SL vs ZIM: जिम्बाब्वे की ऐतिहासिक जीत, ट्राई सीरीज के दूसरे मैच में श्रीलंका को 67 रनों से करारी शिकस्त

ट्राई सीरीज़ के दूसरे मुकाबले में जिम्बाब्वे ने शानदार प्रदर्शन करते हुए श्रीलंका को 67 रनों से हराया। इस जीत को टीम की ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है। जानें

पाकिस्तान की मेजबानी में रावलपिंडी में खेली जा रही टी20 ट्राई सीरीज 2025 के दूसरे मुकाबले में जिम्बाब्वे ने श्रीलंका को 67 रनों से करारी शिकस्त दी। इस जीत के साथ जिम्बाब्वे ने टी20 इंटरनेशनल में किसी फुल मेंबर टीम के खिलाफ रनों के अंतर से अपनी सबसे बड़ी जीत दर्ज की।

स्पोर्ट्स न्यूज़: पाकिस्तान की मेजबानी में चल रही टी20 ट्राई सीरीज में पाकिस्तान, जिम्बाब्वे और श्रीलंका की टीमें हिस्सा ले रही हैं। टूर्नामेंट के दूसरे मैच में जिम्बाब्वे ने शानदार प्रदर्शन करते हुए श्रीलंका को 67 रनों के बड़े अंतर से हराया। रावलपिंडी क्रिकेट स्टेडियम में जिम्बाब्वे ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 162 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया। 

लक्ष्य का पीछा करते हुए श्रीलंका की पूरी टीम 95 रन पर ढेर हो गई। यह जिम्बाब्वे की टी20 में किसी फुल मेंबर टीम के खिलाफ सबसे बड़ी रन-अंतर की जीत है। पहले मैच में पाकिस्तान ने जिम्बाब्वे को करीबी मुकाबले में हराया था, लेकिन दूसरे मैच में सिकंदर रज़ा की कप्तानी में जिम्बाब्वे ने बेहतरीन खेल दिखाया।

जिम्बाब्वे की दमदार बल्लेबाजी: बेनेट और रजा चमके

जिम्बाब्वे की बैटिंग की शुरुआत एक बार फिर ब्रायन बेनेट ने शानदार अंदाज में की। हालांकि उनके जोड़ीदार तदिवानाशे मारुमानी 10 रन बनाकर जल्दी आउट हो गए। अनुभवी ब्रैंडन टेलर भी बड़ी पारी नहीं खेल सके और सिर्फ 11 रन जोड़ पाए। इसके बाद कप्तान सिकंदर रजा और बेनेट ने पारी को संभालते हुए 61 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी की। इस पार्टनरशिप ने टीम को मजबूत आधार प्रदान किया और स्कोर को 100 के पार पहुंचाया। बेनेट लगातार दूसरे मैच में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 49 रन बनाकर आउट हुए, जबकि रजा ने 32 गेंदों में 47 रन की दमदार पारी खेली, जिसमें 3 चौके और 2 छक्के शामिल थे।

निचले क्रम में रेयान बर्ल ने आते ही दो विशाल छक्के लगाए, हालांकि वानिंदु हसरंगा ने लगातार दो गेंदों पर बर्ल और टोनी मुनयोंगा के विकेट लेकर श्रीलंका को राहत दिलाई। जिम्बाब्वे ने निर्धारित 20 ओवर में 8 विकेट खोकर 162 रन बनाए। श्रीलंका की तरफ से हसरंगा ने तीन और ईशान मलिंगा ने दो विकेट झटके।

श्रीलंका की बैटिंग हुई पूरी तरह ध्वस्त

162 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए श्रीलंका की शुरुआत बेहद खराब रही। पहले ही ओवर में टीम को पाथुम निसांका के रूप में बड़ा झटका लगा, जो बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए। टीम शुरुआत में ही दबाव में आ गई और कोई भी बल्लेबाज बड़ी साझेदारी नहीं कर सका। टॉप ऑर्डर के कुसल परेरा (4) और कुसल मेंडिस (6) भी जल्दी आउट हो गए। कप्तान दासुन शनाका ने जरूर कुछ संघर्ष दिखाया और 25 गेंदों पर सर्वाधिक 34 रन बनाए, लेकिन उन्हें कोई साथी बल्लेबाज सहयोग नहीं दे पाया।

श्रीलंका के लिए सिर्फ भानुका राजपक्षे ही दहाई का आंकड़ा छू सके, जिन्होंने 11 रन बनाए। बाकी बल्लेबाज एक-एक कर जिम्बाब्वे की आक्रामक गेंदबाजी के सामने धराशायी होते गए। जिम्बाब्वे की गेंदबाजी श्रीलंका पर भारी पड़ी। ब्रैंडन इवांस ने 4 ओवर में सिर्फ 9 रन देकर 3 विकेट लिए। रिचर्ड गरावा ने 4 ओवर में 15 रन देकर 2 विकेट झटके। कप्तान सिकंदर रजा ने अपने ऑलराउंड प्रदर्शन के चलते प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड हासिल किया।

फुल मेंबर टीमों के खिलाफ जिम्बाब्वे की सबसे बड़ी टी20 जीतें

  • 67 रन बनाम श्रीलंका, रावलपिंडी – 2025
  • 31 रन बनाम बांग्लादेश, खुलना – 2016
  • 31 रन बनाम आयरलैंड, होबार्ट – 2022
  • 26 रन बनाम वेस्टइंडीज, पोर्ट ऑफ स्पेन – 2010
  • 23 रन बनाम बांग्लादेश, हरारे – 2021

यह जीत जिम्बाब्वे क्रिकेट के लिए ऐतिहासिक है और टीम की लगातार बेहतर हो रही परफॉर्मेंस को दर्शाती है।

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