भारतीय शेयर बाजार ने हफ्ते के आखिरी कारोबारी सत्र में मजबूत बढ़त के साथ क्लोजिंग दर्ज की। शुरुआती सुस्ती के बावजूद अंत में खरीदारी बढ़ने से प्रमुख सूचकांक हरे निशान में बंद हुए।
बिजनेस न्यूज़: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के साथ संभावित समझौते को लेकर आशावाद जताए जाने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। इससे लंबे समय तक आपूर्ति बाधित होने की आशंकाएं कम हुईं और वैश्विक बाजार में राहत का माहौल बना। तेल की कीमतों में इस नरमी का सीधा असर घरेलू शेयर बाजार पर भी देखने को मिला, जहां निवेशकों की धारणा सकारात्मक हुई और बाजार में सुधार का रुझान नजर आया।
सेंसेक्स और निफ्टी में मजबूती
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30 शेयरों वाला बेंचमार्क इंडेक्स BSE Sensex 504.86 अंक या 0.65 प्रतिशत की बढ़त के साथ 78,493.54 पर बंद हुआ। वहीं, व्यापक बाजार सूचकांक Nifty 50 156.80 अंक या 0.65 प्रतिशत चढ़कर 24,353.55 के स्तर पर पहुंच गया। दिनभर के कारोबार में बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला, लेकिन अंतिम घंटे की खरीदारी ने तेजी को मजबूती दी।
बाजार को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सकारात्मक संकेतों से भी समर्थन मिला। अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते को लेकर आशावाद बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। तेल कीमतों में नरमी से यह आशंका कम हुई कि आपूर्ति बाधित होगी, जिसका सीधा फायदा भारत जैसे आयात-निर्भर देशों को मिला।
विदेशी निवेशकों की खरीदारी
एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने गुरुवार को 382.36 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध खरीदारी की। विदेशी निवेशकों की यह भागीदारी बाजार में भरोसे का संकेत मानी जा रही है और इससे घरेलू सूचकांकों को मजबूती मिली है। विदेशी मुद्रा बाजार में भी सकारात्मक रुझान देखने को मिला। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 29 पैसे मजबूत होकर 92.85 (अस्थायी) पर बंद हुआ।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 92.93 पर खुला और दिन के दौरान 92.65 के उच्चतम स्तर तक पहुंचा। हालांकि, सत्र के अंत में यह 92.98 के निचले स्तर से थोड़ा ऊपर बंद हुआ। यह लगातार दूसरा दिन है जब रुपये में मजबूती दर्ज की गई है।








