शेख हसीना का ऐलान- दिसंबर में बांग्लादेश लौटूंगी, गिरफ्तारी और प्रताड़ना का भी नहीं डर

शेख हसीना ने दिसंबर में बांग्लादेश लौटने की इच्छा जताई है। उन्होंने गिरफ्तारी और प्रताड़ना के खतरे की बात कही तथा भारत सरकार और लोगों का आभार व्यक्त किया।

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने दिसंबर में स्वदेश लौटने की इच्छा जताई है। उन्होंने गिरफ्तारी और प्रताड़ना के खतरे के बावजूद लौटने की बात कही और मुश्किल समय में शरण देने के लिए भारत का आभार व्यक्त किया।

ढाका: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और अवामी लीग की प्रमुख शेख हसीना ने दिसंबर 2026 में अपने देश लौटने का इरादा दोहराया है। उन्होंने कहा कि उन्हें गिरफ्तारी, प्रताड़ना और जान का खतरा होने की आशंका है, लेकिन इसके बावजूद वह स्वदेश लौटना चाहती हैं। भारत में रह रहीं हसीना ने कहा कि बांग्लादेश वापस जाना उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने मुश्किल समय में शरण देने के लिए भारत सरकार और यहां के लोगों के प्रति आभार भी जताया। उनके इस बयान से बांग्लादेश की राजनीति, कानूनी स्थिति और भारत-बांग्लादेश संबंधों को लेकर चर्चा फिर तेज हो गई है। 

शेख हसीना बोलीं- दिसंबर में अपने देश लौटूंगी

शेख हसीना ने 19 अक्टूबर को वॉशिंगटन स्थित सेंटर फॉर यूएस-बांग्लादेश रिलेशंस के एक कार्यक्रम में वर्चुअल माध्यम से हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने दिसंबर में बांग्लादेश लौटने की अपनी योजना दोहराई। उन्होंने कहा कि वह संभावित गिरफ्तारी, प्रताड़ना या हत्या के खतरे से डरकर अपने देश लौटने का फैसला नहीं बदलेंगी।

हसीना के मुताबिक, वह अपने देश लौटने को अपनी जिम्मेदारी मानती हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वापसी की कोई निश्चित तारीख सार्वजनिक नहीं की गई है। उनके बयान के अनुसार, दिसंबर में लौटने की योजना है, लेकिन इसकी वास्तविक समय-सीमा और परिस्थितियां अभी स्पष्ट नहीं हैं। 

उनके इस बयान को बांग्लादेश की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अगस्त 2024 में छात्र आंदोलन के बाद सत्ता से हटने और देश छोड़ने के बाद से हसीना भारत में रह रही हैं। अब उनकी संभावित वापसी का सवाल दोनों देशों के राजनीतिक और कूटनीतिक संबंधों के लिए अहम हो गया है।

भारत सरकार और लोगों का जताया आभार

शेख हसीना ने भारत में रहने के दौरान समर्थन और शरण देने के लिए भारतीय सरकार तथा यहां के लोगों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि भारत ने मुश्किल समय में उन्हें सहारा दिया और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद की।

हसीना ने अपने परिवार के इतिहास का उल्लेख करते हुए 1975 की घटनाओं को भी याद किया। उस वर्ष बांग्लादेश में सैन्य तख्तापलट के दौरान उनके पिता और देश के संस्थापक नेता शेख मुजीबुर रहमान की हत्या कर दी गई थी। इस घटना में उनकी मां और तीन भाइयों सहित परिवार के कई सदस्यों की भी हत्या हुई थी। उस समय शेख हसीना और उनकी बहन भारत में थीं और उन्हें यहीं शरण मिली थी।

हसीना ने भारत के प्रति आभार व्यक्त करते हुए मौजूदा परिस्थितियों में मिले समर्थन को अपने परिवार के साथ भारत के पुराने संबंधों से जोड़ा। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब उनकी भारत में मौजूदगी और बांग्लादेश वापसी का मुद्दा दोनों देशों के बीच संवेदनशील विषय बना हुआ है।

अवामी लीग और अपने खिलाफ मामलों पर क्या बोलीं हसीना?

