रूसी सैटेलाइट की मौजूदगी ने अंतरिक्ष में निगरानी और सुरक्षा को लेकर चर्चा बढ़ाई है। हालांकि, केवल किसी सैटेलाइट के करीब आने से यह साबित नहीं होता कि उसका उद्देश्य दूसरे सैटेलाइट को नुकसान पहुंचाना है।

सैटेलाइट की क्षमताओं और इरादों पर स्थिति स्पष्ट नहीं

Cosmos-2612 की तकनीकी क्षमताओं और उसकी गतिविधियों के अंतिम उद्देश्य के बारे में अभी पर्याप्त जानकारी उपलब्ध नहीं है। ऐसे में यह कहना जल्दबाजी होगी कि रूस इस सैटेलाइट के जरिए ICEYE-X36 की निगरानी कर रहा है या किसी दूसरी रणनीति पर काम कर रहा है।

अंतरिक्ष में सैटेलाइट के बीच नजदीकी गतिविधियों का आकलन करते समय कक्षीय बदलाव और वास्तविक दूरी जैसे पहलुओं को ध्यान में रखना पड़ता है। फिलहाल इस घटना में किसी हमले या टक्कर की पुष्टि नहीं हुई है। आगे की स्थिति स्पष्ट होने के लिए दोनों सैटेलाइट की गतिविधियों और उनसे जुड़ी तकनीकी जानकारी पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा।

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