रूस-यूक्रेन युद्ध: अनाज ले जा रहे तुर्की मालवाहक जहाज पर मिसाइल हमले का आरोप, 6 लोगों की मौत

यूक्रेन ने रूस पर अनाज ले जा रहे तुर्की स्वामित्व वाले मालवाहक जहाज पर मिसाइल हमला करने का आरोप लगाया। हमले मे 6 लोगों की मौत, जबकि कीव पर भी बड़ा मिसाइल हमला

यूक्रेन ने रूस पर अनाज ले जा रहे तुर्की स्वामित्व वाले मालवाहक जहाज पर मिसाइल हमला करने का आरोप लगाया है। इस हमले में छह लोगों की मौत हुई, जबकि कीव पर हुए बड़े मिसाइल हमले में भी कई नागरिक हताहत हुए।

रूस/उक्रैन वॉर: रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच काला सागर क्षेत्र में तनाव एक बार फिर गहरा गया है। यूक्रेन ने आरोप लगाया है कि रूस ने तुर्की स्वामित्व वाले एक मालवाहक जहाज पर क्रूज मिसाइलों से हमला किया, जिसमें छह लोगों की मौत हो गई। बताया गया कि जहाज अनाज का माल लेकर युद्ध क्षेत्र से बाहर निकल रहा था, तभी उसे निशाना बनाया गया। इस घटना ने न केवल युद्ध की गंभीरता को बढ़ाया है, बल्कि वैश्विक खाद्य आपूर्ति और समुद्री व्यापार को लेकर भी नई चिंताएं पैदा कर दी हैं।

यूक्रेन का दावा, तीन क्रूज मिसाइलों से किया गया हमला

यूक्रेनी नौसेना के अनुसार, गिनी-बिसाऊ के झंडे वाला गोल्डन लियो (Golden Leo) नामक मालवाहक जहाज ओडेसा बंदरगाह से रवाना होने के बाद युद्ध क्षेत्र से बाहर निकल रहा था। इसी दौरान रूस ने उस पर तीन क्रूज मिसाइलें दागीं। यूक्रेन का कहना है कि जहाज पर अनाज लदा हुआ था और वह अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक मार्ग पर आगे बढ़ रहा था।

यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने बताया कि जहाज के चालक दल में सीरिया और भारत के नागरिक भी शामिल थे। वहीं, प्रधानमंत्री सेरही कोरेत्स्की ने कहा कि हमला ओडेसा के निकट समुद्री क्षेत्र में हुआ।

छह लोगों की मौत, कई लापता

यूक्रेन के परिवहन मंत्री मायकोला कालाशनिक ने जानकारी दी कि हमले में छह नाविकों की मौत की पुष्टि हुई है। आठ चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया, जिनमें दो घायल हैं। इसके अलावा चार अन्य लोगों के अब भी लापता होने की सूचना है, जिनकी तलाश जारी है।

यूक्रेनी अधिकारियों ने यह भी बताया कि जहाज के साथ मौजूद एक यूक्रेनी समुद्री पायलट की भी इस हमले में मौत हो गई।

कीव पर भी हुआ बड़ा मिसाइल हमला

कार्गो जहाज पर हमले के कुछ ही घंटे पहले रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव पर बड़े पैमाने पर बैलिस्टिक मिसाइल हमला किया। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा कि यह राजधानी पर अब तक के सबसे बड़े बैलिस्टिक हमलों में से एक था।

यूक्रेन के अनुसार, हमले में 40 से अधिक मिसाइलें दागी गईं, जिनमें 25 बैलिस्टिक मिसाइलें थीं। इस हमले में कम से कम एक व्यक्ति की मौत हुई, जबकि 16 अन्य घायल हुए। राजधानी के कई आवासीय इलाकों में इमारतों को नुकसान पहुंचा और कई वाहन भी नष्ट हो गए।

पूर्वी और दक्षिणी यूक्रेन में भी भारी तबाही

कीव के अलावा खार्किव, जापोरिज्जिया, निप्रोपेत्रोव्स्क और ओडेसा क्षेत्रों में भी रूसी हमलों की खबरें सामने आईं। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार इन इलाकों में कम से कम सात अन्य लोगों की मौत हुई।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि लगातार हो रहे विस्फोटों से लोगों में दहशत फैल गई। कई नागरिकों ने सुरक्षा के लिए मेट्रो स्टेशनों और भूमिगत आश्रयों का सहारा लिया।

