Stock Market Outlook: अगले हफ्ते बाजार पर पश्चिम एशिया संघर्ष, क्रूड और US Inflation Data का रहेगा असर

Stock Market Outlook: अगले हफ्ते West Asia Conflict, क्रूड कीमतें और US Inflation Data बाजार की दिशा तय करेंगे। FII Flow, रुपया और ग्लोबल संकेत भी अहम रहेंगे।

भारतीय शेयर बाजार की अगले हफ्ते की दिशा पश्चिम एशिया तनाव, कच्चे तेल की कीमतों और अमेरिकी महंगाई आंकड़ों से प्रभावित हो सकती है। FII flows, रुपये की चाल और वैश्विक बाजारों के रुझान भी अहम रहेंगे।

Stock Market: Stock Market Outlook के तहत अगले सप्ताह निवेशकों की नजर पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष, कच्चे तेल की कीमतों और अमेरिका के महंगाई आंकड़ों पर रहेगी। विशेषज्ञों के मुताबिक, इन संकेतकों के अलावा विदेशी संस्थागत निवेशकों की गतिविधियां, रुपये की चाल और वैश्विक बाजारों का रुख भारतीय शेयर बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

पश्चिम एशिया तनाव और क्रूड पर बाजार की नजर

भारतीय शेयर बाजार के लिए अगले सप्ताह पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव प्रमुख संकेतक रहेंगे। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव तथा होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बनी चिंताओं ने वैश्विक ऊर्जा बाजार में भू-राजनीतिक जोखिम बढ़ाया है।

Stock Market Outlook: अगले हफ्ते बाजार पर पश्चिम एशिया संघर्ष, क्रूड और US Inflation Data का रहेगा असर

रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (शोध) अजित मिश्रा के अनुसार, बाजार वैश्विक मौद्रिक नीति, कच्चे तेल की कीमतों और भू-राजनीतिक घटनाक्रमों को लेकर संवेदनशील रह सकता है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के उम्मीद से बेहतर रोजगार आंकड़ों के बाद सितंबर में होने वाली फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति बैठक को लेकर निवेशकों की बदलती उम्मीदों पर भी नजर रहेगी।

एनरिच मनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पोनमुडी आर ने बताया कि पिछले सप्ताह ब्रेंट क्रूड की कीमत में आठ प्रतिशत से अधिक, जबकि WTI में नौ प्रतिशत से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई।

US Inflation Data से तय होगी फेड की राह

अगले सप्ताह अमेरिकी महंगाई के आंकड़े बाजार के लिए एक महत्वपूर्ण ट्रिगर हो सकते हैं। इन आंकड़ों से फेडरल रिजर्व की आगामी मौद्रिक नीति को लेकर बाजार की उम्मीदों को दिशा मिल सकती है। इसका असर अमेरिकी बॉन्ड यील्ड, ब्याज दरों और वैश्विक निवेश धारणा पर भी पड़ सकता है।

HST Wealth के संस्थापक एवं सीईओ हरिसेल्वन राधाकृष्णन के मुताबिक, अमेरिकी महंगाई के आंकड़े फेडरल रिजर्व की नीतिगत दिशा और वैश्विक बाजार की धारणा के लिए महत्वपूर्ण होंगे। महंगाई के आंकड़ों में किसी भी अप्रत्याशित बदलाव से ब्याज दरों को लेकर बाजार की मौजूदा उम्मीदें बदल सकती हैं।

पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच क्रूड की ऊंची कीमतें भारतीय बाजार के लिए भी चिंता का विषय बनी हुई हैं। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के एक बड़े हिस्से के लिए आयात पर निर्भर है। ऐसे में लंबे समय तक महंगा कच्चा तेल महंगाई, बाहरी संतुलन और कंपनियों की लाभप्रदता पर दबाव डाल सकता है।

FII Flow और रुपये की चाल भी अहम

घरेलू बाजार में विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FII के प्रवाह पर भी निवेशकों की नजर रहेगी। इसके साथ रुपये की चाल और घरेलू बाजार में उपलब्ध नकदी की स्थिति भी बाजार के प्रदर्शन को प्रभावित कर सकती है।

होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े घटनाक्रम विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि यहां किसी भी बड़े घटनाक्रम का असर वैश्विक तेल आपूर्ति और कीमतों पर पड़ सकता है। इसका सीधा प्रभाव भारत की महंगाई और कंपनियों की लागत पर पड़ सकता है।

पिछले हफ्ते सेंसेक्स-निफ्टी में रही गिरावट

पिछले सप्ताह भारतीय शेयर बाजार में कमजोरी देखने को मिली। बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 749.08 अंक यानी 0.96 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ। वहीं एनएसई निफ्टी में 277.95 अंक यानी 1.14 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

ऐसे में अगले सप्ताह बाजार की दिशा कई घरेलू और वैश्विक संकेतकों के बीच तय होगी। अमेरिकी महंगाई आंकड़ों के साथ पश्चिम एशिया के घटनाक्रम, क्रूड ऑयल की कीमतें, विदेशी निवेशकों का रुख, रुपये की चाल और वैश्विक बाजारों के संकेत भारतीय शेयर बाजार के लिए प्रमुख कारक बने रहेंगे।

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