SCO Meeting 2026: राजनाथ सिंह ताजिकिस्तान रवाना, दुशांबे में क्षेत्रीय सहयोग और व्यापार पर होगी चर्चा

SCO Meeting 2026: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 19-20 अक्टूबर को ताजिकिस्तान के दुशांबे में शंघाई सहयोग संगठन की 25वीं बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सोमवार को ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे के लिए रवाना हुए। वह 19 और 20 अक्टूबर 2026 को आयोजित होने वाली शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की काउंसिल ऑफ हेड्स ऑफ गवर्नमेंट की 25वीं बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।

नई दिल्ली: भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की 25वीं काउंसिल ऑफ हेड्स ऑफ गवर्नमेंट (CHG) बैठक में हिस्सा लेने के लिए ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे रवाना हो गए हैं। 19 और 20 अक्टूबर 2026 को आयोजित होने वाली इस उच्चस्तरीय बैठक में भारत क्षेत्रीय सहयोग, आर्थिक विकास, व्यापार, निवेश और कनेक्टिविटी से जुड़े मुद्दों पर अपना पक्ष रखेगा। 

बैठक के दौरान सदस्य देशों के बीच जारी सहयोग की समीक्षा करने के साथ संगठन के वित्तीय और संस्थागत कामकाज को बेहतर बनाने के उपायों पर भी विचार किया जाएगा। इस बैठक को भारत के लिए मध्य एशियाई देशों के साथ आर्थिक और रणनीतिक संबंध मजबूत करने के एक महत्वपूर्ण अवसर के रूप में देखा जा रहा है।

दुशांबे में SCO की 25वीं बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे राजनाथ सिंह

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी यात्रा की जानकारी साझा करते हुए बताया कि वह 19-20 अक्टूबर को ताजिकिस्तान में होने वाली एससीओ की बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए रवाना हो रहे हैं। उन्होंने बैठक के प्रमुख एजेंडे में संस्कृति, कनेक्टिविटी, अर्थव्यवस्था, नवाचार, निवेश और लोगों के बीच आपसी संपर्क को मजबूत बनाने जैसे विषयों का उल्लेख किया।

इस बैठक में सदस्य देशों के बीच सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए मौजूदा पहलों की प्रगति का आकलन किया जाएगा। इसके अलावा, संगठन की संस्थागत व्यवस्था और वित्तीय कामकाज से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है। एससीओ का उद्देश्य सदस्य देशों के बीच राजनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा संबंधी सहयोग को प्रोत्साहित करना है। ऐसे में दुशांबे की बैठक क्षेत्रीय साझेदारी को अधिक प्रभावी बनाने और साझा हितों से जुड़े विषयों पर संवाद बढ़ाने का मंच प्रदान करेगी।

व्यापार और कनेक्टिविटी पर भारत का विशेष जोर

SCO Meeting 2026: राजनाथ सिंह ताजिकिस्तान रवाना, दुशांबे में क्षेत्रीय सहयोग और व्यापार पर होगी चर्चा

भारत ने एससीओ के आर्थिक सहयोग को मजबूत बनाने के लिए व्यापार बढ़ाने, परिवहन संपर्क में सुधार करने और आपूर्ति श्रृंखलाओं को अधिक भरोसेमंद बनाने पर जोर दिया है। भारत का मानना है कि सदस्य देशों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी और व्यापार की लागत में कमी से आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है।

भारत की ओर से पहले आयोजित एससीओ व्यापार संबंधी बैठक में वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त सचिव यशवीर सिंह ने संगठन की आर्थिक संभावनाओं को रेखांकित किया था। उन्होंने व्यापार को बढ़ावा देने, आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करने और बाजार तक बेहतर पहुंच उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर जोर दिया।

भारत ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए सुरक्षा, कनेक्टिविटी और अवसर को तीन महत्वपूर्ण स्तंभों के रूप में प्रस्तुत किया। इन प्राथमिकताओं का उद्देश्य सदस्य देशों के बीच व्यापारिक गतिविधियों को आसान बनाना, परिवहन नेटवर्क को मजबूत करना और व्यवसायों के लिए नए अवसर पैदा करना है।

डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और नवाचार में सहयोग

भारत एससीओ के विभिन्न सहयोग तंत्रों में सक्रिय भागीदारी करता रहा है। स्टार्टअप, नवाचार, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने जैसे क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाना भारत की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। डिजिटल तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में सहयोग से सदस्य देशों को सार्वजनिक सेवाओं में सुधार, व्यापारिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने और नए उद्यमों को प्रोत्साहित करने में मदद मिल सकती है। 

इसके साथ ही, बेहतर परिवहन और व्यापारिक संपर्क से क्षेत्रीय बाजारों तक पहुंच आसान बनाने की संभावनाएं भी बढ़ती हैं। दुशांबे में होने वाली बैठक के दौरान इन क्षेत्रों में सहयोग को व्यावहारिक रूप देने और पारस्परिक लाभ वाली पहलों को आगे बढ़ाने पर चर्चा की जाएगी।

Leave a comment