एक्टर संजय दत्त हाल ही में शेखर सुमन के पॉडकास्ट में नजर आए, जहां उन्होंने भारत में शांति न मिलने को लेकर एक बयान दिया। संजय दत्त ने कहा कि उन्हें अब इंडिया में ‘पीस’ नहीं मिलता।
एंटरटेनमेंट न्यूज़: बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त इन दिनों अपने एक बयान को लेकर चर्चा में हैं। हाल ही में शेखर सुमन के पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान उन्होंने भारत में मानसिक शांति महसूस न होने को लेकर टिप्पणी की थी। उनके इस बयान का एक हिस्सा सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद कई यूजर्स ने अभिनेता की आलोचना शुरू कर दी। अब संजय दत्त ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी बात स्पष्ट करते हुए कहा है कि उनके बयान का गलत अर्थ निकाला गया।
अभिनेता ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति, समुदाय या संस्था की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पॉडकास्ट में कही गई उनकी बातें एक पहले से तय बातचीत के संदर्भ में थीं और उनका अंदाज हल्का-फुल्का रखा गया था।
किस बयान पर शुरू हुआ विवाद?
शेखर सुमन के पॉडकास्ट में संजय दत्त ने अपने अनुभवों और बदलते माहौल पर बात करते हुए कहा था कि उन्हें अब भारत में पहले जैसी शांति महसूस नहीं होती। उन्होंने भारतीय लोगों के स्नेह और मेहमाननवाजी की तारीफ भी की थी, लेकिन साथ ही यह संकेत दिया था कि समय के साथ परिस्थितियों में बदलाव आया है।
उनकी इसी टिप्पणी को सोशल मीडिया पर अलग-अलग संदर्भों में देखा गया। कुछ लोगों ने उनके बयान पर सवाल उठाए, जबकि कई यूजर्स ने नाराजगी भी जताई। बयान को लेकर बहस बढ़ने के बाद संजय दत्त को सार्वजनिक रूप से अपना पक्ष रखना पड़ा।
Sanjay Dutt ने सोशल मीडिया पर क्या कहा?

विवाद के बीच संजय दत्त ने एक्स पर एक पोस्ट के जरिए सफाई दी। उन्होंने कहा कि उनकी मंशा कभी भी किसी व्यक्ति, समुदाय या संस्था का अपमान करने की नहीं थी। अभिनेता ने इस बात पर जोर दिया कि उनकी टिप्पणी को जिस संदर्भ में पेश किया गया, वह मूल बातचीत से अलग था। उन्होंने बताया कि पॉडकास्ट में हुई बातचीत पहले से तय स्क्रिप्ट के आधार पर आगे बढ़ाई गई थी और उसका मकसद गंभीर विवाद पैदा करना नहीं, बल्कि बातचीत को सहज और मनोरंजक बनाए रखना था। संजय दत्त के मुताबिक, उनकी बातों को संदर्भ से अलग करके देखने के कारण गलतफहमी पैदा हुई।
आलोचना के बाद अभिनेता ने दी सफाई
संजय दत्त की सफाई ऐसे समय आई है जब सोशल मीडिया पर सेलिब्रिटी के बयानों को लेकर तुरंत प्रतिक्रिया देखने को मिलती है। किसी बातचीत का एक हिस्सा वायरल होने के बाद उसके व्यापक संदर्भ पर चर्चा कम और किसी एक टिप्पणी पर प्रतिक्रिया ज्यादा होने लगती है। अभिनेता ने अपने स्पष्टीकरण में यह संदेश देने की कोशिश की कि उनके शब्दों को किसी धार्मिक, सामाजिक या व्यक्तिगत भावना के खिलाफ टिप्पणी के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह किसी विवाद को बढ़ाने के पक्ष में नहीं हैं।
भारत और प्रशंसकों के प्रति सम्मान का किया जिक्र
अपने स्पष्टीकरण में संजय दत्त ने भारतीयों के प्यार और गर्मजोशी के प्रति सम्मान की बात दोहराई। अभिनेता ने अपने लंबे करियर के दौरान देश में मिले प्रशंसकों के समर्थन को कई मौकों पर महत्व दिया है। ऐसे में उनके हालिया बयान के बाद उठे विवाद के बीच उन्होंने यह स्पष्ट करने की कोशिश की कि उनकी टिप्पणी को भारत या भारतीय समाज के प्रति नकारात्मक सोच के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।