शेख हसीना ने बांग्लादेश की मौजूदा सरकार और अपने राजनीतिक विरोधियों पर आरोप लगाया है कि उनके तथा अवामी लीग के नेताओं के खिलाफ कानूनी मामलों का इस्तेमाल राजनीतिक विरोध को दबाने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने निष्पक्ष सुनवाई और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की आवश्यकता पर जोर दिया।

हसीना का कहना है कि बांग्लादेश के नागरिकों को स्वतंत्र और समावेशी लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से अपनी सरकार चुनने का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने अपनी पार्टी के नेताओं और समर्थकों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई पर भी चिंता जताई है।

हालांकि, उनके आरोपों को स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्यों के बजाय उनके राजनीतिक दावों के रूप में देखा जाना चाहिए। दूसरी ओर, बांग्लादेश में उनके खिलाफ गंभीर कानूनी कार्रवाई हुई है। अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण ने 2025 में 2024 के आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों पर हिंसक कार्रवाई से जुड़े मानवता के खिलाफ अपराधों के मामले में उन्हें उनकी अनुपस्थिति में मृत्युदंड सुनाया था। हसीना ने इन आरोपों और कार्यवाही की वैधता पर सवाल उठाए हैं। 

2024 के छात्र आंदोलन के बाद भारत आई थीं हसीना

अगस्त 2024 में बांग्लादेश में छात्र नेतृत्व वाले आंदोलन ने बड़े राजनीतिक संकट का रूप ले लिया था। प्रदर्शनकारियों और तत्कालीन सरकार के बीच टकराव बढ़ने तथा हिंसक कार्रवाई के बाद शेख हसीना को प्रधानमंत्री पद छोड़ना पड़ा। 5 अगस्त 2024 को वह बांग्लादेश से भारत आ गई थीं।

उनके सत्ता से हटने के बाद बांग्लादेश की राजनीति में बड़ा बदलाव आया। अवामी लीग की राजनीतिक स्थिति कमजोर हुई और पार्टी पर प्रतिबंध लगा दिया गया। हसीना के खिलाफ कानूनी कार्रवाई तथा उनके भारत में रहने का मुद्दा भी दोनों देशों के बीच चर्चा का विषय बना रहा है। 

हसीना की संभावित वापसी इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि उन्हें अपने देश में गंभीर कानूनी परिणामों का सामना करना पड़ सकता है। उनकी वापसी की घोषणा के बावजूद यह स्पष्ट नहीं है कि वह किस तारीख को लौटेंगी और वहां पहुंचने पर कानूनी प्रक्रिया किस तरह आगे बढ़ेगी।

भारत-बांग्लादेश संबंधों पर पड़ सकता है असर

शेख हसीना के भारत आने के बाद से दोनों देशों के रिश्तों में तनाव के मुद्दे सामने आए हैं। बांग्लादेश की सरकार उनकी वापसी और प्रत्यर्पण के सवाल को उठाती रही है, जबकि भारत को अपने पड़ोसी देश के साथ कूटनीतिक संबंधों और क्षेत्रीय सहयोग को भी ध्यान में रखना पड़ता है।

हसीना की मौजूदगी, उनके राजनीतिक बयान और उनके खिलाफ चल रही कानूनी प्रक्रिया दोनों देशों के बीच संवेदनशील विषय हैं। बांग्लादेश की सरकार उनके खिलाफ मामलों को कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा मानती है, जबकि हसीना का आरोप है कि उनके खिलाफ कार्रवाई राजनीतिक रूप से प्रेरित है।

भारत और बांग्लादेश के संबंध व्यापार, सीमा सुरक्षा, संपर्क व्यवस्था और क्षेत्रीय सहयोग जैसे कई विषयों से जुड़े हैं। ऐसे में हसीना की संभावित वापसी को लेकर किसी भी घटनाक्रम का असर द्विपक्षीय बातचीत पर पड़ सकता है। हालांकि, भविष्य में संबंध किस दिशा में आगे बढ़ेंगे, यह दोनों सरकारों के फैसलों और कानूनी परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।

दिसंबर में वापसी पर टिकी नजरें

शेख हसीना ने दिसंबर में बांग्लादेश लौटने का अपना इरादा स्पष्ट किया है, लेकिन अभी तक वापसी की निश्चित तारीख सामने नहीं आई है। उन्होंने संभावित खतरे के बावजूद स्वदेश लौटने की बात कही है और इसे अपनी जिम्मेदारी बताया है।

उनकी वापसी की योजना के साथ कई सवाल जुड़े हैं। इनमें बांग्लादेश में उनके खिलाफ चल रहे मामलों की स्थिति, उनकी सुरक्षा, अवामी लीग की राजनीतिक भूमिका और भारत-बांग्लादेश संबंधों पर संभावित प्रभाव शामिल हैं।

फिलहाल हसीना का बयान उनकी घोषित मंशा को दर्शाता है, न कि उनकी वापसी की पुष्टि को। दिसंबर में वास्तव में क्या होता है, यह आने वाले घटनाक्रम, कानूनी परिस्थितियों और संबंधित पक्षों के फैसलों से स्पष्ट होगा।

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