पान मसाला विज्ञापन मामले में सलमान खान को राहत मिली है। नेशनल कंज्यूमर फोरम ने कोटा कंज्यूमर फोरम की कार्रवाई पर स्टे लगा दिया है। अब FSL जांच और व्यक्तिगत पेशी की प्रक्रिया फिलहाल रोक दी गई है। अगली सुनवाई 14 जुलाई को होगी।
बॉलीवुड: अभिनेता सलमान खान को पान मसाला विज्ञापन से जुड़े एक उपभोक्ता विवाद मामले में बड़ी अंतरिम राहत मिली है। राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (NCDRC) ने कोटा जिला उपभोक्ता फोरम में उनके खिलाफ चल रही कार्यवाही पर रोक (स्टे) लगा दी है। इस निर्णय के बाद फिलहाल अभिनेता को किसी प्रकार की व्यक्तिगत उपस्थिति या फॉरेंसिक जांच (FSL) के लिए कोटा अदालत में पेश नहीं होना पड़ेगा।
यह मामला राजश्री पान मसाला के कथित भ्रामक विज्ञापन से जुड़ा हुआ है, जिसमें अभिनेता की भूमिका को लेकर याचिकाकर्ता द्वारा आपत्ति जताई गई थी। फिलहाल यह पूरा विवाद न्यायिक प्रक्रिया के विभिन्न स्तरों पर विचाराधीन है और किसी भी पक्ष के अंतिम दावे पर अदालत का निर्णय आना बाकी है।
कोटा उपभोक्ता फोरम के आदेश पर था विवाद
कोटा जिला उपभोक्ता फोरम ने 26 दिसंबर 2025 को एक आदेश पारित किया था, जिसमें सलमान खान से जुड़े दस्तावेजों और हस्ताक्षरों की जांच फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) से कराने का निर्देश शामिल था। इसके साथ ही उन्हें व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर शपथ पत्र (अफिडेविट) प्रस्तुत करने के लिए भी कहा गया था।
इस आदेश के खिलाफ याचिकाकर्ता पक्ष की ओर से आपत्ति दर्ज की गई थी, जिसके बाद मामले ने कानूनी रूप से और जटिल रूप ले लिया। आरोप यह था कि सलमान खान द्वारा प्रस्तुत वकालतनामा और जवाबी दस्तावेजों पर किए गए हस्ताक्षरों की सत्यता को लेकर संदेह जताया गया था, जिसकी जांच की मांग की गई थी।
अवमानना याचिका और बढ़ा कानूनी विवाद
मामले में आगे बढ़ते हुए याचिकाकर्ता की ओर से अदालत की अवमानना (Contempt of Court) का आवेदन भी प्रस्तुत किया गया था। यह दावा किया गया कि अदालत के निर्देशों के बावजूद सलमान खान व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हुए।
इसी पूरे घटनाक्रम के बीच सलमान खान की ओर से राजस्थान हाईकोर्ट और राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग में याचिका दायर कर कोटा फोरम के आदेश पर रोक लगाने की मांग की गई थी। उनका तर्क था कि मामला अभी कानूनी समीक्षा के अधीन है और इस स्तर पर कठोर निर्देश उचित नहीं हैं।

हाईकोर्ट के बाद NCDRC ने भी दिया स्टे
इससे पहले 27 मई 2025 को राजस्थान हाईकोर्ट ने कोटा उपभोक्ता फोरम के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी थी। अब इसी क्रम में 10 जून को राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (NCDRC) ने भी मामले की सुनवाई करते हुए स्टे ऑर्डर जारी किया है।
इस स्टे आदेश के बाद कोटा फोरम की आगे की कार्रवाई फिलहाल स्थगित हो गई है। सलमान खान की कानूनी टीम ने हाईकोर्ट के आदेश की प्रति को भी फोरम में प्रस्तुत किया था, जिसके बाद कार्यवाही को रोका गया।
दस्तावेज़ी प्रक्रिया और नए आवेदन
मामले की सुनवाई के दौरान सलमान खान के वकील की ओर से यह भी बताया गया कि संबंधित दस्तावेजों और जवाबों पर हस्ताक्षर की वैधता को लेकर जो सवाल उठाए गए हैं, उन्हें उच्च स्तर पर चुनौती दी गई है।
इसी बीच याचिकाकर्ता पक्ष की ओर से यह भी जानकारी दी गई कि संबंधित मामले में कुछ दस्तावेज वापस लेने (withdrawal) से जुड़ा आवेदन भी प्रस्तुत किया गया है। इससे मामला और अधिक तकनीकी एवं प्रक्रियात्मक स्तर पर पहुंच गया है, जहां कई बिंदुओं पर अलग-अलग अदालतों में विचार किया जा रहा है।
अगली सुनवाई 14 जुलाई को निर्धारित
अब इस पूरे मामले की अगली सुनवाई 14 जुलाई को निर्धारित की गई है। तब तक कोटा उपभोक्ता फोरम में इस केस से जुड़ी कोई नई कार्रवाई नहीं होगी।
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, जब तक उच्च न्यायालय या राष्ट्रीय आयोग की ओर से अंतिम निर्णय नहीं आता, तब तक निचली अदालतों की कार्यवाही पर रोक बनी रह सकती है। ऐसे मामलों में अक्सर विभिन्न स्तरों पर स्टे ऑर्डर के चलते प्रक्रिया धीमी हो जाती है।
मामला क्या है: एक नजर में
यह विवाद कथित रूप से पान मसाला विज्ञापन में भ्रामक प्रचार से जुड़ा हुआ है, जिसमें उपभोक्ता अधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है। याचिकाकर्ता का दावा है कि विज्ञापन में प्रस्तुत जानकारी उपभोक्ताओं को गुमराह कर सकती है, जबकि संबंधित पक्ष इस दावे से सहमत नहीं है और मामले को कानूनी रूप से चुनौती दे रहा है।










