शेयर बाजार की तेजी से टॉप-10 कंपनियों की वैल्यू में ₹4.13 लाख करोड़ का इजाफा, HDFC Bank सबसे बड़ा गेनर

बीते हफ्ते बाजार में तेजी से टॉप-10 कंपनियों में से 8 की मार्केट वैल्यू ₹4.13 लाख करोड़ बढ़ी है । HDFC Bank को सबसे ज्यादा ₹91,282 करोड़ का फायदा हुआ।

बीते हफ्ते शेयर बाजार की तेजी से टॉप-10 कंपनियों में से 8 की मार्केट वैल्यू ₹4.13 लाख करोड़ बढ़ी। HDFC Bank को सबसे ज्यादा फायदा हुआ, जबकि Reliance Industries और Infosys को हल्का नुकसान हुआ।

बिजनेस: भारतीय शेयर बाजार में बीते कारोबारी सप्ताह आई तेज़ी ने निवेशकों की संपत्ति में बड़ा इजाफा किया। देश की टॉप-10 सबसे मूल्यवान कंपनियों में से 8 का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन (मार्केट कैप) ₹4.13 लाख करोड़ से अधिक बढ़ गया। इस उछाल में सबसे बड़ी हिस्सेदारी बैंकिंग सेक्टर की रही, जहां HDFC Bank और ICICI Bank ने सबसे मजबूत प्रदर्शन किया।

बीते सप्ताह BSE Sensex 4,230.7 अंक यानी 5.77% चढ़ा, जबकि Nifty 50 में 1,337.5 अंकों (5.88%) की तेजी दर्ज की गई। यह हाल के वर्षों की सबसे मजबूत साप्ताहिक तेजी में से एक रही।

इस रैली के पीछे मुख्य वजहें रहीं—अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, अमेरिका-ईरान तनाव में अस्थायी नरमी, और घरेलू स्तर पर निवेशकों का मजबूत भरोसा। इन संकेतों ने भारतीय बाजार को नई ऊर्जा दी।

HDFC Bank बना सबसे बड़ा विजेता

सप्ताह भर की तेजी में सबसे ज्यादा फायदा HDFC Bank को हुआ। बैंक का मार्केट कैप ₹91,282.67 करोड़ बढ़कर ₹12.47 लाख करोड़ के पार पहुंच गया। यह बढ़त बताती है कि निवेशकों का भरोसा बड़े निजी बैंकों पर लगातार मजबूत बना हुआ है।

विशेषज्ञों का मानना है कि:

मजबूत बैलेंस शीट,

बेहतर क्रेडिट ग्रोथ,

कम एनपीए,

और ब्याज दरों के स्थिर रहने की उम्मीद

इन कारणों से बैंकिंग शेयरों में खरीदारी बढ़ी।

आईसीआईसीआई बैंक और बजाज फाइनेंस ने भी दिया शानदार रिटर्न

ICICI Bank की मार्केट वैल्यू ₹76,036.36 करोड़ बढ़कर ₹9.46 लाख करोड़ पहुंच गई। यह निजी बैंकिंग सेक्टर में निवेशकों के बढ़ते विश्वास का संकेत है।

वहीं बजाज फाइनेंस में भी मजबूत उछाल दर्ज किया। कंपनी का मार्केट कैप ₹60,980.35 करोड़ बढ़ा।

फाइनेंशियल सेक्टर में तेजी की बड़ी वजहें

बेहतर लोन डिमांड,

मजबूत उपभोक्ता खर्च,

और ब्याज दर स्थिर रहने की उम्मीद।

Bharti Airtel और SBI ने भी बढ़ाई निवेशकों की संपत्ति

दिग्गज Larsen & Toubro की वैल्यू ₹47,624.97 करोड़ बढ़ी।

Bharti Airtel की मार्केट वैल्यू में ₹45,873.43 करोड़ की तेजी आई।

वहीं देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक State Bank of India ने ₹43,614.67 करोड़ का इजाफा दर्ज किया।

यह बढ़त दर्शाती है कि:

इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश,

टेलीकॉम डेटा डिमांड,

और सरकारी बैंकिंग सुधार

बाजार की धारणा को मजबूत कर रहे हैं।

TCS और HUL ने भी दिखाई मजबूती

आईटी सेक्टर की बड़ी कंपनी Tata Consultancy Services की वैल्यू ₹26,303.49 करोड़ बढ़ी।

वहीं उपभोक्ता क्षेत्र की दिग्गज Hindustan Unilever के मार्केट कैप में ₹21,287.29 करोड़ की बढ़त हुई।

इससे साफ है कि:

डिफेंसिव सेक्टर,

आईटी,

और एफएमसीजी

सभी में खरीदारी देखी गई।

Reliance और Infosys को मामूली झटका

जहां अधिकांश बड़ी कंपनियों को फायदा हुआ, वहीं Reliance Industries और Infosys को हल्का नुकसान हुआ।

Infosys का मार्केट कैप ₹3,285.03 करोड़ घटा।

Reliance Industries की वैल्यू में ₹947.28 करोड़ की मामूली गिरावट आई। हालांकि इसके बावजूद रिलायंस ₹18.27 लाख करोड़ से ज्यादा वैल्यू के साथ देश की सबसे मूल्यवान कंपनी बनी हुई है।

बाजार में तेजी की दो बड़ी वजहें

1. कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट

ब्रेंट क्रूड के दाम 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आने से भारत जैसे आयात-निर्भर देश को राहत मिली।

तेल सस्ता होने से:

महंगाई दबाव कम होता है,

चालू खाता घाटा नियंत्रित रहता है,

और कंपनियों की लागत घटती है।

2. जियोपॉलिटिकल तनाव में नरमी

अमेरिका-ईरान के बीच अस्थायी युद्धविराम की खबर से वैश्विक बाजारों में राहत आई। इससे भारतीय बाजार में भी जोखिम लेने की भावना बढ़ी।

आगे निवेशकों को किन बातों पर नजर रखनी चाहिए?

विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार में फिलहाल सकारात्मक माहौल है, लेकिन:

वैश्विक भू-राजनीतिक हालात,

अमेरिकी ब्याज दर संकेत,

विदेशी निवेशकों की खरीदारी,

और कंपनियों के तिमाही नतीजे

आगे की दिशा तय करेंगे।

निवेशकों को इस तेजी में जल्दबाजी से बचते हुए:

मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनियों में निवेश,

पोर्टफोलियो संतुलन,

और लंबी अवधि की रणनीति

पर ध्यान देना चाहिए।

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