रूस ने आरोपों से किया इनकार

रूस ने हमेशा की तरह नागरिक ठिकानों को निशाना बनाने के आरोपों से इनकार किया है। रूसी अधिकारियों का कहना है कि उनके हमलों का लक्ष्य केवल सैन्य ठिकाने, लॉजिस्टिक केंद्र और यूक्रेनी सेना से जुड़े बंदरगाहों का बुनियादी ढांचा था।

हालांकि यूक्रेन का आरोप है कि लगातार हो रहे मिसाइल और ड्रोन हमलों का सबसे अधिक असर आम नागरिकों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर पड़ रहा है।

रूस में भी यूक्रेन के हमले

युद्ध केवल यूक्रेन तक सीमित नहीं है। रूस के कुर्स्क क्षेत्र में भी यूक्रेनी हमले की खबर सामने आई है। रूसी अधिकारियों के अनुसार इस हमले में एक व्यक्ति की मौत हुई।

इसके अलावा काला सागर के निकट नोवोरोसिस्क स्थित कैस्पियन पाइपलाइन कंसोर्टियम के तेल टर्मिनल पर भी ड्रोन हमला हुआ। यह टर्मिनल कजाखिस्तान के तेल निर्यात के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। कजाखिस्तान ने इस हमले की निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय व्यापार को अस्थिर करने वाला कदम बताया।

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यूक्रेन में राजनीतिक अस्थिरता भी बढ़ी

युद्ध के बीच यूक्रेन में आंतरिक राजनीतिक तनाव भी बढ़ता दिखाई दे रहा है। हाल के दिनों में रक्षा नेतृत्व में हुए बदलावों के खिलाफ राजधानी कीव समेत कई बड़े शहरों में प्रदर्शन हुए हैं।

हजारों लोगों ने पूर्व रक्षा मंत्री मिखाइलो फेदोरोव को हटाए जाने का विरोध किया। प्रदर्शनकारियों ने सेना के प्रमुख ओलेक्सांद्र सिर्स्की के इस्तीफे की भी मांग की।

हालांकि यूक्रेन की नौसेना और एयर असॉल्ट फोर्स के वरिष्ठ कमांडरों ने सार्वजनिक रूप से सेना प्रमुख का समर्थन करते हुए कहा कि युद्ध के समय सेना के भीतर विभाजन दुश्मन को फायदा पहुंचा सकता है।

एयर डिफेंस सिस्टम पर बढ़ा दबाव

यूक्रेन का कहना है कि उसे अमेरिकी पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम के लिए इंटरसेप्टर मिसाइलों की कमी का सामना करना पड़ रहा है। यही कारण है कि रूस हाल के सप्ताहों में बैलिस्टिक मिसाइलों के जरिए बड़े पैमाने पर हमले करने में सफल रहा है।

राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा कि बैलिस्टिक मिसाइलों से सुरक्षा फिलहाल उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है और देश को लगातार अधिक इंटरसेप्टर मिसाइलों की आवश्यकता है।

वैश्विक खाद्य आपूर्ति और समुद्री सुरक्षा पर असर

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अनाज ले जाने वाले जहाजों पर हमलों की घटनाएं बढ़ती हैं तो इसका असर केवल युद्ध क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा। यूक्रेन दुनिया के प्रमुख अनाज निर्यातकों में शामिल है और काला सागर के समुद्री मार्ग वैश्विक खाद्य आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।

ऐसे हमले अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियों, बीमा उद्योग और खाद्यान्न आयात करने वाले देशों के लिए भी नई चुनौतियां पैदा कर सकते हैं।

युद्ध लगातार हो रहा अधिक जटिल

रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध अब केवल जमीनी मोर्चों तक सीमित नहीं रह गया है। समुद्री मार्ग, ऊर्जा अवसंरचना, बंदरगाह, तेल टर्मिनल और नागरिक क्षेत्र लगातार संघर्ष का हिस्सा बन रहे हैं। दोनों पक्ष एक-दूसरे के रणनीतिक ठिकानों को निशाना बना रहे हैं, जिससे युद्ध का दायरा लगातार बढ़ रहा है।

कार्गो जहाज पर हमले के आरोप और राजधानी कीव पर बड़े मिसाइल हमले ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि संघर्ष अभी समाप्त होने के संकेत नहीं दे रहा। बढ़ते सैन्य अभियान, नागरिक हताहतों और समुद्री व्यापार पर पड़ते प्रभाव के बीच अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता भी लगातार बढ़ती जा रही है।

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