सीकर में मानसिक रूप से कमजोर युवक की जमीन हड़पने और बैंक खाते से 3.50 लाख रुपये निकालने का मामला सामने आया है। आरोप है कि आरोपियों ने आधार व बैंक खाते में अपने नंबर जोड़कर धोखाधड़ी की। पुलिस जांच कर रही है।
सीकर: राजस्थान के सीकर जिले में एक मानसिक रूप से कमजोर युवक के साथ कथित धोखाधड़ी और जमीन हड़पने का मामला सामने आया है। आरोप है कि कुछ लोगों ने युवक की मानसिक स्थिति का फायदा उठाकर उसकी करीब तीन बीघा जमीन का सौदा करवा लिया और बाद में उसके बैंक खाते से लाखों रुपये अपने खातों में ट्रांसफर कर लिए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मानसिक कमजोरी का फायदा उठाने का आरोप
सीकर के दुर्गापुरा निवासी रणवीर सिंह ने कोतवाली पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत में उन्होंने बताया कि उनके भाई मदन सिंह मानसिक रूप से कमजोर हैं और पिछले कई वर्षों से उनका इलाज सीकर के निजी अस्पताल और एसके अस्पताल में चल रहा है।
रणवीर सिंह के अनुसार, मदन सिंह के नाम गांव में करीब तीन बीघा से अधिक कृषि भूमि थी। आरोप है कि गांव के ही रहने वाले गजसिंह और उसके साथियों भंवरलाल व सुरेश कुमार ने मदन सिंह की मानसिक स्थिति का फायदा उठाया और उनकी जमीन से जुड़ा सेल एग्रीमेंट तैयार करवाकर रजिस्ट्री करवा ली।
रजिस्ट्रार कार्यालय ले जाकर करवाई रजिस्ट्री
शिकायत के मुताबिक, आरोपियों ने 18 मार्च को मदन सिंह को अपने साथ सीकर स्थित रजिस्ट्रार कार्यालय ले जाकर जमीन की रजिस्ट्री करवा दी। परिवार को इस पूरे मामले की जानकारी बाद में मिली।
परिजनों का आरोप है कि मदन सिंह को दस्तावेजों और कानूनी प्रक्रिया की पूरी जानकारी नहीं थी, जिसका फायदा उठाकर आरोपियों ने जमीन अपने नाम करवाने की कोशिश की।
आधार कार्ड और बैंक खाते में बदले गए मोबाइल नंबर
परिवार ने आरोप लगाया कि जमीन की प्रक्रिया के बाद आरोपियों ने मदन सिंह के आधार कार्ड में अपने मोबाइल नंबर दर्ज करवा दिए। इसके बाद 31 मार्च को कोटक महिंद्रा बैंक में मदन सिंह के नाम से नया बैंक खाता खुलवाया गया।
आरोप है कि इस बैंक खाते में भी आरोपी गजसिंह ने अपना मोबाइल नंबर जुड़वा लिया, जिससे खाते से संबंधित जानकारी और लेनदेन पर उसका नियंत्रण हो गया।
डीएलसी राशि जमा होने के बाद किए गए ट्रांजैक्शन
शिकायत के अनुसार, 3 अप्रैल को जमीन से संबंधित डीएलसी राशि के रूप में करीब 3.50 लाख रुपये मदन सिंह के बैंक खाते में जमा हुए। आरोप है कि राशि खाते में आते ही आरोपी ने चार अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए यह रकम अपने बैंक खाते में ट्रांसफर कर ली।
परिवार को जब बैंक खाते और जमीन से जुड़े मामलों की जानकारी मिली तो उन्होंने पूरे मामले की जांच शुरू की और पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई।
ग्रामीण की सूचना से सामने आया मामला
रणवीर सिंह ने बताया कि जब आरोपी मदन सिंह को बैंक और रजिस्ट्रार कार्यालय लेकर जा रहे थे, तब गांव के एक व्यक्ति ने उन्हें जाते हुए देखा था। इसके बाद परिवार ने बैंक और गांव के लोगों से जानकारी जुटाई तो कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया।
परिजनों का कहना है कि मदन सिंह की मानसिक स्थिति कमजोर होने के कारण वह दस्तावेजों और आर्थिक लेनदेन को समझने में सक्षम नहीं थे। इसी कमजोरी का फायदा उठाकर उनके साथ धोखा किया गया।
पुलिस ने शुरू की जांच
कोतवाली थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच अधिकारी हेड कांस्टेबल कल्याण सिंह ने बताया कि बैंक रिकॉर्ड, जमीन से जुड़े दस्तावेज और अन्य सबूतों के आधार पर पूरे मामले की जांच की जा रही है।
पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि जमीन की रजिस्ट्री और बैंक खाते से हुए लेनदेन में किन लोगों की भूमिका रही। जांच के बाद ही मामले की पूरी स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
मानसिक रूप से कमजोर लोगों की संपत्ति सुरक्षा पर सवाल
यह मामला मानसिक रूप से कमजोर और असहाय लोगों की संपत्ति सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे मामलों में परिवार के सदस्यों को संपत्ति और बैंकिंग गतिविधियों पर नजर रखनी चाहिए तथा किसी भी कानूनी दस्तावेज पर हस्ताक्षर से पहले पूरी जानकारी सुनिश्चित करनी चाहिए।
देशभर में ऐसे कई मामले सामने आते रहे हैं, जहां कमजोर या असहाय लोगों को निशाना बनाकर उनकी संपत्ति और आर्थिक संसाधनों पर कब्जा करने की कोशिश की जाती है। ऐसे मामलों में समय पर शिकायत और कानूनी कार्रवाई बेहद महत्वपूर्ण होती है।












