अभिनेत्री शालिनी पांडे ने अपने नाम से जुड़े फेक AI वीडियो मामले पर कड़ी नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने इस तरह की घटना को बेहद परेशान करने वाला बताते हुए इसकी निंदा की।
एंटरटेनमेंट न्यूज़: मनोरंजन जगत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के गलत इस्तेमाल को लेकर एक बार फिर चिंता सामने आई है। अभिनेत्री शालिनी पांडे ने सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे एक कथित फर्जी AI वीडियो पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। अभिनेत्री ने स्पष्ट किया कि वायरल वीडियो में दिखाई दे रही महिला वह नहीं हैं और वीडियो को कृत्रिम तरीके से तैयार किया गया है।
शालिनी पांडे ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट साझा करते हुए इस घटना को परेशान करने वाला बताया। उन्होंने लोगों से वीडियो को आगे बढ़ाने के बजाय उसकी रिपोर्ट करने की अपील की। अभिनेत्री का कहना है कि किसी व्यक्ति की पहचान और छवि का इस तरह इस्तेमाल करना टेक्नोलॉजी के दुरुपयोग का उदाहरण है और इसे सामान्य व्यवहार नहीं माना जाना चाहिए।
शालिनी पांडे ने फेक वीडियो पर क्या कहा?
शालिनी पांडे ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में वायरल हो रहे वीडियो को लेकर सफाई दी। उन्होंने बताया कि इंटरनेट पर प्रसारित किया जा रहा वीडियो पूरी तरह फर्जी है और उसमें वह मौजूद नहीं हैं। अभिनेत्री ने AI तकनीक के माध्यम से तैयार किए गए इस तरह के कंटेंट की आलोचना करते हुए कहा कि तकनीक का इस्तेमाल किसी व्यक्ति की छवि का गलत रूप में इस्तेमाल करने के लिए नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने इसे दुर्व्यवहार बताते हुए कहा कि ऐसे मामलों को सामान्य मान लेने से इस तरह की गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है।
उनकी प्रतिक्रिया ऐसे समय में आई है जब AI की मदद से तैयार किए गए फर्जी वीडियो और डीपफेक कंटेंट को लेकर दुनियाभर में चिंता बढ़ रही है। किसी व्यक्ति के चेहरे या आवाज को उसकी अनुमति के बिना बदलकर पेश करने वाली तकनीक का दुरुपयोग निजी और सार्वजनिक जीवन दोनों को प्रभावित कर सकता है।
फैंस से की वीडियो शेयर न करने की अपील
शालिनी ने अपनी पोस्ट में फैंस और सोशल मीडिया यूजर्स से विशेष सावधानी बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को ऐसा वीडियो दिखाई देता है, तो उसे शेयर, फॉरवर्ड या डाउनलोड करने से बचना चाहिए। अभिनेत्री ने लोगों से वीडियो पर किसी भी तरह की प्रतिक्रिया देने के बजाय उसे संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तुरंत रिपोर्ट करने को कहा। उनका मानना है कि फर्जी कंटेंट को ज्यादा लोगों तक पहुंचने से रोकना ही इस तरह की घटनाओं के खिलाफ सबसे जिम्मेदार कदम है।
शालिनी की इस अपील का उद्देश्य वायरल कंटेंट की पहुंच को सीमित करना है। सोशल मीडिया पर किसी फर्जी वीडियो को दोबारा पोस्ट या शेयर करने से उसकी पहुंच तेजी से बढ़ सकती है, भले ही उसे साझा करने वाला व्यक्ति उसकी वास्तविकता पर सवाल ही क्यों न उठा रहा हो।
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AI और डीपफेक को लेकर बढ़ती चुनौती
AI तकनीक ने वीडियो और तस्वीरें बनाने की प्रक्रिया को काफी आसान बना दिया है। जहां इसका इस्तेमाल फिल्म, विज्ञापन और मनोरंजन जैसे क्षेत्रों में रचनात्मक कार्यों के लिए किया जा रहा है, वहीं इसके गलत इस्तेमाल ने नई चुनौतियां भी पैदा की हैं। डीपफेक तकनीक के जरिए किसी व्यक्ति के चेहरे, आवाज या हावभाव को दूसरे कंटेंट में इस तरह इस्तेमाल किया जा सकता है कि वास्तविक और फर्जी सामग्री में अंतर करना मुश्किल हो जाए। ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्ति की प्रतिष्ठा, निजता और मानसिक सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।
शालिनी पांडे का मामला भी इसी व्यापक चिंता की ओर ध्यान खींचता है। अभिनेत्री ने अपने फैंस से जिम्मेदारी के साथ व्यवहार करने और फर्जी सामग्री को बढ़ावा न देने की अपील की है।
‘अर्जुन रेड्डी’ से मिली पहचान
शालिनी पांडे ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत तेलुगु फिल्म ‘अर्जुन रेड्डी’ से की थी। इस फिल्म में उनके अभिनय को दर्शकों ने काफी पसंद किया और वह मनोरंजन जगत में पहचान बनाने में सफल रहीं। इसके बाद उन्होंने हिंदी सिनेमा में भी कदम रखा। साल 2022 में वह रणवीर सिंह के साथ फिल्म ‘जयेशभाई जोरदार’ में नजर आई थीं।
इसके अलावा वह हाल के वर्षों में अलग-अलग फिल्मों और प्रोजेक्ट्स का हिस्सा रही हैं। शालिनी पांडे हाल ही में धनुष की फिल्म ‘इडली कढ़ाई’ में भी दिखाई दी थीं। इसी साल वह फिल्म ‘राहु केतु’ और सीरीज ‘बैंडवाले’ में भी नजर आई हैं।








