शाहजहांपुर: युवती के बयान में हेराफेरी मामले में SI संजीव कुमार निलंबित, ACJM ने पकड़ी गड़बड़ी

शाहजहांपुर के जलालाबाद थाने में युवती के बयान में हेराफेरी पर एसआई संजीव कुमार निलंबित। एसीजेएम की जांच में ओवरराइटिंग की पुष्टि, पुलिस जांच जारी है।

शाहजहांपुर के जलालाबाद थाने में युवती के बयान में कथित हेराफेरी करने पर एसआई संजीव कुमार को निलंबित कर दिया गया। एसीजेएम की जांच में अभिलेखों में ओवरराइटिंग और तथ्य बदलने की पुष्टि हुई, जिसके बाद कार्रवाई की गई।

शाहजहांपुर युवती बयान हेराफेरी मामला में उत्तर प्रदेश के जलालाबाद थाने में तैनात सब-इंस्पेक्टर संजीव कुमार को युवती के बयान में कथित छेड़छाड़ और अभिलेखों में बदलाव के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई एसीजेएम द्वितीय मनीष कुमार की जांच के बाद हुई, जिसमें दस्तावेजों में ओवरराइटिंग और तथ्य बदलने की पुष्टि हुई। मामले में एसपी सौरभ दीक्षित ने विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए हैं।

बयान में हेराफेरी का मामला: जलालाबाद थाने में एसआई निलंबित

शाहजहांपुर जिले के जलालाबाद थाने में युवती के बयान से छेड़छाड़ के गंभीर मामले में पुलिस विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। इस मामले में विवेचक एसआई संजीव कुमार को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई वरिष्ठ अधिकारियों और न्यायालय के आदेश के बाद की गई, जिससे पुलिस जांच प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठे हैं।

मामला उस समय सामने आया जब अदालत ने केस से जुड़े अभिलेखों की जांच की और उसमें गड़बड़ी पाई गई। एसीजेएम द्वितीय मनीष कुमार ने रिकॉर्ड का परीक्षण करते हुए पाया कि बयान में ओवरराइटिंग की गई थी, जिससे तथ्य बदलने की कोशिश की गई प्रतीत हुई। अदालत ने इसे गंभीर अनियमितता मानते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।

कोर्ट की जांच में सामने आई गड़बड़ी

शाहजहांपुर: युवती के बयान में हेराफेरी मामले में SI संजीव कुमार निलंबित, ACJM ने पकड़ी गड़बड़ी

जानकारी के अनुसार, एक युवती अपने परिचित युवक के साथ अपनी मर्जी से गई थी। पुलिस ने दोनों को बरामद करने के बाद युवक को जेल भेज दिया था और आगे की कार्रवाई के लिए रिमांड प्रार्थना पत्र दिया गया था। जब मामला अदालत में पहुंचा, तो न्यायाधीश ने अभिलेखों की बारीकी से जांच की।

जांच में पाया गया कि युवती के लिखित बयान में बदलाव किया गया था। मूल बयान में वह युवक के साथ अपनी मर्जी से जाने की बात लिखी गई थी, लेकिन विवेचना अधिकारी द्वारा उसमें शब्दों में हेराफेरी कर अर्थ बदलने की कोशिश की गई। अदालत ने इस पर गंभीर आपत्ति जताते हुए इसे न्याय प्रक्रिया से खिलवाड़ बताया।

पुलिस विभाग की कार्रवाई और स्थिति

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी सौरभ दीक्षित ने तत्काल प्रभाव से एसआई संजीव कुमार को निलंबित कर दिया। हालांकि, जांच में यह पाया गया कि थाना प्रभारी और महिला एसआई की इसमें कोई संलिप्तता नहीं थी, जिसके चलते उन्हें क्लीनचिट दे दी गई।

अधिकारियों का कहना है कि मामले की विभागीय जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। वहीं, इस घटना ने पुलिस जांच प्रणाली की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अदालत की सख्ती के बाद की गई यह कार्रवाई प्रशासनिक स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

Leave a comment