उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ के उत्तम कुमार तिवारी ने आर्थिक तंगी, अंग्रेजी की कमजोरी और कई प्रतियोगी परीक्षाओं में असफलताओं का सामना किया। लगातार मेहनत के दम पर उन्होंने UP PCS 2021 में 24वीं रैंक हासिल कर SDM बनने का सपना पूरा किया।
SDM उत्तम कुमार तिवारी की Success Story: उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ के रहने वाले उत्तम कुमार तिवारी की कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो बार-बार असफल होने के बाद भी अपने लक्ष्य तक पहुंचना चाहते हैं। इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद महज 10 हजार रुपये महीने की नौकरी से करियर शुरू करने वाले उत्तम ने UPSC, PCS और SSB जैसी परीक्षाओं में कई बार असफलता झेली। इसके बावजूद उन्होंने तैयारी जारी रखी और UP PCS 2021 में 24वीं रैंक हासिल कर SDM बने।
पिता का सपना था IIT में पढ़ाना, लेकिन अंग्रेजी बनी बड़ी चुनौती
उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ के रहने वाले उत्तम कुमार तिवारी का बचपन सीमित आर्थिक संसाधनों वाले परिवार में बीता। उनके पिता सिविल कोर्ट में क्लर्क थे। परिवार में तीन बहनें और दो भाई थे। आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं होने के बावजूद उनके पिता चाहते थे कि बेटा IIT से इंजीनियरिंग की पढ़ाई करे और बेहतर करियर बनाए।
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इस सपने को पूरा करने के लिए परिवार ने अपनी बचत से 42 हजार रुपये जुटाए, ताकि उत्तम IIT-JEE की तैयारी कर सकें। हालांकि, हिंदी माध्यम से पढ़ाई करने के कारण अंग्रेजी उनके लिए बड़ी चुनौती बन गई। भाषा की परेशानी और अन्य कठिनाइयों के चलते वह IIT में दाखिला नहीं ले सके। लेकिन उन्होंने पढ़ाई जारी रखने का फैसला किया।
इसके बाद उत्तम ने ग्रेटर नोएडा के एक निजी कॉलेज से BTech किया। कॉलेज में भी अंग्रेजी को लेकर उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ा। एक बार बुनियादी अंग्रेजी शब्दों में गलती होने पर प्रोफेसर से मिली फटकार ने उन्हें काफी प्रभावित किया। इसी अनुभव ने उन्हें अपनी कमजोरी दूर करने और खुद को साबित करने के लिए प्रेरित किया।
BTech के बाद 10 हजार की नौकरी, फिर SSB और UPSC में असफलता
इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल करने के बाद उत्तम कुमार तिवारी के लिए नौकरी पाना आसान नहीं रहा। कॉलेज से बेहतर प्लेसमेंट नहीं मिलने और आर्थिक परेशानियों के कारण उन्हें कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा। उन्होंने कॉल सेंटर में भी नौकरी पाने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। आखिरकार उन्हें 10 हजार रुपये प्रतिमाह की नौकरी मिली। बीटेक में लाखों रुपये खर्च करने के बाद इतनी कम सैलरी मिलने पर उन्हें लोगों के ताने भी सुनने पड़े।
नौकरी करते हुए उन्होंने सरकारी सेवाओं में जाने की तैयारी शुरू की। इस दौरान बैंक और इंश्योरेंस क्षेत्र में उनका चयन भी हुआ। इसके बावजूद उन्होंने सेना और सिविल सेवा में करियर बनाने का लक्ष्य नहीं छोड़ा।
उत्तम ने सेना में अधिकारी बनने के लिए पांच बार SSB इंटरव्यू दिया, लेकिन सफल नहीं हो सके। इसके बाद उन्होंने UPSC सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी की। उन्होंने तीन बार परीक्षा दी, लेकिन प्रारंभिक परीक्षा पास नहीं कर पाए।
UP PCS की तैयारी के दौरान भी उन्हें लगातार संघर्ष करना पड़ा। उन्होंने छह बार PCS मुख्य परीक्षा दी और पांच बार इंटरव्यू तक पहुंचे। बार-बार अंतिम चरण के करीब पहुंचकर असफल होना किसी के लिए भी निराशाजनक हो सकता है, लेकिन उत्तम ने अपनी तैयारी जारी रखी।
UP PCS 2021 में 24वीं रैंक हासिल कर बने SDM
लगातार असफलताओं के बीच उत्तम कुमार तिवारी ने अपनी कमियों को पहचानने और उनमें सुधार करने पर ध्यान दिया। नौकरी के साथ परिवार की जिम्मेदारियां भी निभानी थीं। शादी और बच्चे की जिम्मेदारी के बावजूद उन्होंने सिविल सेवा में जाने का लक्ष्य नहीं छोड़ा।
उनके लिए यह सफर केवल परीक्षा पास करने तक सीमित नहीं था, बल्कि आर्थिक परेशानियों और खुद को लेकर बनी धारणाओं से बाहर निकलने का भी संघर्ष था। उन्होंने हर असफलता से सीखने और अगली कोशिश में बेहतर प्रदर्शन करने की दिशा में काम किया।
आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई। UPPSC PCS 2021 की परीक्षा में उत्तम कुमार तिवारी ने 24वीं रैंक हासिल की और SDM बने। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश के जालौन जिले की उरई सदर तहसील में SDM के पद पर तैनात हैं।
उत्तम की कहानी बताती है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हमेशा पहली या दूसरी कोशिश में नहीं मिलती। कई बार लंबे संघर्ष, गलतियों से सीखने और लगातार प्रयास करते रहने की जरूरत होती है। उनकी यात्रा उन अभ्यर्थियों के लिए प्रेरणा है, जो असफलताओं के कारण अपने लक्ष्य से पीछे हटने का विचार कर रहे हैं।











