भारतीय महिला क्रिकेट टीम की उप-कप्तान और स्टार बल्लेबाज स्मृति मंधाना ने म्यूज़िक कम्पोज़र पलाश मुच्छल से शादी कैंसिल करने के बाद पहली बार अपनी चुप्पी तोड़ी है।
स्पोर्ट्स न्यूज़: भारतीय महिला क्रिकेट टीम की उप-कप्तान और विश्व क्रिकेट की सबसे लोकप्रिय खिलाड़ियों में शामिल स्मृति मंधाना ने म्यूजिक कम्पोजर पलाश मुच्छल से शादी रद्द होने के बाद पहली बार चुप्पी तोड़ी है। हाल ही में आयोजित अमेज़ॉन संभव समिट में कप्तान हरमनप्रीत कौर के साथ शामिल होकर उन्होंने खुलकर अपनी निजी और पेशेवर जिंदगी पर बात की।
पिछले कुछ दिनों में स्मृति और पलाश मुच्छल की शादी रद्द होने की खबरों ने सुर्खियां बटोरी थीं। 7 दिसंबर को स्मृति ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल पर एक बयान जारी कर बताया था कि दोनों परिवारों की सहमति से शादी का निर्णय रद्द किया गया है, और उन्होंने मीडिया व फैंस से निजी जीवन का सम्मान करने की अपील की थी।
'क्रिकेट से ज्यादा मुझे कुछ भी पसंद नही' - स्मृति मंधाना
स्मृति मंधाना ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि पिछले 12 सालों के क्रिकेट करियर ने उन्हें यह एहसास कराया है कि उनकी जिंदगी में क्रिकेट से ज्यादा कोई चीज मायने नहीं रखती। उन्होंने कहा,
'मुझे क्रिकेट से ज्यादा कुछ पसंद नहीं। इंडिया की जर्सी पहनना ही मेरी सबसे बड़ी प्रेरणा है। यह आपको मजबूत बनाता है और आपकी सारी परेशानियों को पीछे छोड़ने में मदद करता है।'
2013 में भारत के लिए डेब्यू करने वाली यह बाएं हाथ की स्टार बल्लेबाज आज महिला क्रिकेट का सबसे बड़ा चेहरा हैं। उन्होंने भारत को वर्ल्ड कप जिताने तक के अपने सफर को याद करते हुए कई भावुक पल भी साझा किए।
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डेब्यू से वर्ल्ड कप तक का सफर
स्मृति ने याद किया कि बचपन से ही उनका सपना था कि लोग उन्हें एक दिन ‘वर्ल्ड चैंपियन’ कहें। उन्होंने बताया कि बल्लेबाजी का जुनून उनके अंदर बचपन से था, और उसी जुनून ने उन्हें भारतीय टीम तक पहुंचाया। भारत की हालिया वर्ल्ड कप जीत को याद करते हुए उन्होंने कहा:
'हम इस जीत का बहुत इंतजार कर रहे थे। मैच से पहले हमने इसे अपने दिमाग में सच होते हुए देखा था। जब स्क्रीन पर वह क्षण आया, तो रोंगटे खड़े हो गए।'
स्मृति मंधाना ने यह भी बताया कि वर्ल्ड कप जीत टीम के लिए ही नहीं बल्कि भारत की दो दिग्गज खिलाड़ी मिताली राज और झूलन गोस्वामी के लिए भी बेहद खास थी। उन्होंने कहा, उनके लिए जीतना हमारी जिम्मेदारी जैसा था। उनकी आंखों में आंसू देखकर महसूस हुआ कि यह सिर्फ हमारी नहीं, पूरी महिला क्रिकेट की जीत थी।








